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झारखंड में फिर सक्रिय हुआ मानसून, गढ़वा और हजारीबाग समेत 7 जिलों में मूसलाधार बारिश व वज्रपात की चेतावनीझारखंड
9 सित॰ 2026, 5:11 am (16 दिन पहले)· 3

झारखंड में फिर सक्रिय हुआ मानसून, गढ़वा और हजारीबाग समेत 7 जिलों में मूसलाधार बारिश व वज्रपात की चेतावनी

झारखंड में मानसून के दोबारा जोर पकड़ने से मौसम केंद्र रांची ने 7 जिलों में भारी बारिश और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है।

झारखंड में मानसूनी गतिविधियों ने एक बार फिर तेजी पकड़ ली है, जिसके कारण राज्य के कई हिस्सों में झमाझम बारिश और मौसम के बदले मिजाज का सिलसिला शुरू हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मौसम केंद्र रांची द्वारा जारी ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, बुधवार को राज्य के विभिन्न हिस्सों में तेज गरज और चमक के साथ मूसलाधार बारिश होने की प्रबल संभावना बनी हुई है। मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी जारी की है कि इस मानसूनी स्पेल के दौरान वज्रपात और तेज हवाएं चलने का भी खतरा मंडरा रहा है। 9 सितंबर से लेकर 11 सितंबर तक राज्य में बारिश का जोर सबसे अधिक रहने का अनुमान है, जबकि 12 से 14 सितंबर के बीच भी कई जिलों में मौसम खराब रह सकता है।

7 जिलों में भारी बारिश, तेज हवाओं और वज्रपात का अलर्ट

मौसम विभाग ने राज्य के सात पश्चिमी और पठारी जिलों को विशेष रूप से अलर्ट पर रखा है। गढ़वा, पलामू, चतरा, लातेहार, लोहरदगा, गुमला और हजारीबाग में कहीं-कहीं अत्यंत भारी वर्षा होने की आशंका व्यक्त की गई है। इन जिलों में केवल बारिश ही नहीं, बल्कि 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने और बिजली गिरने का भी जोखिम जताया गया है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि हालांकि अलर्ट मुख्य रूप से इन 7 जिलों केंद्रित है, लेकिन मानसून की व्यापक सक्रियता के चलते राज्य के लगभग सभी अन्य जिलों में हल्की से मध्यम दर्ज की बौछारें पड़ने से इनकार नहीं किया जा सकता है।

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उत्तर-पूर्वी क्षेत्रों और कोयलांचल में भी बदलेगा मौसम

मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक उत्तर-पूर्वी झारखंड के जिलों के साथ-साथ बोकारो और धनबाद के औद्योगिक इलाकों में भी बारिश और गर्जन की गतिविधियां बढ़ने जा रही हैं। इन क्षेत्रों में भी बादलों की आवाजाही के साथ रुक-रुककर तेज बारिश और हवा के थपेड़ों का सामना करना पड़ सकता है। राज्य का कोई भी जिला ऐसा नहीं है जहां बारिश की संभावना को पूरी तरह खारिज किया जा सके। कई इलाकों में दिनभर में कई बार मौसम का मिजाज बदल सकता है और रुक-रुककर बारिश का दौर जारी रह सकता है।

9 से 14 सितंबर तक का विस्तृत मौसम पूर्वानुमान

मानसून की आगामी चाल को लेकर जारी बुलेटिन के अनुसार 9 सितंबर को बारिश की तीव्रता सबसे ज्यादा महसूस की जाएगी, जिसमें सात अलर्ट वाले जिलों में भारी वर्षा, वज्रपात और तेज हवाएं शामिल हैं। इसके बाद 10 सितंबर को भी राहत की संभावना कम है। इस दिन रांची, रामगढ़, हजारीबाग, कोडरमा, बोकारो, धनबाद और गिरिडीह जिलों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। 11 सितंबर को भी राज्य के बहुसंख्यक इलाकों में बादलों का पहरा रहेगा और गरज-चमक के साथ वर्षा का दौर जारी रहने के आसार हैं। 12 सितंबर से बारिश के फैलाव में थोड़ी कमी देखने को मिल सकती है, परंतु स्थानीय स्तर पर हल्की बौछारें और आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी बरकरार रखी गई है। 13 और 14 सितंबर को भी आंशिक बादल छाए रहने और उपखंडीय पूर्वानुमान के अनुसार कहीं-कहीं वज्रपात होने की संभावना बनी रहेगी।

तापमान का मिजाज और पठारी इलाकों में ठंडक

लगातार हो रही बारिश और बादलों के जमावड़े के चलते रांची, खूंटी, गुमला, सिमडेगा, लोहरदगा और हजारीबाग समेत आसपास के पठारी क्षेत्रों में तापमान में गिरावट आई है, जिससे मौसम काफी सुहावना और ठंडा हो गया है। प्रांतीय राजधानी रांची में अधिकतम तापमान 27 से 29 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किए जाने का अनुमान लगाया गया है। इसके विपरीत, दक्षिण-पूर्वी झारखंड के जिलों जैसे पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-خरसावां में तापमान अपेक्षाकृत अधिक रहने की उम्मीद है, जहाँ 8 सितंबर के आंकड़ों के अनुसार पारा 34 से 36 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। वहीं दूसरी ओर, लातेहार जिले में रात के समय न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस तक गिरने का अनुमान जताया गया है।

पिछले 24 घंटों की वर्षा की स्थिति

मानसून के ताजा प्रभाव से पहले भी राज्य के कई हिस्सों में वर्षा दर्ज की गई है। 8 सितंबर को राजधानी रांची में दिनभर बादलों की आवाजाही के बीच कई दौर की बारिश हुई। जमशेदपुर शहर और उसके आसपास के बिष्टुपुर इलाके में भी जोरदार बारिश दर्ज की गई, जिससे सड़कों पर पानी भर गया था। इस प्रकार, मानसूनी हवाओं के पुनः सक्रिय होने से संपूर्ण झारखंड में आने वाले दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने वाला है।

सवाल-जवाब

झारखंड के किन 7 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है?
गढ़वा, पलामू, चतरा, लातेहार, लोहरदगा, गुमला और हजारीबाग जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश और वज्रपात का अलर्ट जारी किया गया है।
10 सितंबर को रांची और आसपास के जिलों में कैसा मौसम रहेगा?
10 सितंबर को रांची, रामगढ़, हजारीबाग, कोडरमा, बोकारो, धनबाद और गिरिडीह में भारी बारिश और गर्जन की संभावना जताई गई है।
बारिश के दौरान हवा की रफ्तार कितनी हो सकती है?
मौसम विभाग के अनुसार 7 अलर्ट वाले जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
रांची में अधिकतम तापमान कितना रहने का अनुमान है?
बादल छाए रहने और बारिश के कारण रांची में अधिकतम तापमान 27 से 29 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है।
राज्य में किस जिले में सबसे कम न्यूनतम तापमान का अनुमान है?
लातेहार जिले में न्यूनतम तापमान गिरकर लगभग 20 डिग्री सेल्सियस तक रहने का अनुमान जताया गया है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·16 दिन पहले

हालाँकि यह एक मौसमी खबर है, लेकिन क्राइम और आपदा प्रबंधन के दृष्टिकोण से इस तरह के तीव्र मानसूनी स्पेल और वज्रपात की चेतावनियाँ सार्वजनिक सुरक्षा के लिए एक बड़ा संकट पैदा करती हैं। गढ़वा, पलामू और हजारीबाग जैसे इलाकों में मूसलाधार बारिश और 40 किमी/घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं के दौरान खुले में बिजली गिरने की घटनाओं से जान-माल के नुकसान की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे में जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन इकाइयों को संवेदनशील ग्रामीण तथा शहरी क्षेत्रों में सुरक्षात्मक उपाय और चेतावनी प्रणालियां तुरंत सक्रिय कर देनी चाहिए ताकि किसी भी अनहोनी को टाला जा सके।

Rohan Verma@rohan-verma·16 दिन पहले

झारखंड में मानसून के इस सक्रिय दौर के बीच आपदा प्रबंधन के लिहाज से यह बेहद जरूरी है कि ग्रामीण इलाकों में वज्रपात से बचाव के लिए अर्ली वार्निंग सिस्टम को मजबूत किया जाए। गढ़वा और हजारीबाग जैसे पठारी जिलों में बिजली गिरने की घटनाओं का पुराना इतिहास रहा है, इसलिए जिला प्रशासन को तुरंत पंचायत स्तर पर जागरूकता अभियान चलाकर किसानों और आम नागरिकों को खुले खेतों व पेड़ों से दूर रहने की हिदायत देनी चाहिए ताकि जनहानि रोकी जा सके।

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