जम्मू-कश्मीर में मानसून की भारी बारिश से बिगड़ते हालात के बीच कटड़ा में आपदा प्रबंधन के लिए एक विशेष नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब राज्य में लगातार बारिश से बाढ़ और भूस्खलन जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं और प्रशासन पर सतर्कता बढ़ाने का दबाव है।
पूंछ में बाढ़ ने ली 4 जान, राजौरी-रियासी में अलर्ट
खबरों के मुताबिक जम्मू-कश्मीर में हुई भारी बारिश के चलते पूंछ में अचानक आई बाढ़ में 4 लोगों की मौत हो गई है। इस घटना के बाद राजौरी और रियासी जिलों में भी प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है, क्योंकि इन इलाकों में भी भारी बारिश और जलस्तर बढ़ने का खतरा बना हुआ है। पहाड़ी इलाकों में मानसून के दौरान अचानक बाढ़ और भूस्खलन की घटनाएं आम हैं, जिससे सड़क और आवाजाही पर असर पड़ता है।
कटड़ा में कंट्रोल रूम की भूमिका
कटड़ा में बनाया गया यह कंट्रोल रूम मानसून के दौरान आपदा से जुड़ी किसी भी आपात स्थिति पर नजर रखने और तुरंत कार्रवाई करने के मकसद से खोला गया है। कटड़ा माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए आधार शिविर के तौर पर जाना जाता है, इसलिए यहां भारी संख्या में श्रद्धालु हर दिन पहुंचते हैं। ऐसे में बारिश या बाढ़ जैसी स्थिति में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता बन जाता है।
पहले भी हो चुकी है सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा
इससे पहले माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड आपदा से निपटने की तैयारियों और सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा कर चुका है। श्राइन बोर्ड ने कटड़ा स्टेशन पर श्रद्धालुओं के पंजीकरण के लिए 8 नए काउंटर भी शुरू किए थे, ताकि यात्रा के दौरान भीड़ प्रबंधन आसान हो सके। खबरों के मुताबिक इससे पहले कश्मीर में भारी बर्फबारी के चलते हवाई और सड़क संपर्क भी बाधित हो चुका है, जो दिखाता है कि जम्मू-कश्मीर में मौसम से जुड़ी चुनौतियां साल भर बनी रहती हैं।

















