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महर्षि वाल्मीकि जयंती पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संदेश, सामाजिक समरसता और विरासत संरक्षण पर दिया जोरउत्तर प्रदेश
26 अक्तू॰ 2026, 10:29 am (3 दिन पहले)· 3

महर्षि वाल्मीकि जयंती पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संदेश, सामाजिक समरसता और विरासत संरक्षण पर दिया जोर

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाल्मीकि जयंती पर प्रदेशवासियों को पत्र लिखकर सामाजिक समानता का आह्वान किया और विरासत स्थलों के विकास कार्यों का ब्योरा दिया।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महर्षि वाल्मीकि जयंती के पावन पर्व पर राज्य के नागरिकों के नाम एक विशेष पत्र जारी किया है। इस संदेश में उन्होंने पूरे प्रदेश को पर्व की बधाई और शुभकामनाएं देते हुए महर्षि वाल्मीकि के जीवन दर्शन, उनकी शिक्षाओं और समतामूलक समाज के निर्माण में उनके योगदान को रेखांकित किया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य में वाल्मीकि जयंती के अवसर पर घोषित सार्वजनिक अवकाश वास्तव में आदि कवि महर्षि वाल्मीकि के प्रति श्रद्धा और आदर प्रकट करने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि अमर महाकाव्य रामायण के माध्यम से महर्षि ने सत्य, धर्म, मर्यादा और कर्तव्य के जो शाश्वत मूल्य मानवता को दिए हैं, वे आने वाली पीढ़ियों का सदैव मार्गदर्शन करते रहेंगे।

मर्यादा और सामाजिक सद्भाव का आदर्श दर्शन

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने पत्र में उल्लेख किया कि महर्षि वाल्मीकि ने प्रभु श्रीराम के पावन चरित्र के जरिए जिस आदर्श समाज का खाका खींचा था, उसमें न्याय, परस्पर प्रेम, सामाजिक समरसता और बंधुत्व की भावना को सर्वोच्च स्थान प्राप्त है। उन्होंने प्रभु श्रीराम और निषादराज की प्रगाढ़ मित्रता का विशेष रूप से स्मरण कराया। मुख्यमंत्री के अनुसार, यह प्रसंग यह सिखाता है कि किसी भी समाज की वास्तविक शक्ति आपसी आत्मीयता, आदर और समभाव में निहित है, न कि संकीर्ण सामाजिक पहचान या विभाजनकारी सोच में। उन्होंने जोर देकर कहा कि रामराज्य की आधारशिला हर नागरिक की गरिमा, सुरक्षा और सर्वांगीण कल्याण पर ही टिकी हुई है।

महर्षि वाल्मीकि से जुड़े ऐतिहासिक स्थलों का कायाकल्प

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश सरकार महर्षि के बताए मार्ग का अनुसरण करते हुए समाज के प्रत्येक तबके को सशक्त बनाने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है। इसी कड़ी में चित्रकूट स्थित महर्षि वाल्मीकि के पावन साधना स्थल को नए सिरे से संवारने की ठोस पहल शुरू की गई है, ताकि वहां पहुंचने वाले श्रद्धालु और नई पीढ़ी उनके तपोमय जीवन से प्रत्यक्ष सीख ले सकें। इसके साथ ही, कानपुर के बिठूर में स्थित ऐतिहासिक महर्षि वाल्मीकि आश्रम के संरक्षण और वहां पर्यटन सुविधाओं के विस्तार के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम किए जा रहे हैं।

विरासत को वैश्विक पहचान दिलाने के प्रयासों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या में नवनिर्मित अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का नामकरण महर्षि वाल्मीकि के नाम पर किया गया है। यह निर्णय उनकी स्मृतियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय फलक पर स्थापित करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। इसके अलावा, राज्य सरकार द्वारा इस पावन अवसर पर घोषित सार्वजनिक अवकाश भी इसी सांस्कृतिक कृतज्ञता की अभिव्यक्ति है। उन्होंने इस संबंध में X पर अपना संदेश साझा किया।

वंचित समुदायों को मुख्यधारा से जोड़ने की मुहिम

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रेखांकित किया कि महर्षि वाल्मीकि के मानवीय संदेशों को जमीन पर उतारने के लिए अंतिम पायदान पर मौजूद व्यक्ति का उत्थान अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि सरकार स्वच्छताकर्मियों के सम्मान, उनकी सुरक्षा और सामाजिक कल्याण के लिए निरंतर समर्पित भाव से योजनाएं चला रही है। समाज के उपेक्षित वर्गों के सशक्तीकरण को प्राथमिकता दी जा रही है ताकि प्रत्येक व्यक्ति को आत्मसम्मान के साथ जीने का अवसर मिल सके।

पत्र में आगे विवरण देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि वनटांगिया गांवों को राजस्व ग्राम की मान्यता प्रदान कर उन्हें शासन की मुख्यधारा से जोड़ा गया है। इसके अलावा मुसहर, कोल, थारू और घुमंतू समुदाय के लोगों तक पक्के आवास, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं, शिक्षा और अन्य सरकारी कल्याणकारी योजनाओं की सीधी पहुंच सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने कहा कि वंचित वर्ग के पात्र परिवारों को भूमिधरी अधिकार सौंपे जा रहे हैं, जिससे उन्हें आर्थिक सुरक्षा और गरिमापूर्ण जीवन जीने का ठोस संबल मिल रहा है।

युवा वर्ग से सामाजिक भेदभाव मिटाने का आह्वान

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विशेष रूप से युवाओं से अपील की कि वे प्रभु श्रीराम के मर्यादित आदर्शों को अपने आचरण में ढालें और किसी भी प्रकार के सामाजिक भेदभाव से दूर रहें। उन्होंने कहा कि जब व्यक्ति के मन से जाति, वर्ग और ऊंच-नीच की संकीर्ण दीवारें ढहेंगी, तभी एक समरस, सशक्त और आत्मनिर्भर समाज का सपना सच हो पाएगा। पत्र के समापन पर मुख्यमंत्री ने दोहराया कि महर्षि वाल्मीकि के विचार सामाजिक एकता और समूची मानवता के कल्याण के लिए सदा प्रासंगिक बने रहेंगे।

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सवाल-जवाब

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाल्मीकि जयंती पर प्रदेशवासियों के नाम क्या संदेश दिया?
उन्होंने प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए महर्षि वाल्मीकि की शिक्षाओं, सामाजिक समरसता और समानता के मूल्यों को अपनाने का आह्वान किया।
महर्षि वाल्मीकि के किन ऐतिहासिक स्थलों के विकास का उल्लेख पत्र में किया गया है?
पत्र में चित्रकूट स्थित महर्षि के साधना स्थल और बिठूर में उनके आश्रम के पर्यटन विकास और संरक्षण कार्यों का उल्लेख किया गया है।
अयोध्या के हवाई अड्डे का नामकरण किसके नाम पर किया गया है?
अयोध्या के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का नामकरण महर्षि वाल्मीकि के नाम पर किया गया है।
सरकार ने किन वंचित वर्गों के कल्याण के लिए कदम उठाए हैं?
सरकार ने स्वच्छताकर्मियों, वनटांगिया, मुसहर, कोल, थारू और घुमंतू समुदायों के लिए आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य और भूमिधरी अधिकार प्रदान किए हैं।
मुख्यमंत्री ने युवाओं से क्या विशेष अपील की है?
मुख्यमंत्री ने युवाओं से प्रभु श्रीराम के आदर्शों को अपनाने और समाज में किसी भी तरह के भेदभाव को समाप्त करने का संकल्प लेने की अपील की है।
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टिप्पणियाँ 5

Meera Joshi@meera-joshi·2 दिन पहले

चित्रकूट के उस शांत माहौल में जब मैं पहली बार गई थी, तो वहाँ के इतिहास से जुड़ा एक अलग ही सुकून महसूस हुआ था। इस तरह के आयोजनों से पुरानी जगहों को जो नया रूप मिलता है, वह वाकई अगली पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़े रखने में मदद करता है।

Ravikash Gupta@ravikash·2 दिन पहले

अयोध्या एयरपोर्ट का नाम महर्षि वाल्मीकि के नाम पर रखना वाकई बहुत अच्छी पहल है।

Arjun Mehta@arjun-mehta·2 दिन पहले

रविकेश जी, बिल्कुल सही कहा आपने। एयरपोर्ट का नामकरण वाकई सराहनीय कदम है, इससे नई पीढ़ी को उनके बारे में जानने का मौका मिलेगा।

Karan Malhotra@karan-malhotra·2 दिन पहले

अयोध्या एयरपोर्ट का नाम महर्षि वाल्मीकि के नाम पर रखना वाकई एक बेहतरीन फैसला है। इससे उनकी यादें और दूर तक पहुंचेंगी।

Rohan Verma@rohan-verma·2 दिन पहले

करण, एयरपोर्ट का नाम तो ठीक है, पर बिठूर और चित्रकूट वाले प्रोजेक्ट्स पर काम कब तक पूरा होगा?

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