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जयपुर में भाजपा के डेढ़ सौ वार्डों के उम्मीदवारों पर मंथन पूरा, टिकटों के ऐलान का इंतजारराजस्थान
30 अग॰ 2026, 11:30 pm (25 दिन पहले)· 5

जयपुर में भाजपा के डेढ़ सौ वार्डों के उम्मीदवारों पर मंथन पूरा, टिकटों के ऐलान का इंतजार

जयपुर नगर निगम चुनावों के लिए भाजपा ने सभी 150 वार्डों के उम्मीदवारों की सूची तैयार कर ली है। पार्टी बगावत और भीतरघात के डर से आखिरी वक्त पर नामों का ऐलान कर सकती है।

जयपुर नगर निगम के होने वाले चुनावों को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी के खेमे में आगामी चुनावों के मद्देनजर टिकट बंटवारे की प्रक्रिया लगभग पूरी की जा चुकी है, लेकिन आधिकारिक घोषणा न होने के कारण दावेदारों की बेचैनी बढ़ती जा रही है। नामांकन की समयसीमा जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, राजनीतिक गलियारों में टिकट पाने की चाह रखने वालों की धड़कनें तेज हो गई हैं और हर कोई पार्टी के अगले कदम पर नजरें टिकाए बैठा है।

पैनल तैयार लेकिन सूचियां जारी नहीं

संगठन के भीतर की जानकारियों के मुताबिक, शहर के सभी 150 वार्डों के लिए संभावित प्रत्याशियों के नामों का पैनल तैयार किया जा चुका है। चयन का काम पूरा होने के बावजूद भाजपा की तरफ से अब तक कोई आधिकारिक सूची सार्वजनिक नहीं की गई है। इस स्थिति के चलते पूरे शहर में दावेदार और उनके समर्थक फोन के जरिए एक-दूसरे से अंदरूनी खबरें जुटाने की कोशिश कर रहे हैं। कार्यकर्ता वरिष्ठ नेताओं से संपर्क साधकर अपनी उम्मीदवारी की स्थिति जानने में लगे हुए हैं, जिससे असमंजस का माहौल बना हुआ है।

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भीतरघात और बगावत से बचने की रणनीति

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पार्टी द्वारा सूची जारी करने में हो रही देरी के पीछे एक सोची-समझी चुनावी रणनीति काम कर रही है। संगठन चुनाव से ठीक पहले होने वाली बगावत और भीतरघात के जोखिम से बचना चाहता है। अगर टिकटों का ऐलान बहुत पहले कर दिया जाता है, तो जिन लोगों के नाम कटेंगे वे पार्टी से बगावत कर सकते हैं या विरोधी खेमे में जा सकते हैं। इस संभावित खतरे को टालने के लिए ही पार्टी नेतृत्व बेहद गोपनीयता के साथ अपने कदम बढ़ा रहा है।

अंतिम समय में चुनाव चिह्न बांटने की योजना

सामने आ रही जानकारियों के अनुसार, पार्टी इस बार लंबी सूचियां सार्वजनिक करने के बजाय सीधे चयनित उम्मीदवारों को फोन या अन्य माध्यमों से सूचित करने की तैयारी में है। इसके अलावा, पार्टी का आधिकारिक चुनाव चिह्न और जरूरी कागजात भी बिल्कुल आखिरी वक्त पर ही दिए जाने की चर्चाएं हैं। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 अगस्त होने की वजह से आज रात से लेकर कल सुबह तक का समय काफी अहम माना जा रहा है। इस दौरान टिकटों को लेकर चल रहा सस्पेंस अपने चरम पर पहुंच सकता है और इस अंतिम दौर की हलचल ने पूरे प्रदेश का सियासी पारा गरमा दिया है।

सवाल-जवाब

जयपुर नगर निगम चुनावों में कितने वार्डों के लिए उम्मीदवारों का चयन हुआ है?
जयपुर नगर निगम के कुल 150 वार्डों के लिए प्रत्याशियों का चयन पूरा किया गया है।
भाजपा द्वारा उम्मीदवारों की आधिकारिक सूची जारी क्यों नहीं की जा रही है?
पार्टी समय से पहले टिकट मिलने पर संभावित बगावत और भीतरघात के जोखिम को टालना चाहती है।
नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख क्या है?
नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 अगस्त है।
इस बार टिकट वितरण को लेकर क्या रणनीति अपनाई जा रही है?
पार्टी सार्वजनिक सूची जारी करने के बजाय सीधे फोन के जरिए सूचना देने और आखिरी समय में चुनाव चिह्न बांटने की योजना बना रही है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·25 दिन पहले

जयपुर नगर निगम चुनावों में टिकट वितरण को लेकर चल रही यह गोपनीयता केवल राजनीतिक रणनीति नहीं, बल्कि कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक सुरक्षा के लिहाज से भी संवेदनशील है। जब राजनीतिक दल अंतिम क्षणों में उम्मीदवारों के नामों की घोषणा करते हैं और चुनाव चिह्न बांटते हैं, तब समर्थकों की भीड़ और संभावित असंतोष के कारण कानून-व्यवस्था बिगड़ने का खतरा बढ़ जाता है। नामांकन की अंतिम तिथि 31 अगस्त नजदीक होने के कारण जिला प्रशासन और पुलिस बल को राजनीतिक कार्यालयों तथा नामांकन केंद्रों पर अतिरिक्त सतर्कता बरतनी होगी, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।

Rohan Verma@rohan-verma·25 दिन पहले

जयपुर नगर निगम चुनावों में भाजपा की अंतिम समय में टिकट देने की यह रणनीति सिर्फ संगठनात्मक अनुशासन तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक मशीनरी और कानून-व्यवस्था पर अचानक भारी दबाव आ जाता है। 31 अगस्त की नामांकन समयसीमा नजदीक होने के कारण जब देर रात या अंतिम क्षणों में नाम सामने आएंगे, तब कलेक्ट्रेट और नामांकन केंद्रों पर समर्थकों की भारी भीड़ उमड़ने की पूरी आशंका है। ऐसे में पुलिस और जिला प्रशासन को किसी भी अप्रिय स्थिति या हंगामे से निपटने के लिए पहले से ही पुख्ता सुरक्षा इंतजाम करने होंगे ताकि चुनावी प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।

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