अश्लेशा नक्षत्र में गुरु का प्रवेश: अगले 49 दिनों तक मेष, मिथुन समेत इन 7 राशियों की चमकेगी किस्मतफरीदाबाद में मिट्टी की गणेश मूर्तियां पानी में मिनटों में घुलती हैं और 70 प्रतिशत तक सस्ती मिल रही हैंटाटा संस की अर्जी रिजर्व बैंक ने की खारिज, अब शेयर बाजार में दस्तक देने के अलावा नहीं बचा कोई रास्ताराजस्थान में डिजिटल स्क्रीन और उम्मीदों के भारी दबाव से घट रही बच्चों की एकाग्रता, मानसिक तनाव पर विशेषज्ञों की रायदेवघर में धान की बंपर पैदावार के लिए रोपाई के 20 से 25 दिनों बाद क्यों जरूरी है सही खाद का इस्तेमालदेहरादून में बैंक कर्मचारी पर 5 लाख की सुपारी देकर गोली चलवाने वाली पूर्व प्रेमिका और शूटर गिरफ्तारकिचन के चिपचिपे पंखे को नए जैसा चमकाने के लिए अपनाएं ये तीन बेहद आसान घरेलू नुस्खेगणेशोत्सव पर पाना है पारंपरिक और शाही लुक, तो आजमाएं पैठणी साड़ी के ये 5 बेहद खूबसूरत डिजाइनराजस्थान के पाली में सजता है बिना किराए वाला अनोखा बाजार, मात्र 5 रुपये से शुरू होती है कपड़ों की कीमतबीकानेर में करीब 1 करोड़ रुपये की व्हेल की उल्टी जब्त, महाराष्ट्र से आए तीन तस्करों पर कसा शिकंजा
कल्याण में कचरे के डिब्बे के पास बोरी में मिली 7 दिन की नवजात बच्ची, अस्पताल में भर्तीभारत
13 जून 2026, 1:50 am (92 दिन पहले)· 0

कल्याण में कचरे के डिब्बे के पास बोरी में मिली 7 दिन की नवजात बच्ची, अस्पताल में भर्ती

महाराष्ट्र के ठाणे जिले के कल्याण इलाके में चिकनिपाड़ा स्थित श्री विट्ठल मंदिर के बाहर कचरे के डिब्बे के पास बोरी में एक 7 दिन की नवजात बच्ची मिली, जिसे स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

महज 7 दिन की यह नन्ही बच्ची अभी इस दुनिया को ढंग से निहार भी नहीं पाई थी कि उसे एक ऐसी जगह छोड़ दिया गया, जिसने देखने-सुनने वाले हर इंसान को भीतर तक हिला दिया। महाराष्ट्र के ठाणे जिले के कल्याण क्षेत्र से सामने आई इस वारदात ने लोगों के मन में गहरा रोष भर दिया है। मामला यह है कि शुक्रवार की सुबह तड़के चिकनिपाड़ा स्थित श्री विट्ठल मंदिर के बाहर एक पेड़ के नीचे रखे कचरे के डिब्बे से एक नवजात बच्ची को बाहर निकाला गया।

मिली जानकारी के मुताबिक, सुबह के समय जब मंदिर आने-जाने वाले श्रद्धालुओं की निगाह कचरे के डिब्बे के पास पड़ी एक बोरी पर गई, तो उन्हें कुछ गड़बड़ी का अंदेशा हुआ। जैसे ही लोगों ने बोरी को खोलकर देखा तो उसके भीतर एक नवजात बच्ची मौजूद थी। बच्ची के मिलने की बात फैलते ही मौके पर लोगों का हुजूम इकट्ठा हो गया। स्थानीय निवासी पूजा दावेकर ने जरा भी देर किए बिना बच्ची को फौरन रुक्मणीबाई अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसका उपचार शुरू कर दिया।

ये भी पढ़ें

अस्पताल में जांच के दौरान राहत की बात यह रही कि बच्ची की हालत अभी स्थिर बताई गई है। डॉक्टरों के अनुसार नवजात की उम्र करीब 6 से 7 दिन के बीच है और उसे जरूरी इलाज मुहैया कराया जा रहा है। अस्पताल की डॉ. सुलोचना त्रिभुवन ने बच्ची की शुरुआती जांच की और उसकी देखरेख के पूरे इंतजाम पुख्ता किए। इस घटना की भनक लगते ही पूरे इलाके में लोगों का आक्रोश उबल पड़ा। स्थानीय लोगों ने एक नवजात को इस तरह बेसहारा छोड़ देने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई है।

लोगों का कहना है कि एक मासूम को कचरे के डिब्बे में फेंक देना बेहद अमानवीय और शर्मसार कर देने वाला काम है। दूसरी ओर, अस्पताल प्रशासन ने कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ा दी है। बच्ची को आगे की देखभाल और सुरक्षा के मद्देनजर शिशु गृह भेजने की तैयारी की जा रही है, ताकि उसे एक महफूज माहौल नसीब हो सके। मामले की सूचना मिलते ही कोलसेवाड़ी पुलिस भी सक्रिय हो गई है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और मंदिर परिसर के साथ-साथ आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की पड़ताल कर रही है।

इसके अतिरिक्त आसपास के दुकानदारों, मंदिर से जुड़े लोगों और नजदीकी रहवासियों से भी पूछताछ की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले को हर पहलू से परखा जा रहा है और बच्ची को वहां छोड़ने वाले व्यक्ति अथवा लोगों की शिनाख्त की कोशिशें लगातार जारी हैं।

संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR