सीमा पार से पनपने वाले आतंकवाद को लेकर भारत ने एक बार फिर पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान को कड़ा संदेश दिया है। पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की ओर से आतंकवाद के खात्मे को लेकर किए गए बड़े दावों पर नई दिल्ली ने साफ कर दिया है कि खोखली बयानबाजी के बजाय जमीनी स्तर पर प्रमाण दिखने चाहिए। विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि दुनिया तब तक इन बयानों को गंभीरता से नहीं लेगी जब तक ठोस, पारदर्शी और वास्तविक कदम जमीन पर नजर न आएं।
आतंकवाद के खिलाफ बयानबाजी नहीं, प्रमाण जरूरी
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साप्ताहिक ब्रीफिंग में जोर देकर कहा कि पाकिस्तान को अपने इरादे साबित करने के लिए ठोस और पूरी तरह विश्वसनीय कदम उठाने होंगे। पाकिस्तानी सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने हाल ही में कहा था कि उनके देश के सशस्त्र बल आतंकवाद को परास्त करने का पूरा संकल्प ले चुके हैं। इस दावे का जवाब देते हुए भारत ने कहा कि सीमा पार आतंकवाद पर केवल कागजी या मौखिक वादों से काम नहीं चलने वाला है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय का भरोसा तभी कायम हो सकता है जब आतंकवाद के बुनियादी ढांचे के खिलाफ ठोस परिणाम सामने आएं।
अफगानिस्तान पर पाकिस्तानी हवाई हमलों की कड़ी निंदा
भारत ने अफगानिस्तान के कुनार और पक्तिका प्रांतों में पाकिस्तानी वायुसेना की ओर से किए गए हवाई हमलों पर भी सख्त रुख अख्तियार किया। विदेश मंत्रालय ने इन सैन्य कार्रवाइयों की तीखी भर्त्सना करते हुए इसे क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए सीधा खतरा बताया। रणधीर जायसवाल ने रेखांकित किया कि किसी संप्रभु पड़ोसी देश की भौगोलिक सीमाओं का ऐसा खुला उल्लंघन स्वीकार्य नहीं है। संयुक्त राष्ट्र मिशन के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया गया कि कुनार प्रांत में हुए इन हमलों में तीन आम नागरिकों की जान गई है जबकि चार लोग घायल हुए हैं। भारत ने पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की। यद्यपि पाकिस्तान का दावा था कि उसका निशाना आतंकवादी ठिकाने थे, लेकिन अफगानिस्तान ने भी अपनी संप्रभुता के इस उल्लंघन पर औपचारिक आपत्ति दर्ज कराई है। भारत ने अफगानिस्तान की संप्रभुता, स्वतंत्रता और क्षेत्रीय अखंडता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
रूस और यूक्रेन संघर्ष पर कूटनीतिक समाधान की पैरवी
यूक्रेन संकट पर भारत की सतत नीति को रेखांकित करते हुए प्रवक्ता ने बताया कि विदेश मंत्री एस. जयशंकर और यूक्रेन के विदेश मंत्री के बीच अहम बैठक हुई है। इस वार्ता के दौरान भारत ने अपना पुराना दृष्टिकोण दोहराया कि किसी भी युद्ध या विवाद का स्थायी हल केवल शांतिपूर्ण कूटनीति और सीधी बातचीत से ही निकल सकता है। भारत वर्तमान में रूस और यूक्रेन दोनों पक्षों के साथ लगातार राजनयिक संपर्क बनाए हुए है। अगर शांति बहाली की किसी भी प्रक्रिया में भारत अपनी तरफ से रचनात्मक योगदान दे सकता है, तो वह इसके लिए सदैव तत्पर रहेगा।
भारत और जापान के बीच रक्षा और आर्थिक साझेदारी
द्विपक्षीय कूटनीति के मोर्चे पर जापान की सत्तारूढ़ लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने भारत के विदेश सचिव से मुलाकात की। इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व LDP के इंटरनेशनल ब्यूरो के महानिदेशक तारो कोनो कर रहे थे। रणधीर जायसवाल ने जानकारी दी कि इस बैठक में दोनों देशों ने रणनीतिक संबंधों को आगे बढ़ाने, आर्थिक सुरक्षा साझेदारी को सुदृढ़ करने और रक्षा क्षेत्र में आपसी सहयोग को नया विस्तार देने पर गहन विचार-विमर्श किया।



















