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कर्नाटक भर में एफडीए की बड़ी कार्रवाई के तहत केएफसी आउटलेट और 5 सितारा होटलों से भारी मात्रा में बासी मीट बरामदकर्नाटक
16 अग॰ 2026, 8:28 am (22 घंटे पहले)· 4

कर्नाटक भर में एफडीए की बड़ी कार्रवाई के तहत केएफसी आउटलेट और 5 सितारा होटलों से भारी मात्रा में बासी मीट बरामद

कर्नाटक में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने मैसूरु, बेंगलुरु और मंगलुरु के प्रमुख रेस्टोरेंट, 5 सितारा होटलों और सरकारी दफ्तरों की कैंटीन में छापेमारी कर 1,000 किलो से अधिक असुरक्षित मीट और एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री जब्त की है।

कर्नाटक राज्य भर में खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर राज्य के खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन विभाग ने एक व्यापक निरीक्षण अभियान शुरू किया है। इस गहन जांच की आंच अब केवल आम ढाबों या छोटे भोजनालयों तक सीमित नहीं रही है, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय फास्ट-फूड ब्रांड्स, 5 सितारा लग्जरी होटलों, प्रसिद्ध रिजॉर्ट्स और यहां तक कि प्रमुख सरकारी इमारतों के भीतर चल रहे फूड कोर्ट्स तक पहुंच गई है। अधिकारियों द्वारा राज्य के विभिन्न हिस्सों से अब तक 1,000 किलो से अधिक असुरक्षित, दूषित और समय-सीमा पार कर चुके खाद्य पदार्थों को जब्त और नष्ट किया जा चुका है।

मंगलुरु के केएफसी आउटलेट में ग्राहक की शिकायत पर अचानक जांच

इस राज्यव्यापी कार्रवाई के दौरान तटीय शहर मंगलुरु के के.एस. राव रोड स्थित सिटी सेंटर मॉल में संचालित केएफसी आउटलेट पर खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की एक विशेष टीम ने अचानक छापा मारा। यह निरीक्षण एक स्थानीय ग्राहक द्वारा दर्ज कराई गई गंभीर शिकायत के बाद किया गया। ग्राहक ने ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म के माध्यम से चिकन पेरी पेरी लेग्स का ऑर्डर दिया था। भोजन प्राप्त होने पर ग्राहक का आरोप था कि परोसा गया फ्राइड चिकन पूरी तरह से बासी था और उसमें से खराब गंध आ रही थी।

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शिकायत दर्ज होते ही खाद्य सुरक्षा दल ने आउटलेट के परिसर का बारीकी से मुआयना किया। अधिकारियों ने किचन एरिया, सामग्री भंडारण कक्ष, कोल्ड स्टोरेज इकाइयों, डीप फ्रीजर और पहले से तैयार करके रखे गए चिकन की जांच की। निरीक्षण के दौरान परिसर में मौजूद एक गोदाम ताला बंद पाया गया। जांच दल ने संदिग्ध खाद्य पदार्थों के विभिन्न नमूने एकत्र कर उन्हें विस्तृत रासायनिक और सूक्ष्मजीव परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेज दिया है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि केएफसी आउटलेट द्वारा खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पर अंतिम फैसला लैब से रिपोर्ट आने के बाद ही लिया जाएगा।

मैसूरु के नामी 5 सितारा होटलों से एक्सपायर्ड चिकन और मीट जब्त

मैसूरु शहर और उसके आसपास के इलाकों में शनिवार को चलाए गए विशेष अभियान के तहत अधिकारियों ने कई नामी और प्रतिष्ठित होटलों की रसोई में दबिश दी। इस दौरान रियो मेरिडियन होटल में जांच के दौरान अधिकारियों को 9 किलो ऐसा चिकन मिला, जिसकी उपभोग तिथि समाप्त हो चुकी थी। खाद्य सुरक्षा टीम ने तुरंत इस एक्सपायर्ड चिकन को अपने कब्जे में ले लिया।

इसी तरह की बड़ी लापरवाही मैसूरु के 5 सितारा ग्रैंड मर्क्यूर होटल में सामने आई, जहां से अधिकारियों ने 68 किलो असुरक्षित मीट जब्त किया। इसके अतिरिक्त, शहर के क्यू स्टार होटल से भी 4 किलो की मात्रा में बासी और खराब मशरूम बरामद किए गए। इन सभी स्थानों से मिले घटिया सामान को नियमानुसार सीज कर दिया गया है।

रिजॉर्ट्स पर कार्रवाई और मौके पर खाद्य सामग्री को नष्ट करने के निर्देश

मैसूरु जिले के नंजनगुड तालुक और आसपास के क्षेत्रों में स्थित 3 प्रमुख रिजॉर्ट्स में भी खाद्य अधिकारियों ने सघन जांच की। नियमों की अनदेखी और स्वच्छता के अभाव को देखते हुए अधिकारियों ने 3 अलग-अलग नोटिस जारी किए। निरीक्षण के दौरान भोजन के कुल 5 नमूने एकत्र किए गए, जिनमें से 2 कानूनी नमूने और 3 सर्वे नमूने शामिल थे।

कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने पाया कि कई रसोईघरों में एक्सपायर्ड सॉस, मसाले और जल्दी खराब होने वाली सामग्री को असुरक्षित परिस्थितियों में रखा गया था। इसके बाद अधिकारियों ने लगभग 16 किलो एक्सपायर्ड और खराब हो चुकी खाद्य सामग्री को उसी समय मौके पर ही नष्ट करवा दिया ताकि उसका इस्तेमाल किसी भी व्यंजन में न किया जा सके।

बेंगलुरु के 60 बड़े होटलों और 5 सितारा संपत्तियों की जांच

खाद्य सुरक्षा विभाग का यह विशेष अभियान राज्य की राजधानी बेंगलुरु में भी पूरी ताकत से चलाया जा रहा है। बेंगलुरु शहर में 3 सितारा और 5 सितारा श्रेणी के 60 बड़े होटलों का व्यापक निरीक्षण किया गया है। जांच टीमों ने इन लग्जरी होटलों की रसोई और स्टोर रूम से कुल 77 खाद्य नमूने एकत्र कर प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे हैं।

निरीक्षण रिपोर्ट के अनुसार, कई नामचीन होटलों की रसोई में एक्सपायर्ड सॉसेज, फंगस लगी सब्जियां और मीट को सही तापमान पर स्टोर न करने जैसी गंभीर त्रुटियां पाई गईं। मीट और पोल्ट्री उत्पादों को सुरक्षित रखने के लिए तय किए गए फ्रीजर तापमान का पालन न करने से उनमें हानिकारक बैक्टीरिया पनपने का खतरा बढ़ जाता है।

विधान सौधा सहित सरकारी दफ्तरों के फूड कोर्ट्स भी पाए गए नियमहीन

एफडीए की जांच का दायरा केवल निजी होटलों तक सीमित नहीं रहा। अधिकारियों ने राज्य के सबसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक केंद्रों, जैसे बेंगलुरु स्थित विधान सौधा, विकास सौधा और आरोग्य सौधा के परिसरों में संचालित भोजन सुविधाओं और कैंटीनों में भी औचक निरीक्षण किया।

जांच के दौरान इन उच्च सुरक्षा वाले सरकारी परिसरों के भीतर भी खाद्य सुरक्षा मानकों की घोर उपेक्षा उजागर हुई। अधिकारियों को कई फूड आउटलेट्स में गंदगी, दीवारों पर सीलन, कीट नियंत्रण की पर्याप्त व्यवस्था न होने और एक्सपायर्ड खाद्य पदार्थों के भंडारण जैसी खामियां मिलीं। इन परिसरों के संचालकों को भी स्वच्छता में तुरंत सुधार करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।

1,000 किलो से ज्यादा दूषित खाना जब्त और बंद करने के आदेश

पूरे कर्नाटक में चलाए जा रहे इस अभियान के आंकड़े बताते हैं कि अब तक 1,000 किलो से अधिक असुरक्षित और मानकहीन खाद्य सामग्री जब्त की जा चुकी है। जांच का दायरा अब क्विक-कॉमर्स के डार्क स्टोर्स, वेयरहाउस और सामुदायिक भोजन केंद्रों तक बढ़ा दिया गया है। जिन स्थानों पर अत्यधिक गंदगी पाई गई, उन्हें तत्काल प्रभाव से बंद करने के आदेश जारी किए गए हैं।

खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने साफ किया है कि सभी खाद्य व्यवसाय संचालकों के लिए खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 का पालन करना अनिवार्य है। विभाग ने सभी रेस्टोरेंट मालिकों को निर्देश दिया है कि वे वैध लाइसेंस रखें, कोल्ड स्टोरेज में तापमान नियंत्रण बनाए रखें, रसोई में स्वच्छता सुनिश्चित करें और कचरा निपटान की वैज्ञानिक व्यवस्था अपनाएं।

सवाल-जवाब

कर्नाटक में एफडीए ने किन-किन शहरों में छापेमारी की है?
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने मैसूरु, बेंगलुरु, मंगलुरु और नंजनगुड तालुक सहित कई शहरों में 5 सितारा होटलों, केएफसी, रिजॉर्ट्स और सरकारी परिसरों की जांच की है।
मंगलुरु के केएफसी आउटलेट में जांच की मुख्य वजह क्या थी?
एक ग्राहक द्वारा ऑनलाइन ऑर्डर किए गए चिकन पेरी पेरी लेग्स के बासी और खराब स्वाद की शिकायत के बाद एफडीए टीम ने सिटी सेंटर स्थित केएफसी आउटलेट की जांच की।
मैसूरु के किन प्रमुख होटलों से एक्सपायर्ड मीट और चिकन जब्त हुआ?
अधिकारियों ने रियो मेरिडियन होटल से 9 किलो एक्सपायर्ड चिकन, ग्रैंड मर्क्यूर होटल से 68 किलो मीट और क्यू स्टार होटल से 4 किलो खराब मशरूम जब्त किए।
बेंगलुरु की किन सरकारी इमारतों में खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन पाया गया?
बेंगलुरु स्थित विधान सौधा, विकास सौधा और आरोग्य सौधा के भीतर संचालित फूड आउटलेट्स में गंदगी, पेस्ट कंट्रोल की कमी और एक्सपायर्ड सामान पाया गया।
इस पूरे राज्यव्यापी अभियान में अब तक कितना खराब खाना जब्त किया गया है?
खाद्य सुरक्षा विभाग की इस राज्यव्यापी कार्रवाई के तहत अब तक 1,000 किलो से अधिक असुरक्षित और एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री जब्त की जा चुकी है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 4

Arjun Mehta@arjun-mehta·19 घंटे पहले

यह खाद्य सुरक्षा अभियान केवल स्वास्थ्य से जुड़ा मुद्दा नहीं, बल्कि शासन और प्रशासनिक निगरानी की विफलता का भी परिमाण है। जब 5 सितारा होटल और अंतरराष्ट्रीय ब्रांड भी नियमों का उल्लंघन करते पाए जाते हैं, तो यह स्पष्ट होता है कि स्थानीय स्तर पर नियमित निरीक्षण तंत्र कमजोर रहा है। आने वाले दिनों में यदि सख्त दंडात्मक कार्रवाई और लाइसेंस रद्द करने जैसे कदम नहीं उठाए गए, तो यह अभियान केवल औपचारिकता बनकर रह जाएगा।

Dr. Aditya Sharma@aditya-sharma·19 घंटे पहले

गणितीय ज्योतिष और खगोलीय गणनाओं के अनुसार, वर्तमान समय में राहु और शनि का गोचर जनस्वास्थ्य और खाद्य व्यवस्था में बड़े विकारों को दर्शा रहा है। जब प्रतिष्ठित संस्थान और पांच सितारा होटल भी दूषित सामग्री परोसते पाए जाते हैं, तो यह केवल प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि नैतिक पतन का द्योतक है। यदि खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने समय रहते सख्त कानूनी और दंडात्मक कदम नहीं उठाए, तो यह अभियान मात्र कागजी कार्रवाई बनकर रह जाएगा और नागरिकों के जीवन से खिलवाड़ जारी रहेगा।

Karan Malhotra@karan-malhotra·20 घंटे पहले

यह मामला खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत केवल प्रशासनिक जुर्माने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य से खिलवाड़ के लिए सख्त आपराधिक धाराओं के तहत मुकदमे दर्ज होने चाहिए। जब तक नामी ब्रांड्स और पांच सितारा होटलों के प्रबंधकों पर व्यक्तिगत कानूनी जिम्मेदारी तय करके जेल भेजने की कार्रवाई नहीं होगी, तब तक इस तरह की गंभीर लापरवाहियों पर रोक लगना असंभव है।

Ravikash Gupta@ravikash·20 घंटे पहले

करण मल्होत्रा की रिपोर्ट रेखांकित करती है कि यह सिर्फ प्रशासनिक लापरवाही नहीं बल्कि ब्रांड वैल्यू और उपभोक्ता विश्वास का गंभीर संकट है। जब केएफसी और पांच सितारा होटलों जैसी दिग्गज संस्थाएं ऐसे मामलों में लिप्त पाई जाती हैं, तो इसका सीधा असर उनके कॉर्पोरेट मूल्यांकन, शेयर बाजार की प्रतिष्ठा और भविष्य के व्यावसायिक निवेश पर पड़ना तय है। खाद्य आपूर्ति श्रृंखला में पारदर्शिता की यह विफलता निवेशकों के विश्वास को डिगा सकती है और बाजार में लंबी अवधि के भरोसे को नुकसान पहुंचाती है।

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