पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा की पत्नी चेन्नम्मा का निधन हो गया है, और अलग-अलग राजनीतिक दलों के नेता उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए आगे आए हैं। कर्नाटक सरकार ने उनके अंतिम संस्कार में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई देने की व्यवस्था की, जो आमतौर पर सबसे वरिष्ठ सार्वजनिक हस्तियों और उनके करीबी परिजनों के लिए ही आरक्षित रखा जाता है।
कौन थीं चेन्नम्मा
चेन्नम्मा, पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा की पत्नी थीं। अपने पति की तुलना में वे सार्वजनिक जीवन से काफी हद तक दूर रहीं, लेकिन उनके निधन ने इसलिए ध्यान खींचा क्योंकि वे देश के सबसे जाने-माने राजनीतिक परिवारों में से एक से जुड़ी थीं। पार्टी लाइन से ऊपर उठकर अलग-अलग नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी, जो देवेगौड़ा परिवार की भारतीय सार्वजनिक जीवन में अहमियत को दिखाता है।
कर्नाटक का पूरा राजकीय सम्मान
कर्नाटक सरकार का चेन्नम्मा के अंतिम संस्कार में पूरा राजकीय सम्मान देने का फैसला उसी तरह के सम्मान को दर्शाता है, जो आमतौर पर शीर्ष संवैधानिक पदों पर रह चुके लोगों को दिया जाता है। ऐसे सम्मान में आमतौर पर राज्य के मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी आधिकारिक हैसियत से शामिल होते हैं, साथ ही गन सैल्यूट और झुके हुए राष्ट्रीय ध्वज जैसी शोक की परंपरागत रस्में भी निभाई जाती हैं। चेन्नम्मा के लिए यह प्रोटोकॉल अपनाना बताता है कि राज्य देवेगौड़ा परिवार के सार्वजनिक योगदान को कितनी अहमियत देता है।
राजनीतिक मतभेद भुलाकर एकजुट हुए नेता
किसी पूर्व प्रधानमंत्री के परिवार को राजनीतिक विरोध से ऊपर उठकर श्रद्धांजलि देना भारतीय राजनीति में बार-बार दिखने वाली परंपरा बन गई है। ऐसे मौकों पर अलग-अलग पार्टियों के नेता अक्सर आगे आते हैं, यह चलन तब भी देखा जाता है जब कोई वरिष्ठ नेता या उसका करीबी परिजन दुनिया छोड़ता है। चेन्नम्मा के निधन पर भी वैसी ही एकजुटता दिखी और कई राजनीतिक खेमों से संवेदना संदेश सामने आए।




















