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पश्चिमी विक्षोभ से बदलेगी राजस्थान की आबोहवा, उत्तरी जिलों में आंधी-बारिश का येलो अलर्टराजस्थान
10 अक्तू॰ 2026, 6:09 pm (2 घंटे पहले)· 0

पश्चिमी विक्षोभ से बदलेगी राजस्थान की आबोहवा, उत्तरी जिलों में आंधी-बारिश का येलो अलर्ट

हरियाणा के ऊपर बने चक्रवाती तंत्र और ट्रफ लाइन के असर से 11 अक्टूबर को चूरू, हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर में तेज हवाओं और आकाशीय बिजली की चेतावनी जारी की गई है.

राजस्थान के विभिन्न इलाकों में एक बार फिर मौसमी हलचल तेज होने जा रही है। हरियाणा और उसके नजदीकी क्षेत्रों के वायुमंडल के ऊपरी स्तरों में सक्रिय परिसंचरण तंत्र तथा सूबे के उत्तरी छोर पर विकसित हुई ट्रफ लाइन के चलते पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव देखने को मिलेगा। इस वायुमंडलीय बदलाव की वजह से 11 अक्टूबर को प्रदेश के उत्तरी और पश्चिमी अंचलों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम दर्जे की वर्षा दर्ज की जा सकती है। बादलों की आवाजाही के बीच कुछ स्थानों पर 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से धूलभरी और झोंकेदार हवाएं चलने के आसार हैं। इस मौसमी तंत्र का प्रारंभिक प्रभाव 10 और 11 अक्टूबर को उत्तर-पश्चिमी राजस्थान और शेखावाटी इलाके में साफ तौर पर महसूस होगा।

उत्तरी और पश्चिमी जिलों में मौसम का रुख

सूबे के सीमावर्ती और रेगिस्तानी इलाकों में इस विक्षोभ का सीधा असर पड़ने का अनुमान है। बीकानेर संभाग के कई हिस्सों में आसमान में घने बादल छाने, मेघगर्जन होने और छिटपुट बारिश होने की संभावना जताई गई है। खासकर चूरू, हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर जिलों में मौसम के तीखे तेवर देखने को मिल सकते हैं। इन तीनों जिलों में मेघगर्जन, आकाशीय बिजली गिरने (वज्रपात) और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की आशंका को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है। स्थानीय निवासियों को विशेष सावधानी बरतने और बिजली चमकने के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों या कच्चे ढांचों के नीचे खड़े न रहने की सलाह दी गई है। बीकानेर संभाग के भीतर आने वाले कुछ अन्य हिस्सों में भी हल्की से मध्यम बौछारें गिर सकती हैं।

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पूर्वी राजस्थान और संभागवार स्थिति

पूर्वी राजस्थान के अधिकांश अंचलों में मौसम का मिजाज पश्चिमी अंचल की तुलना में काफी अलग रहने वाला है। जयपुर संभाग के कुछ चुनिंदा क्षेत्रों में 11 अक्टूबर को बादलों का डेरा रहेगा और कहीं-कहीं बूंदाबांदी या हल्की वर्षा हो सकती है। हालांकि पूरे जयपुर संभाग या समूचे पूर्वी राजस्थान में किसी व्यापक वर्षा का अनुमान नहीं है। मौसम विभाग के अनुसार अजमेर, भरतपुर, कोटा और उदयपुर संभागों के ज्यादातर इलाकों में मौसम मुख्यतः साफ और शुष्क बना रहेगा। पूर्वी राजस्थान के जिलों के लिए फिलहाल किसी भी तरह की गंभीर चेतावनी या अलर्ट जारी नहीं किया गया है, फिर भी स्थानीय मौसमी उतार-चढ़ाव को ध्यान में रखते हुए विभागीय बुलेटिन पर नजर बनाए रखना जरूरी है।

13 और 14 अक्टूबर को मौसमी तंत्र का दूसरा दौर

मौसमी विक्षोभ की यह सक्रियता केवल 11 अक्टूबर तक ही सीमित नहीं रहने वाली है। इस तंत्र का अगला दौर 13 और 14 अक्टूबर को पुनः सक्रिय हो सकता है। उस दौरान उत्तर-पश्चिमी राजस्थान तथा शेखावाटी क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों में एक बार फिर बादल घिरने और गरज-चमक के साथ हल्की बारिश होने की संभावना व्यक्त की गई है। इस दौरान भी बारिश की मुख्य गतिविधियां राज्य के उत्तरी और उत्तर-पश्चिमी भूभाग तक ही सिमटी रहेंगी। राज्य के शेष संभागों जैसे जोधपुर, उदयपुर, कोटा, अजमेर और भरतपुर में आगामी दिनों के दौरान मौसम पूरी तरह शुष्क और स्थिर बना रहेगा।

प्रमुख जिलों में मौसमी गतिविधियों का ब्योरा

  • श्रीगंगानगर: मेघगर्जन, वज्रपात और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से अंधड़ चलने की आशंका के चलते येलो अलर्ट प्रभावी रहेगा।
  • हनुमानगढ़: गरज-चमक के साथ तेज रफ्तार झोंकेदार हवाएं चलने और स्थानीय स्तर पर मौसम बिगड़ने की चेतावनी के साथ येलो अलर्ट लागू किया गया है।
  • चूरू: आसमान में बादलों की गड़गड़ाहट, आकाशीय बिजली की चमक और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की झोंकेदार हवाओं का येलो अलर्ट जारी हुआ है।
  • बीकानेर: संभाग के चुनिंदा इलाकों में बादलों के गरजने के साथ हल्की से मध्यम स्तर की बारिश दर्ज की जा सकती है।
  • जयपुर: संभाग के कुछ हिस्सों में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे और कुछ जगहों पर छिटपुट बारिश होने का पूर्वानुमान है।

सवाल-जवाब

राजस्थान में 11 अक्टूबर को किन जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है?
चूरू, हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर जिलों में मेघगर्जन, वज्रपात और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का येलो अलर्ट जारी हुआ है।
क्या 11 अक्टूबर को जयपुर में बारिश होने की संभावना है?
जयपुर संभाग के कुछ हिस्सों में बादल छाने और छिटपुट जगहों पर हल्की बारिश होने का अनुमान है, लेकिन व्यापक वर्षा नहीं होगी।
तेज हवाओं की रफ्तार कितनी रहने का अनुमान है?
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार प्रभावित क्षेत्रों में हवा की गति 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
क्या पूरे राजस्थान में बारिश देखने को मिलेगी?
नहीं, बारिश की गतिविधियां मुख्य रूप से उत्तरी और पश्चिमी राजस्थान तक सीमित रहेंगी, जबकि कोटा, उदयपुर, अजमेर और भरतपुर में मौसम शुष्क रहेगा।
11 अक्टूबर के बाद राजस्थान में दोबारा बारिश कब हो सकती है?
13 और 14 अक्टूबर को उत्तर-पश्चिमी राजस्थान और शेखावाटी क्षेत्र के कुछ हिस्सों में फिर से मेघगर्जन के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Arshdeep Ahluwalia@arshdeep-ahluwalia·11 मिनट पहले

पंजाब और हरियाणा में भी मौसम का मिजाज बदल रहा है, धान कटाई के इस सीजन में अचानक बारिश या तेज हवाएं किसानों की चिंता बढ़ाने वाली हैं।

Ravikash Gupta@ravikash·27 मिनट पहले

30 से 40 की स्पीड वाली हवाएं और आकाशीय बिजली, हनुमानगढ़-चूरू वाले संभलकर रहना भाई।

Arjun Mehta@arjun-mehta·27 मिनट पहले

रविकेश भाई, सही कहा आपने, गंगानगर-चूरू में इस बार हवाओं के साथ बिजली का खतरा ज्यादा लग रहा है, किसानों को फसल बचाकर रखनी होगी।

Karan Malhotra@karan-malhotra·48 मिनट पहले

हनुमानगढ़ और चूरू में 30 से 40 की रफ्तार वाली हवाओं के साथ आकाशीय बिजली का खतरा बताया है, खुले में जाने से बचना ही होगा।

Rohan Verma@rohan-verma·47 मिनट पहले

करण जी, आपकी बात सही है पर क्या इस बारिश से धान की कटाई पर कोई असर पड़ेगा?

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