सिरोही जिले के आबूरोड क्षेत्र में आने वाली शिवाजी कॉलोनी में एक आवारा सांड के हमले में तीन साल का एक मासूम बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया। पीड़ित बच्चे की पहचान निशांत के रूप में हुई है, जो भाजपा जिला मंत्री दुर्गेश राव का बेटा है। शाम के समय हुई इस दर्दनाक घटना ने आवारा पशुओं के आतंक और उन्हें नियंत्रित करने में स्थानीय प्रशासन की नाकामी को एक बार फिर उजागर कर दिया है। इस हादसे के बाद से पूरी कॉलोनी और आस-पास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के बीच डर और गुस्से का माहौल है।
घर के बाहर खेलते समय अचानक हुआ हमला
यह खौफनाक हादसा 11 सितंबर की शाम को करीब साढ़े छह बजे पेश आया। तीन वर्षीय निशांत अपने घर के बाहर अन्य बच्चों के साथ खेल रहा था, तभी वहां एक आवारा सांड अचानक आ धमका। इससे पहले कि वहां मौजूद कोई भी व्यक्ति स्थिति को समझ पाता या बच्चों को सुरक्षित स्थान पर ले जा पाता, सांड ने आक्रामक रुख अपना लिया। सांड ने सीधे मासूम निशांत पर हमला बोला और उसे अपने नुकीले सींगों पर उठाकर बेरहमी से जमीन पर पटक दिया। इस अचानक हुए हमले से वहां खेल रहे बच्चों और स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया।
बच्चे को बचाने की कोशिश में मां भी घायल
चीख-पुकार सुनकर दुर्गेश राव की पत्नी अपने बेटे को बचाने के लिए तुरंत बाहर दौड़ीं। बच्चे को सांड के चंगुल से छुड़ाने के प्रयास में वह खुद भी उसकी चपेट में आ गईं और चोटिल हो गईं। इस दौरान आस-पास के पड़ोसियों ने सूझबूझ और बहादुरी दिखाई। स्थानीय लोग तुरंत लाठी-डंडे लेकर मौके पर पहुंचे और सांड को वहां से खदेड़ने में कामयाब रहे, जिससे बच्चे की जान बच सकी। इस जानलेवा हमले में निशांत के सिर पर गंभीर चोटें आई हैं, जिसके बाद उसे तुरंत उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है।
सड़कों पर मवेशियों के कारण मंडराता हादसों का खतरा
शिवाजी कॉलोनी के निवासियों का कहना है कि आबूरोड में आवारा पशुओं द्वारा लोगों को निशाना बनाए जाने का यह कोई पहला मामला नहीं है। पूरे शहर के प्रमुख मार्गों, व्यस्त बाजारों और आवासीय कॉलोनियों में आवारा सांडों और अन्य मवेशियों का जमावड़ा लगा रहता है। सड़कों के बीचों-बीच सांडों की आपसी लड़ाई होना यहां एक आम बात बन चुकी है। इस वजह से पैदल चलने वाले राहगीरों, महिलाओं, बुजुर्गों और विशेष रूप से स्कूल जाने वाले बच्चों का घरों से निकलना दूभर हो गया है। नागरिकों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि जिम्मेदार अधिकारी किसी बड़े हादसे का इंतजार करते हैं और उससे पहले कोई ठोस कदम नहीं उठाते।
नगरपालिका को चेतावनी और सख्त कार्रवाई की मांग
इस हादसे के बाद भाजपा जिला मंत्री दुर्गेश राव ने स्थानीय प्रशासन और नगरपालिका की ढुलमुल कार्यप्रणाली पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। उन्होंने नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी (EO) से मुलाकात कर उन्हें एक लिखित ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन के जरिए दुर्गेश राव ने मांग की है कि आबूरोड की सड़कों पर घूम रहे सभी आवारा पशुओं को तुरंत पकड़कर सुरक्षित गौशालाओं में भेजा जाए। इसके अलावा, उन्होंने उन पशुपालकों के खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है जो अपने मवेशियों को सड़कों पर खुला छोड़ देते हैं। स्थानीय निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि नगरपालिका प्रशासन ने इस समस्या का स्थायी और जल्द समाधान नहीं निकाला, तो वे सड़क पर उतरकर उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।



















