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जयपुर फैक्ट्री ब्लास्ट: दिल्ली से बारूद लेकर पहुंचे दो युवकों की भी मौत, 24 घंटे बाद हुई पहचानराजस्थान
16 जून 2026, 1:30 pm (88 दिन पहले)· 2

जयपुर फैक्ट्री ब्लास्ट: दिल्ली से बारूद लेकर पहुंचे दो युवकों की भी मौत, 24 घंटे बाद हुई पहचान

जयपुर के खो नागोरियान इलाके में पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट और आग में दिल्ली से विस्फोटक लेकर आए नासिर और रेहान भी झुलसकर मारे गए, जबकि फैक्ट्री संचालक फिरोज मौके से फरार हो गया।

जयपुर के खो नागोरियान थाना क्षेत्र में हुए भीषण विस्फोट और फैक्ट्री अग्निकांड की जांच में एक नया और चौंकाने वाला पहलू सामने आया है। पुलिस को पता चला है कि जिस रोज यह हादसा हुआ, उसी दिन दिल्ली से बारूद से लदे वाहन लेकर पहुंचे दो युवक भी फैक्ट्री में मौजूद थे, और आग की लपटों में घिरकर उन्होंने भी अपनी जान गंवा दी। दोनों की शिनाख्त घटना के तकरीबन 24 घंटे बाद ही हो पाई।

दिल्ली से सामान पहुंचाकर वहीं रुक गए थे दोनों

जानकारी के मुताबिक विस्फोटक सामग्री से भरे वाहनों के साथ नासिर और रेहान नामक युवक दिल्ली से जयपुर आए थे। बताया जा रहा है कि दोनों तड़के दिल्ली से निकले और बारूद से भरे वाहन लेकर जयपुर की इस फैक्ट्री तक पहुंचे। सामान खाली कराने के बाद आम तौर पर उन्हें दिल्ली लौट जाना था, लेकिन किसी वजह से वे वहीं ठहर गए और फैक्ट्री परिसर में आराम करने लगे। इसी बीच फैक्ट्री में अचानक जोरदार धमाका हुआ और देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया।

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निकलने का मौका तक नहीं मिला

धमाके के बाद लपटें इतनी तेजी से फैलीं कि अंदर मौजूद लोग बाहर तक नहीं निकल सके। पुलिस की पड़ताल में सामने आया कि उसी समय नासिर और रेहान भी फैक्ट्री के भीतर थे और आग की चपेट में आ गए। बुरी तरह झुलसने के बाद दोनों को अस्पताल ले जाया गया, मगर इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। जांच में यह भी पता चला है कि विस्फोट के बाद फैक्ट्री संचालक फिरोज मौके से फरार हो गया। आरोप है कि हादसे के बाद घायलों की मदद करने के बजाय उसने खुद को बचाने में लगा दिया और वहां से भाग निकला।

एक गाजियाबाद का, दूसरा दिल्ली का निवासी

मृतकों में नासिर उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद क्षेत्र का बताया जा रहा है, जबकि रेहान दिल्ली के नंदपुरी इलाके का रहने वाला था। हादसे में दोनों इतनी बुरी तरह झुलस गए थे कि शुरुआत में उनकी पहचान तक नहीं हो सकी। पुलिस ने परिजनों और दस्तावेजों की मदद से करीब 24 घंटे बाद दोनों की शिनाख्त की। अब पुलिस यह जानने में जुटी है कि फैक्ट्री में यह विस्फोटक सामग्री किस मकसद से रखी गई थी और सुरक्षा मानकों का पालन हुआ था या नहीं।

थाना प्रभारी की अगुवाई में जारी है जांच

खो नागोरियान थाना पुलिस पूरे मामले की बारीकी से जांच कर रही है। थाना प्रभारी प्रकाशराम के नेतृत्व में टीम फैक्ट्री के संचालन, विस्फोटक सामग्री की आपूर्ति, उसके परिवहन और सुरक्षा इंतजामों से जुड़े हर पहलू को खंगाल रही है। पुलिस यह भी देख रही है कि फैक्ट्री में मौजूद बाकी लोगों की क्या भूमिका रही और हादसे के जिम्मेदार लोगों पर कौन-कौन सी कानूनी कार्रवाई होगी। फिलहाल जांच जारी है और पुलिस का कहना है कि पूरी पड़ताल के बाद ही मामले से जुड़े सभी तथ्य सामने रखे जाएंगे।

सवाल-जवाब

नासिर और रेहान कौन थे और उनकी मौत कैसे हुई?
दोनों दिल्ली से बारूद से भरे वाहन लेकर जयपुर की फैक्ट्री पहुंचे थे और सामान खाली कराने के बाद वहीं रुक गए थे, धमाके और आग की चपेट में आने से इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
दोनों की पहचान में देरी क्यों हुई?
हादसे में दोनों बुरी तरह झुलस गए थे, इसलिए शुरू में पहचान नहीं हो सकी और पुलिस ने परिजनों व दस्तावेजों की मदद से करीब 24 घंटे बाद उनकी शिनाख्त की।
फैक्ट्री संचालक का क्या हुआ?
विस्फोट के बाद फैक्ट्री संचालक फिरोज मौके से फरार हो गया, उस पर घायलों की मदद करने के बजाय खुद को बचाकर भाग निकलने का आरोप है।
मामले की जांच कौन कर रहा है?
खो नागोरियान थाना पुलिस थाना प्रभारी प्रकाशराम के नेतृत्व में फैक्ट्री संचालन, विस्फोटक की आपूर्ति, परिवहन और सुरक्षा इंतजामों की जांच कर रही है।
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