भारत मौसम विज्ञान विभाग ने 10 अक्टूबर के लिए कर्नाटक के मौसम को लेकर एक जरूरी चेतावनी जारी की है। इस ताजा अनुमान के मुताबिक राज्य के तटीय इलाकों और दक्षिणी आंतरिक हिस्सों में भारी बारिश होने की प्रबल संभावना बनी हुई है। मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस बारिश के दौरान तेज हवाएं चल सकती हैं और साथ ही गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने का भी खतरा रहेगा। स्थानीय लोगों को मौसम में तेजी से आने वाले इन बदलावों को देखते हुए सतर्क रहने का परामर्श दिया गया है।
उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में शुष्क रहेगा मौसम
एक तरफ जहां तटीय और दक्षिणी जिलों में तेज बारिश की गतिविधि देखने को मिल सकती है, वहीं दूसरी तरफ उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में मौसम का मिजाज बिल्कुल अलग रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार उत्तरी आंतरिक हिस्सों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क बना रहेगा। इस पूरे संभाग के लिए 10 अक्टूबर को किसी भी प्रकार की प्रतिकूल मौसम चेतावनी जारी नहीं की गई है। राज्य के विभिन्न हिस्सों में इस तरह का असमान मौसमी वितरण देखने को मिलेगा, जिसमें एक हिस्सा भीगेगा तो दूसरा हिस्सा धूप और आंशिक बादलों के साए में रहेगा।
सुबह के समय कोहरा और धूप के बीच तापमान की स्थिति
सात दिनों के विस्तृत पूर्वानुमान में बारिश के अलावा अन्य मौसमी कारकों पर भी रोशनी डाली गई है। कर्नाटक के कई इलाकों में सुबह के समय कोहरा छाए रहने की संभावना जताई गई है। इसके चलते तड़के यात्रा करने वाले लोगों और वाहन चालकों को दृश्यता कम होने की समस्या का सामना करना पड़ सकता है। सड़क पर निकलने वाले मुसाफिरों को वाहन चलाते समय पर्याप्त दूरी बनाए रखने, उचित रोशनी का उपयोग करने और सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
इसके साथ ही राज्य के आंतरिक क्षेत्रों में दिन के समय अधिकतम तापमान सामान्य स्तर से ऊपर बना रह सकता है। कुछ जगहों पर तेज धूप खिलेगी, जबकि कई अन्य इलाकों में आसमान आंशिक रूप से बादलों से घिरा रहेगा या बादल छाए रहेंगे। गर्मी और उमस की यह स्थिति आंतरिक क्षेत्रों के बड़े हिस्से को प्रभावित कर सकती है।
11 से 16 अक्टूबर के बीच आगे का पूर्वानुमान
भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी किए गए सात दिवसीय उप-संभाग स्तरीय अनुमान के अनुसार 10 अक्टूबर के बाद मौसम में राहत के संकेत हैं। 11 अक्टूबर से लेकर 16 अक्टूबर तक राज्य के किसी भी उप-संभाग के लिए कोई नई मौसम चेतावनी जारी नहीं की गई है। इसका मतलब यह है कि 10 अक्टूबर को होने वाली तेज बारिश के दौर के बाद आने वाले दिनों में मौसमी गतिविधियां सामान्य बनी रहेंगी और किसी बड़े उप-संभागीय अलर्ट की स्थिति नहीं बनेगी।






















