इस विस्तृत म्यूटिनी रिव्यू में, एक्शन स्टार जेसन स्टेथम एक बार फिर अपने पुराने खूंखार अंदाज़ में नज़र आते हैं। निर्देशक झां-फ्रांस्वा रिशेत और लेखक जे.पी. डेविस की जोड़ी ने, जिन्होंने साल 2023 में आई चर्चित फिल्म प्लेन पर काम किया था, इस समंदरी थ्रिलर को तैयार किया है। शुरुआत में इस प्रोजेक्ट को प्लेन के सीक्वल के रूप में सोचा गया था और इसका नाम शिप रखा जाना तय हुआ था। हालांकि, जब मुख्य अभिनेता जेरार्ड बटलर इस प्रोजेक्ट से बाहर हो गए, तब कहानी में बदलाव करके जेसन स्टेथम को मुख्य भूमिका में लाया गया। 34 साल पहले आई स्टीवन सीगल की मशहूर फिल्म अंडर सीज की तर्ज पर बनी यह फिल्म एक पानी के जहाज पर कब्जे और खूनी संघर्ष की कहानी बयां करती है।
सीक्वल की योजना से लेकर जेसन स्टेथम का समंदरी मिशन
इस प्रोजेक्ट की शुरुआत काफी दिलचस्प रही है। लेखक जे.पी. डेविस और निर्देशक झां-फ्रांस्वा रिशेत शुरुआत में जेरार्ड बटलर की सुपरहिट फिल्म प्लेन की कहानी को आगे बढ़ाना चाहते थे। लेकिन बटलर के पीछे हटने के बाद पटकथा को नए सिरे से ढाला गया ताकि जेसन स्टेथम की मजबूत एक्शन छवि इसमें फिट बैठ सके। स्टेथम अपने करियर में बैंक लुटेरे, गेटअवे ड्राइवर, पुलिसकर्मी, कॉन्ट्रैक्ट किलर, कंस्ट्रक्शन वर्कर और यहां तक कि मधुमक्खी पालक जैसे कई किरदार निभा चुके हैं। उनकी ज्यादातर भूमिकाओं में पूर्व सैन्य या पुलिस पृष्ठभूमि देखने को मिलती है। फिल्म म्यूटिनी में उनका किरदार कोल रीड दोहरी पृष्ठभूमि वाला है, जो पूर्व पुलिस अफसर होने के साथ-साथ पूर्व रॉयल मरीन भी रह चुका है। अपने अतीत पर तंज कसते हुए वह खुद कहता है कि उसने गलत लोगों से दुश्मनी कर ली थी। केवल शारीरिक ताकत ही नहीं, बल्कि कोल रीड दिमाग का भी काफी तेज़ है। फिल्म की शुरुआत में ही वह बिना किसी झिझक या ज़्यादा सोचे शतरंज का खेल जीतकर अपनी रणनीति का लोहा मनवा देता है।
तिबू का कत्ल और केएमजी आर्टेमिस पर साजिश
फिल्म की मुख्य कहानी कोल रीड के बॉस और शिपिंग टाइकून तिबू की हत्या के इर्द-गिर्द घूमती है। तिबू का किरदार अभिनेता रामोन टिकाराम ने निभाया है। अपने बॉस की अचानक हुई हत्या के बाद कोल रीड पर सच सामने लाने और इसके पीछे छिपे साजिशकर्ताओं को ढूंढने की जिम्मेदारी आती है। सुराग तलाशते हुए वह केएमजी आर्टेमिस नाम के एक विशाल और गंदे औद्योगिक जहाज पर पहुंचता है। जहाज के कैप्टन और क्रू मेंबर्स की इस हत्या में संदिग्ध भूमिका होती है। कोल रीड जहाज की पतली और अंधेरी सुरंगों, एयर वेंट्स और इंजन रूम के खतरनाक हिस्सों से होते हुए गुप्त रूप से आगे बढ़ता है। पूरी फिल्म में एक अकेले योद्धा का संघर्ष दिखाया गया है जो चारों तरफ से दुश्मनों से घिरे जहाज पर सच का पता लगाने की कोशिश कर रहा है।
बिना चुटकुलों के सिर्फ कच्चा और खूंखार एक्शन
डेनिम कपड़ों में नज़र आने वाला कोल रीड बेहद हिंसक और आमने-सामने की लड़ाई लड़ता है। उसके घूंसे लोहे के भारी लंगर की तरह असरदार हैं। वह सामने आने वाली किसी भी भारी चीज़ का इस्तेमाल हथियार की तरह करता है, चाहे वह भारी ताला हो, लोहे का हुक हो या फिर हार्पून। जेसन स्टेथम की पिछली फिल्मों जैसे क्रैंक या ट्रांसपॉटर 3 में उनके किरदारों के मुंह से मजेदार और तीखे संवाद सुनने को मिलते थे, लेकिन म्यूटिनी में ऐसा बिल्कुल नहीं है। यहां उनका किरदार बिना कोई मजाक किए सिर्फ अपने काम को खूंखार तरीके से अंजाम देता है। फिल्म का गंभीर मोड़ स्टेथम की हालिया फिल्म ए वर्किंग मैन की याद दिलाता है, जहां उन्होंने इसी तरह का संजीदा और आक्रामक किरदार निभाया था।
सुस्त रफ्तार और गोलियों से भरा क्लाइमेक्स
फिल्म बिना किसी आधुनिक CGI विजुअल इफेक्ट्स के पुराने ढर्रे के एक्शन पर जोर देती है, जो एक्शन प्रेमियों को पसंद आ सकता है। हालांकि, एक्शन दृश्यों के बीच की कहानी काफी धीमी रफ्तार से आगे बढ़ती है। कॉरपोरेट साजिश का ताना-बाना और जहाज पर मौजूद भाड़े के गुंडे दर्शकों को गहराई से जोड़ने में नाकाम रहते हैं। फिल्म में जहाज की थर्ड मेट के रूप में अभिनेत्री अनाबेल वालिस की मौजूदगी भी कहानी में कोई खास गति नहीं ला पाती। फिल्म की शुरुआत सर्जियो लियोन स्टाइल के एक क्लोज-अप शॉट से होती है जिसमें स्टेथम की आंखें दिखाई देती हैं, लेकिन इसके बाद फिल्म अपनी दृश्य शैली खो देती है। अगले 90 मिनट तक सिर्फ स्लेटी रंग के उबाऊ दृश्य ही देखने को मिलते हैं। क्लाइमेक्स में मरीन्स, समुद्री डाकुओं, पूर्व सैनिकों और भाड़े के सैनिकों के बीच होने वाली खूनी भिड़ंत ठीक-ठाक एक्शन पेश करती है, लेकिन यह फिल्म को एक सामान्य एक्शन थ्रिलर से आगे नहीं ले जा पाती।



















