उत्तराखंड के नैनीताल जिले में भवाली-रामगढ़ मार्ग पर एक कार सड़क से उतरकर करीब 50 मीटर गहरी खाई में जा गिरी, जिसमें कार में सवार दोनों लोग घायल हो गए। हादसे की सूचना मिलते ही राज्य आपदा मोचन बल यानी एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर दोनों घायलों को खाई से सुरक्षित बाहर निकाला।
हादसा कैसे हुआ
घटना भवाली-रामगढ़ मार्ग पर हुई, जो नैनीताल जिले की पहाड़ी सड़कों में गिना जाता है। कार अचानक सड़क से नियंत्रण खोकर नीचे खाई की ओर लुढ़क गई और करीब 50 मीटर गहराई में जा गिरी। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों और प्रशासन को इसकी जानकारी दी गई।
एसडीआरएफ का रेस्क्यू ऑपरेशन
सूचना मिलते ही एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और खाई में उतरकर दोनों घायल यात्रियों को बाहर निकाला। रेस्क्यू टीम ने दोनों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया। हादसे में घायल हुए दोनों लोगों की पहचान फिलहाल सार्वजनिक नहीं की गई है।
नैनीताल की पहाड़ी सड़कों पर हादसों का सिलसिला
नैनीताल जिले की पहाड़ी सड़कों पर वाहनों के खाई में गिरने की घटनाएं लगातार सामने आती रही हैं। खबरों के मुताबिक बीते कुछ महीनों में इस इलाके में कई बड़े हादसे हो चुके हैं। जून 2026 में 29 पर्यटकों को ले जा रही एक टेंपो ट्रैवलर नैनीताल में खाई में गिर गई थी, जिसमें 2 महिलाओं की मौत हुई थी और 27 लोग घायल हुए थे, इनमें से 21 की हालत गंभीर बताई गई थी। इससे पहले मई 2026 में उत्तराखंड में एक कार 100 फुट गहरी खाई में गिरने से एक ही परिवार के 4 सदस्यों समेत कुल 5 लोगों की मौत हो गई थी। मार्च 2026 में भी नैनीताल में एक कार खाई में गिरी थी, जिसमें उत्तर प्रदेश के 2 पर्यटकों की मौत हुई थी और 2 अन्य घायल हुए थे। इसके अलावा दिसंबर 2025 में कैंची धाम के पास एक कार खाई में गिरने से 3 श्रद्धालुओं की जान चली गई थी। ये घटनाएं बताती हैं कि नैनीताल की संकरी और घुमावदार पहाड़ी सड़कों पर वाहन चलाना कितना जोखिम भरा हो सकता है, खासकर मानसून और पर्यटन सीजन के दौरान जब सड़कों पर आवाजाही बढ़ जाती है।




















