मणिपुर पुलिस ने राज्य के विभिन्न हिस्सों में चलाए गए अभियानों के दौरान दो अलग-अलग मामलों में कार्रवाई करते हुए दो लोगों को हिरासत में लिया है। इन छापों के दौरान अधिकारियों ने लगभग 3.5 किलोग्राम गांजा और 1,300 बोरी यूरिया खाद बरामद की है। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा बल लगातार चौकसी बरत रहे हैं और अवैध गतिविधियों पर लगाम कसने के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं।
महाराष्ट्र के व्यक्ति से गांजा बरामद
27 सितंबर को नारकोटिक्स एंड अफेयर्स ऑफ बॉर्डर पुलिस स्टेशन की एक टीम ने इम्फाल पश्चिम के नॉर्थ एओसी इलाके से एक व्यक्ति को धर दबोचा। पकड़े गए आरोपी की पहचान 49 वर्षीय ओमप्रकाश आनंद सुवर्णा के रूप में हुई है, जो आनंद सुवर्णा का बेटा है और महाराष्ट्र के ठाणे का रहने वाला है। पुलिस के मुताबिक उसके पास से लगभग 3.5 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया है। इस जब्ती के बाद मामले की कड़ियां जोड़ने और तस्करी के नेटवर्क का पता लगाने के लिए आगे की जांच की जा रही है। इस कार्रवाई की जानकारी मणिपुर पुलिस द्वारा साझा की गई है।
प्रतिबंधित संगठन का सक्रिय कैडर गिरफ्तार
एक अन्य कार्रवाई के तहत इम्फाल पूर्व पुलिस ने पोरमपट पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आने वाले खुरई लैशराम लीकाई इलाके में खोजबीन अभियान चलाया। इस दौरान पुलिस ने कांगलेई यावोल कन्ना लुप यानी KYKL संगठन के एक सक्रिय कार्यकर्ता को दबोच लिया। यह तलाशी अभियान रविवार यानी 27 सितंबर को अंजाम दिया गया था।
कांगबाम रोशन सिंह की हुई पहचान
पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपी की शिनाख्त 22 साल के कांगबाम रोशन सिंह उर्फ कोरौ के तौर पर हुई है, जो इम्फाल पूर्व के खुरई लैशराम लीकाई का ही रहने वाला है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि सिंह प्रतिबंधित संगठन KYKL का सक्रिय सदस्य था और क्षेत्र में उसकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी। इस सिलसिले में इम्फाल क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक कड़ा कर दिया गया है ताकि किसी भी तरह की अशांति को रोका जा सके।
यूरिया खाद की अवैध ढुलाई का भंडाफोड़
इन दोनों मामलों के अलावा बिष्णुपुर पुलिस ने उर्वरकों की अवैध ढुलाई में कथित रूप से शामिल वाहनों को रोककर बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने दो अलग-अलग अभियानों के दौरान कुल 1,300 बोरी यूरिया जब्त किया है। अधिकारियों ने बताया कि इनमें से 1,200 बोरी यूरिया 23 सितंबर को पकड़ा गया था, जबकि शेष 100 बोरी यूरिया 25 सितंबर को जब्त किया गया। उर्वरक की इस अवैध आवाजाही को लेकर एक औपचारिक जांच शुरू कर दी गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए बिष्णुपुर के जिला कृषि अधिकारी को भी इस खेप के सत्यापन और आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए शामिल किया गया है।



















