उत्तर-पश्चिम दिल्ली के मंगोलपुरी इलाके में स्थित संजय गांधी अस्पताल के मुख्य द्वार के ठीक बाहर बुधवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। अस्पताल परिसर के सामने बने एक खाने-पीने के ठेले पर रखे एलपीजी सिलेंडर में अचानक भीषण आग भड़क उठने से पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी फैल गई। आग की तेज लपटें देखकर अस्पताल के गेट पर मौजूद मरीज, उनके तीमारदार और सड़क से गुजर रहे राहगीर घबरा गए और अपनी सुरक्षा के लिए इधर-उधर भागने लगे।
घटना का क्रम और अफरा-तफरी
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ठेले पर भोजन तैयार किया जा रहा था कि उसी दौरान सिलेंडर से अचानक लपटें निकलने लगीं। देखते ही देखते आग काफी विकराल हो गई, जिससे आसपास भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई। अस्पताल का मुख्य प्रवेश द्वार होने के कारण वहां लोगों की लगातार आवाजाही बनी हुई थी, जिसके चलते कुछ ही देर के लिए वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
स्थानीय लोगों और दमकल की त्वरित कार्रवाई
आग भड़कते ही स्थानीय निवासियों और वहां मौजूद लोगों ने तुरंत बहादुरी दिखाई। लोगों ने अपने स्तर पर आग पर काबू पाने की कोशिश शुरू की और साथ ही तुरंत दमकल विभाग को इस आपात स्थिति की सूचना दी। खबर मिलते ही दमकल की गाड़ियां त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके पर पहुंचीं और कुछ ही समय में लपटों पर पूरी तरह से काबू पा लिया।
राहत की बात और सुरक्षा स्थिति
दमकलकर्मियों की समय पर की गई कार्रवाई के कारण यह आग अस्पताल की इमारत या अन्य दुकानों तक नहीं फैल सकी। इस घटना में किसी भी व्यक्ति के झुलसने या घायल होने की सूचना नहीं है। समय रहते आग पर नियंत्रण पा लेने से एक बहुत बड़ा हादसा होने से बच गया, जिसके बाद अस्पताल प्रशासन और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली।



















