पूर्वोत्तर मानसून के सक्रिय होने के साथ ही कर्नाटक में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है और राज्य एक और गीले सप्ताह की ओर बढ़ रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने 18 अक्टूबर को राज्य भर में व्यापक वर्षा की चेतावनी दी है। विशेष रूप से दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक के जिलों में अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई गई है, जिसके चलते प्रशासन और आम लोगों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार राज्य के तीनों प्रमुख मौसम उप-मंडलों में गरज-चमक, आकाशीय बिजली गिरने और तेज तूफानी हवाओं की चेतावनी जारी की गई है। इस दौरान बादलों की तेज गर्जना के साथ तेज झोंके वाली हवाएं चलने की पूरी संभावना है।
18 अक्टूबर के दैनिक पूर्वानुमान में यह स्पष्ट किया गया है कि पूरे राज्य में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ छिटपुट से लेकर मध्यम दर्जे की वर्षा दर्ज की जाएगी। वहीं दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक के कुछ अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा हो सकती है। वातावरण में मौजूद उच्च नमी और मौसमी हलचल के कारण राजधानी बेंगलुरु, मैसूरु, कोडागु और चामराजनगर जिलों को ऑरेंज अलर्ट के दायरे में रखा गया है। यह इस पूरे सप्ताह के राज्य स्तरीय पूर्वानुमान में जारी की गई सबसे गंभीर चेतावनी है। इसके विपरीत कल्याण कर्नाटक क्षेत्र में मानसूनी गतिविधियों का असर अपेक्षाकृत कम रहने का अनुमान है, जहां कई स्थानों पर धूप खिलने और बादलों के छाने का सिलसिला बारी-बारी से चलता रहेगा।
दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक में 24 अक्टूबर तक जारी रहेगा दबाव
दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक के जिलों को आने वाले कई दिनों तक मौसम की इस मार का सामना करना पड़ेगा। मौसम विभाग के ताजा अनुमान के मुताबिक 19 अक्टूबर से 21 अक्टूबर के दौरान तेज हवाओं, आकाशीय बिजली चमकने और तूफानी झोंकों के साथ भारी बारिश का सिलसिला बना रहेगा। राहत के कोई तत्काल संकेत नहीं दिख रहे हैं, क्योंकि 22 अक्टूबर से 24 अक्टूबर तक भी इस क्षेत्र में लगातार भारी बारिश होने का पूर्वानुमान व्यक्त किया गया है। लंबे समय तक चलने वाले इस बारिश के दौर के कारण निचले इलाकों में रहने वाले परिवारों और जलभराव की समस्या से जूझने वाले मुख्य रास्तों से गुजरने वाले दैनिक यात्रियों को पूरे सप्ताह मौसम को ध्यान में रखकर ही अपनी यात्रा की योजना बनानी होगी।
तटीय और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक के लिए अलग पूर्वानुमान
तटीय कर्नाटक में मौसमी गतिविधियों का स्वरूप थोड़ा भिन्न दिखाई दे रहा है। इस उप-मंडल में 18 और 19 अक्टूबर को तेज गर्जना और आकाशीय बिजली चमकने की गतिविधियां देखने को मिलेंगी। इसके ठीक बाद 20 और 21 अक्टूबर को बादलों की जोरदार गड़गड़ाहट, आकाशीय बिजली और तूफानी हवाओं के साथ भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है। तटीय क्षेत्रों में भारी बारिश का यह असर 22 अक्टूबर को भी जारी रहेगा। हालांकि इसके बाद राहत मिलने की उम्मीद है, क्योंकि विभाग ने 23 और 24 अक्टूबर के लिए तटीय जिलों में कोई चेतावनी जारी नहीं की है।
उत्तरी आंतरिक कर्नाटक के मौसम की बात करें तो यहां 18 अक्टूबर से लेकर 21 अक्टूबर तक गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली चमकने की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है। इसके बाद 22 अक्टूबर से 24 अक्टूबर के बीच इस क्षेत्र के लिए कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है। बारिश और तेज हवाओं के साथ-साथ राज्य के कई हिस्सों में सुबह के शुरुआती घंटों के दौरान हल्का कोहरा और धुंध छाए रहने के भी आसार हैं। सुबह के समय दृश्यता कम होने से दफ्तर और स्कूल जाने वाले यात्रियों तथा सड़क मार्ग पर चलने वाले वाहनों की रफ्तार धीमी हो सकती है।
















