जहानाबाद अपने अनूठे अंदाज और काम के लिए हमेशा सुर्ख़ियों में रहने वाले खान सर ने इस बार रक्षाबंधन के पर्व पर एक खास वजह से लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। इस खास अवसर पर उनके द्वारा काटे गए दो सौ किलोग्राम के भव्य केक की हर तरफ चर्चा हो रही है। इस केक की सबसे खास बात यह है कि इसे किसी बड़े महानगर जैसे पटना या गया से नहीं बनवाया गया, बल्कि जहानाबाद जिले के ही एक लोकल आउटलेट से विशेष तौर पर ऑर्डर देकर मंगाया गया था। जिस बेकरी स्टोर से यह भारी-भरकम केक तैयार कराया गया, वह शहर में स्थित मौंगनीज़ का एक आउटलेट है। एक छोटे शहर के इस सेंटर से इतने बड़े पैमाने पर केक तैयार होने और उसकी सफलता के पीछे की कहानी अब लोगों के बीच खासी उत्सुकता का विषय बन गई है, जिसके चलते हर कोई इसके बारे में जानना चाहता है।
जहानाबाद के इस आउटलेट को मिला था बड़ा मौका
बिहार के जहानाबाद जिले में बेकरी उत्पादों और केक के लिए कई दुकानें और लोकप्रिय ब्रांड मौजूद हैं, जिसमें मौंगनीज़ भी शामिल है। इसी स्थानीय फ्रेंचाइजी आउटलेट को इस बार रक्षाबंधन के पावन पर्व पर खान सर की तरफ से दो सौ किलो के विशालकाय केक का बड़ा ऑर्डर सौंपा गया था। खान सर ने भाई-बहन के इस पवित्र त्योहार पर इसी केक को काटकर जश्न मनाया था। जहानाबाद की इस बेकरी से इतने बड़े स्तर पर केक तैयार किए जाने की खबर सामने आने के बाद से ही यह आउटलेट और यहां के संचालक लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं।
संचालकों ने बयां किया अपना अनुभव
इस पूरे वाकये पर बात करते हुए मौंगनीज़ आउटलेट जहानाबाद के मालिक सौमिक केशरी ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह उनके और उनकी पूरी टीम के लिए बेहद गर्व का क्षण है कि इतने बड़े शिक्षक ने एक छोटे से जिले की दुकान से दो सौ किलो का केक मंगवाया। उन्होंने इसे अपने ग्राहकों का अमूल्य स्नेह करार दिया। उनका कहना था कि जब तक ग्राहकों का भरोसा और उनकी बेहतरीन रेटिंग दुकान के साथ न हो, तब तक इतना बड़ा ऑर्डर मिलना असंभव है। इस महत्वपूर्ण ऑर्डर के मिलने से उनकी पूरी टीम में काम करने का एक नया जोश और उत्साह जाग उठा है। शुरुआत से ही उनका मुख्य उद्देश्य ग्राहकों को सबसे अलग और उम्दा स्वाद परोसना रहा है। इसी विजन के साथ उन्होंने आज से पांच साल पहले इस फ्रेंचाइजी को लिया था और अब इस उपलब्धि ने उन्हें और भी बड़े सपने देखने का हौसला दिया है।
भाई-बहन की मेहनत से शुरू हुआ था सफर
इस कैफे और आउटलेट की सह-संस्थापक शैली केशरी ने इस सफर के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंने साल 2021 में इस आउटलेट की शुरुआत की थी। उस समय उन्होंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि उनके जैसे छोटे शहर के बिजनेस को कभी इतना बड़ा और प्रतिष्ठित ऑर्डर मिल सकेगा। जब उन्होंने इस कारोबार की नींव रखी थी, तब उनके मन में यह संशय जरूर था कि छोटे शहर के लोग ब्रांडेड केक को कितना पसंद करेंगे और उन्हें कैसा रिस्पॉन्स मिलेगा। हालांकि, जहानाबाद के स्थानीय लोगों ने इस मिथक को पूरी तरह से गलत साबित कर दिया और दुकान को इतना प्यार दिया कि उन्हें आगे चलकर दूसरा आउटलेट भी खोलना पड़ गया। अब वह भविष्य में कुछ और नया और अलग करने की योजना बना रही हैं, ताकि जिले के लोगों को बेकरी और केक से जुड़ी हर जरूरत के लिए कभी भी अपने शहर से बाहर न जाना पड़े।



















