राजस्थान के खैरथल-तिजारा में साइबर ठगी की जांच के दौरान बड़ा हादसा, पुलिस की मौजूदगी में युवक ने लगाया फंदाउत्तर प्रदेश विधान परिषद चुनाव 2026: भाजपा ने बनाई बढ़त, सपा ने दी कड़ी टक्कर; सीएम योगी आदित्यनाथ ने दी बधाईपारे की सतह पर सोना बनाने का दावा, राजस्थान के वैज्ञानिक लाल बहादुर के प्रयोग की शुरू हुई वैज्ञानिक जांचफरीदाबाद में फर्जी जॉब ऑफर के ज़रिए 89750 रुपये की साइबर ठगी, गाजियाबाद के 3 आरोपी गिरफ्तारराजस्थान के डीग में पंचायत चुनाव के दौरान भड़की हिंसा, सरपंच प्रत्याशियों के गुटों में पथराव से कई घायलयूडीपी से पाला बदलकर एनपीपी में शामिल हुए दो विधायक, मेघालय में बदला राजनीतिक गणित500 करोड़ के ऑडियो क्लिप मामले पर बोले मनोज जरांगे, जांच न होने पर 29 तारीख को दी सीधे टकराव की चेतावनीइलाहाबाद हाई कोर्ट दो पैन कार्ड मामले में आजम खान और अब्दुल्ला आजम पर आदेश सुरक्षित करने के बाद निर्णय देगा29 अक्टूबर को चंद्रमा का मिथुन राशि में प्रवेश, इन 7 राशियों के खुलेंगे उन्नति के द्वारमैनपुरी विधानसभा सीट का तीन दशक का इतिहास और 2027 के भावी सियासी समीकरण
कारतूसों के गायब रिकॉर्ड पर इलाहाबाद हाई कोर्ट सख्त, कहा, लाइसेंसी हथियार नहीं हैं हर्ष फायरिंग के लिएउत्तर प्रदेश
1 अग॰ 2026, 7:36 pm (88 दिन पहले)· 0

कारतूसों के गायब रिकॉर्ड पर इलाहाबाद हाई कोर्ट सख्त, कहा, लाइसेंसी हथियार नहीं हैं हर्ष फायरिंग के लिए

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने अखिलेश कुमार की याचिका खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि लाइसेंसी हथियार का उपयोग हर्ष फायरिंग के लिए नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने कहा कि 757 कारतूसों का रिकॉर्ड न देना लाइसेंस रद्द करने की पर्याप्त वजह है।

शस्त्र लाइसेंसधारकों के लिए कारतूसों के इस्तेमाल का ब्योरा रखना अनिवार्य करते हुए इलाहाबाद हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि हथियार रखने की अनुमति कोई असीमित अधिकार नहीं बल्कि एक विशेष अधिकार है, जिसका उपयोग शादी-विवाह या किसी भी तरह के आयोजनों में हर्ष फायरिंग के लिए नहीं किया जा सकता।

कारतूसों का हिसाब न देने पर रद्द हुआ था लाइसेंस

यह मामला प्रयागराज से जुड़ा हुआ है, जहां प्रशासन ने याची अखिलेश कुमार के हथियार लाइसेंस को निरस्त कर दिया था। जांच के दौरान पाया गया था कि अखिलेश कुमार के पास कुल 857 कारतूस दर्ज थे, लेकिन वे इनमें से 757 कारतूसों के इस्तेमाल का कोई भी रिकॉर्ड या संतोषजनक हिसाब देने में विफल रहे। प्रशासन के इस फैसले के खिलाफ उन्होंने इलाहाबाद हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।

ये भी पढ़ें

सिंगल बेंच ने याचिका की खारिज

मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस सौरभ श्याम शमशेरी की एकल पीठ ने याचिकाकर्ता अखिलेश कुमार की अर्जी को खारिज कर दिया और प्रशासनिक कार्रवाई को सही ठहराया। अदालत ने कहा कि लाइसेंस धारक की यह पहली जिम्मेदारी है कि वह खरीदे गए और खर्च किए गए प्रत्येक कारतूस का पारदर्शी हिसाब-किताब रखे। कारतूसों का इतना बड़ा हिस्सा गायब होना लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन है।

हर्ष फायरिंग को बताया लाइसेंस शर्तों का सीधा उल्लंघन

उच्च न्यायालय ने अपने आदेश में रेखांकित किया कि धार्मिक अथवा सामाजिक समारोहों में खुशी जाहिर करने के नाम पर की जाने वाली हर्ष फायरिंग पूरी तरह से अवैध है। यदि कोई व्यक्ति अपने लाइसेंसी हथियार से खुशी के मौकों पर गोलीबारी करता है, तो इसे नियम और शर्तों की सीधी अवहेलना माना जाएगा। ऐसी स्थिति में सक्षम प्राधिकारी को संबंधित व्यक्ति का लाइसेंस रद्द करने का पूरा अधिकार है।

सवाल-जवाब

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कारतूसों के रिकॉर्ड पर क्या फैसला दिया है?
कोर्ट ने फैसला दिया है कि लाइसेंसी हथियार धारक को खरीदे गए और इस्तेमाल किए गए सभी कारतूसों का पूरा रिकॉर्ड रखना अनिवार्य है।
क्या शादी या आयोजनों में लाइसेंसी हथियार से हर्ष फायरिंग की जा सकती है?
नहीं, हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि शादी-विवाह या धार्मिक आयोजनों में खुशी जताने के नाम पर हर्ष फायरिंग करना लाइसेंस की शर्तों का सीधा उल्लंघन है।
याचिकाकर्ता अखिलेश कुमार का लाइसेंस क्यों रद्द किया गया था?
अखिलेश कुमार 857 कारतूसों में से 757 कारतूसों का हिसाब देने में असमर्थ रहे थे, जिसके कारण प्रशासन ने उनका शस्त्र लाइसेंस रद्द कर दिया था।
किस जज की बेंच ने यह फैसला सुनाया?
इलाहाबाद उच्च न्यायालय के जस्टिस सौरभ श्याम शमशेरी की एकल पीठ ने इस मामले पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया।
अदालत के अनुसार शस्त्र लाइसेंस प्राप्त करना क्या है?
कोर्ट के मुताबिक शस्त्र लाइसेंस हासिल करना कोई मौलिक या सामान्य अधिकार नहीं है, बल्कि यह शर्तों के अधीन दिया जाने वाला एक विशेष अधिकार है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp