कर्नाटक के कई इलाकों में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। पूर्वोत्तर मानसून के सक्रिय प्रभाव के चलते राज्य में अगले सात दिनों तक कभी धूप तो कभी घने बादलों की आंख-मिचौली देखने को मिल सकती है। इस बदलते मौसम तंत्र के बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग ने 24 अक्टूबर के लिए राज्य के दो प्रमुख उप-मंडलों में आंधी-तूफान और गरज-चमक के साथ तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है। हालांकि, बाकी दिनों के लिए राहत की बात यह है कि आगामी छह दिनों तक किसी भी क्षेत्र के लिए कोई गंभीर चेतावनी नहीं रखी गई है।
तटीय कर्नाटक में तेज हवाओं और बिजली चमकने का खतरा
मौसम विभाग के बुलेटिन के अनुसार 24 अक्टूबर को तटीय कर्नाटक के इलाकों में आंधी-तूफान के साथ बिजली कड़कने की प्रबल संभावना है। इस दौरान तटीय क्षेत्रों में झोंकेदार तूफानी हवाएं यानी स्क्वॉली वेदर बनने का अनुमान जताया गया है। अचानक उठने वाली तेज हवाएं जनजीवन और सामान्य कामकाज को प्रभावित कर सकती हैं।
स्थानीय निवासियों को सलाह दी गई है कि वे मौसम की गतिविधियों पर नजर रखें और विशेषकर खुले आसमान के नीचे की जाने वाली योजनाओं को सावधानीपूर्वक ही तय करें। 24 अक्टूबर के बाद यानी 25 अक्टूबर से लेकर 30 अक्टूबर तक तटीय कर्नाटक के लिए कोई नया चेतावनी बुलेटिन जारी नहीं किया गया है, जिससे वहां मौसम अपेक्षाकृत शांत रहने की उम्मीद है।
दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में अस्थिर रहेगा मौसम
दक्षिण आंतरिक कर्नाटक के जिलों में भी 24 अक्टूबर को मौसम का रुख काफी अनिश्चित और अस्थिर रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने इस उप-मंडल के लिए भी आंधी, बिजली चमकने और तेज रफ्तार झोंकेदार हवाओं की चेतावनी दी है। दिन के समय मौसम में अचानक बदलाव आने से राहगीरों और यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
खराब मौसम के मद्देनजर लोगों को बुनियादी एहतियात बरतने के निर्देश दिए गए हैं। बिजली चमकने के दौरान खुले मैदानों में न जाने, अकेले खड़े ऊंचे पेड़ों के नीचे शरण न लेने और तेज हवाओं के दौरान अस्थाई या कमजोर ढांचों से दूर रहने की अपील की गई है। इस क्षेत्र के लिए भी 25 अक्टूबर से 30 अक्टूबर के दौरान किसी प्रकार की चेतावनी दर्ज नहीं की गई है।
उत्तर आंतरिक कर्नाटक में चेतावनी नहीं, पर सतर्कता जरूरी
राज्य के तीसरे प्रमुख हिस्से यानी उत्तर आंतरिक कर्नाटक के लिए 24 अक्टूबर को किसी तरह का मौसम अलर्ट जारी नहीं किया गया है। पूरे सात दिनों के पूर्वानुमान यानी 30 अक्टूबर तक इस क्षेत्र के लिए कोई आधिकारिक चेतावनी नहीं है।
मौसम वैज्ञानिकों ने स्पष्ट किया है कि चेतावनी न होने का अर्थ यह कतई नहीं है कि पूरे क्षेत्र में मौसम पूरी तरह शुष्क बना रहेगा। स्थानीय भौगोलिक परिस्थितियों के आधार पर कुछ हिस्सों में बूंदाबांदी या स्थानीय मौसमी बदलाव हो सकते हैं, इसलिए लोगों को अपने जिले के अनुसार जारी दैनिक पूर्वानुमानों को देखते रहने की सलाह दी गई है।

















