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राजस्थान में एसआई भर्ती परीक्षा केंद्र पर गेट बंद होने से आठ साल की मेहनत पर फिरा पानी, बाहर रोती रही महिला अभ्यर्थीराजस्थान
20 सित॰ 2026, 11:57 am (19 मिनट पहले)· 0

राजस्थान में एसआई भर्ती परीक्षा केंद्र पर गेट बंद होने से आठ साल की मेहनत पर फिरा पानी, बाहर रोती रही महिला अभ्यर्थी

जयपुर के गांधी नगर परीक्षा केंद्र पर तय समय के ठीक बाद गेट बंद होने से आठ साल से तैयारी कर रही विवाहित महिला अभ्यर्थी को प्रवेश नहीं मिला, जिससे परीक्षा व्यवस्था और सख्ती पर सवाल उठ खड़े हुए हैं।

जयपुर के गांधी नगर स्थित महात्मा गांधी स्कूल नंबर 2 के परीक्षा केंद्र पर एक महिला अभ्यर्थी के आठ वर्षों के कड़े संघर्ष और सपनों पर उस समय गहरा आघात लगा, जब ठीक समय सीमा समाप्त होने का हवाला देकर उसके सामने मुख्य प्रवेश द्वार बंद कर दिया गया। सालों की रात-दिन की पढ़ाई, पारिवारिक और वैवाहिक जीवन की जिम्मेदारियों के बीच की गई अथक मेहनत और सरकारी सेवा में सब-इंस्पेक्टर बनने की उम्मीदें केंद्र की दहलीज पर आकर ठहर गईं। महिला हाथ जोड़कर, अपनी विवशता गिड़गिड़ाकर बताती रही और परीक्षा कक्ष तक पहुंचने की अनुमति मांगती रही, लेकिन सुरक्षा कर्मियों और परीक्षा प्रबंधन ने नियमों की दुहाई देते हुए गेट खोलने से साफ मना कर दिया। प्रवेश न मिलने पर बदहवास होकर रोती इस अभ्यर्थी का वीडियो और दृश्य वहां मौजूद हर व्यक्ति को झकझोर गया, जिसने भर्ती प्रक्रियाओं में समय की कठोर पाबंदी और अभ्यर्थियों के मानवीय संघर्ष के बीच के संतुलन पर एक गंभीर बहस छेड़ दी है।

शादी और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बावजूद नहीं छोड़ा था सपना

इस महिला अभ्यर्थी के लिए यह संघर्ष हाल-फिलहाल का नहीं था, बल्कि वह पिछले आठ सालों से लगातार प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जुटी हुई थी। आम तौर पर घरेलू जिम्मेदारियों और शादी के बाद युवतियों के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी जारी रखना बेहद चुनौतीपूर्ण होता है, लेकिन उसने अपने लक्ष्य को कभी ओझल नहीं होने दिया। हाल ही में उसका विवाह हुआ था, फिर भी उसने किताबों से दूरी नहीं बनाई और सब-इंस्पेक्टर बनने की अपनी लगन को जिंदा रखा। वर्ष 2021 में आयोजित एसआई भर्ती परीक्षा में भी उसने भाग लिया था और उस समय परीक्षा देने के लिए वह अजमेर गई थी। उस परीक्षा के बाद भी उसने हार नहीं मानी और अपनी तैयारी को निरंतर धार देती रही। इस बार जब पुन: परीक्षा का आयोजन हुआ, तो वह पूरे आत्मविश्वास और उम्मीद के साथ राजधानी जयपुर के परीक्षा केंद्र पर पहुंची थी, ताकि वर्षों का उसका सपना साकार हो सके।

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समय का फेर और गेट बंद होने का विवाद

परीक्षा केंद्र पर अभ्यर्थियों के प्रवेश के लिए सुबह 9 बजे तक की समय सीमा तय की गई थी। महिला अभ्यर्थी का कहना था कि वह ठीक 9 बजे केंद्र के द्वार पर पहुंच चुकी थी और घड़ी में 9 बजकर 1 मिनट भी नहीं हुआ था। इसके बावजूद केंद्र के सुरक्षा कर्मियों ने ठीक उसी पल लोहे का भारी गेट बंद कर दिया। बाहर खड़ी महिला बार-बार गुहार लगाती रही कि उसे कुछ पलों की रियायत दी जाए और अंदर जाने दिया जाए, क्योंकि उसका पूरा करियर और आठ साल का अथक परिश्रम दांव पर लगा है। उसने अपनी पारिवारिक मजबूरियों और दूर से सफर तय करके आने का भी हवाला दिया। हालांकि, केंद्र प्रशासन ने सख्त दिशा-निर्देशों का हवाला देते हुए किसी भी तरह की ढील देने से इनकार कर दिया। कुछ ही मिनटों में जब यह तय हो गया कि अब गेट नहीं खुलेगा, तो अभ्यर्थी फूट-फूट कर रोने लगी। उसका यह बिलखना परीक्षा केंद्र के बाहर जमा अन्य अभिभावकों और राहगीरों के बीच भी गहरी चर्चा और सहानुभूति का केंद्र बन गया।

केंद्र की अन्य व्यवस्थाओं पर भी उठे गंभीर सवाल

केवल प्रवेश द्वार बंद होने का मामला ही नहीं, बल्कि गांधी नगर स्थित इसी महात्मा गांधी स्कूल नंबर 2 केंद्र की अन्य व्यवस्थाओं को लेकर भी गंभीर आपत्तियां दर्ज की गईं। परीक्षा केंद्र पर पहुंचे अभ्यर्थियों और अभिभावकों के अनुसार, महिला अभ्यर्थियों की शारीरिक और बायोमेट्रिक जांच की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए गए हैं। आरोप लगे कि महिलाओं की जांच खुले स्थान पर की जा रही थी, जिससे उनकी निजता और गरिमा को लेकर नाराजगी पैदा हुई। इसके अलावा, एक तरफ जहां परीक्षार्थियों के लिए सेकंडों की देरी पर सख्त रुख अपनाया गया, वहीं कथित रूप से कुछ वाहनों को आसानी से केंद्र परिसर के अंदर आने की अनुमति दी गई। इन दोनों परस्पर विरोधी स्थितियों ने केंद्र के प्रबंधन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, इन तमाम प्रशासनिक व्यवस्थाओं और आरोपों को लेकर संबंधित अधिकारियों की ओर से अभी विस्तृत स्पष्टीकरण आना बाकी है, जिसके बाद ही जांच और सुरक्षा प्रोटोकॉल के क्रियान्वयन की असली तस्वीर सामने आ सकेगी।

पेपर लीक की पृष्ठभूमि और नियमों की बढ़ती सख्ती

राजस्थान में सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा को लेकर नियमों की यह कठोरता एक संवेदनशील पृष्ठभूमि से जुड़ी हुई है। राज्य में प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और धांधली के मामलों को लेकर लंबे समय से कड़ा रुख अपनाया जा रहा है और पूरी परीक्षा प्रणाली पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। राजस्थान उच्च न्यायालय ने भी अगस्त 2026 में बार-बार सामने आने वाली पेपर लीक की समस्या पर गंभीर संज्ञान लिया था। उच्च न्यायालय ने भविष्य में ऐसी गड़बड़ियों और धांधली को पूरी तरह रोकने के लिए एक मजबूत और प्रभावी व्यवस्था तैयार करने के संबंध में राज्य सरकार से विस्तृत स्थिति रिपोर्ट तलब की थी। इसी न्यायिक और प्रशासनिक दबाव के कारण परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा, समय पालन और नकल रोकथाम को लेकर अत्यधिक कड़े नियम लागू किए गए हैं ताकि किसी भी स्तर पर समानता और पारदर्शिता से समझौता न हो।

कड़े नियमों और मानवीय पहलू के बीच संतुलन की दरकार

इस पूरी घटना ने भर्ती परीक्षाओं के दो बेहद जटिल पहलुओं को आमने-सामने लाकर खड़ा कर दिया है। एक पहलू यह है कि परीक्षाओं में नकल, अनियमितता और पेपर लीक जैसी बुराइयों को जड़ से मिटाने के लिए समय सीमा और सुरक्षा की कठोरता अत्यंत आवश्यक है। वहीं दूसरा पहलू यह है कि सुदूर क्षेत्रों से आने वाले अभ्यर्थी वर्षों के समर्पण, आर्थिक तंगी और व्यक्तिगत संघर्ष के बाद परीक्षा केंद्र तक पहुंचते हैं। किसी परीक्षार्थी के लिए परीक्षा केवल दो घंटे का प्रश्नपत्र नहीं होती, बल्कि उसके पूरे परिवार का भविष्य और कई सालों की तपस्या होती है। अब इस मामले में सबसे प्रमुख सवाल यही बना हुआ है कि क्या समय सीमा की पालना और प्रशासनिक प्रोटोकॉल के क्रियान्वयन में इतनी पारदर्शिता और सटीकता मौजूद थी कि अभ्यर्थी के दावे की सत्यता परखी जा सके, क्योंकि यह स्थिति केवल आधिकारिक रिकॉर्ड और समय की डिजिटल जांच के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।

सवाल-जवाब

यह घटना किस परीक्षा केंद्र पर और कहां घटी?
यह घटना राजस्थान की राजधानी जयपुर के गांधी नगर स्थित महात्मा गांधी स्कूल नंबर 2 परीक्षा केंद्र के बाहर हुई।
महिला अभ्यर्थी को परीक्षा केंद्र में प्रवेश क्यों नहीं दिया गया?
केंद्र पर प्रवेश का अंतिम समय सुबह 9:00 बजे निर्धारित था और समय सीमा समाप्त होते ही मुख्य गेट बंद कर दिए जाने के कारण उसे अंदर जाने की अनुमति नहीं मिली।
अभ्यर्थी का समय को लेकर क्या दावा था?
अभ्यर्थी का दावा था कि वह ठीक 9:00 बजे केंद्र पर पहुंच गई थी और 9 बजकर 1 मिनट भी नहीं हुआ था, लेकिन फिर भी उसके सामने गेट बंद कर दिया गया।
महिला अभ्यर्थी कितने समय से इस सरकारी नौकरी की तैयारी कर रही थी?
वह पिछले करीब आठ साल से सरकारी नौकरी और एसआई भर्ती परीक्षा की लगातार तैयारी कर रही थी।
क्या अभ्यर्थी ने इससे पहले भी एसआई भर्ती परीक्षा दी थी?
हां, उसने वर्ष 2021 में भी एसआई भर्ती परीक्षा में शामिल होने के लिए अजमेर जाकर परीक्षा दी थी।
परीक्षा केंद्र की व्यवस्थाओं को लेकर क्या अन्य आपत्तियां उठीं?
केंद्र पर महिला अभ्यर्थियों की जांच खुले स्थान पर किए जाने और कुछ वाहनों को परिसर के भीतर जाने की अनुमति दिए जाने पर सवाल उठाए गए।
राजस्थान उच्च न्यायालय ने भर्ती परीक्षाओं के संबंध में क्या संज्ञान लिया था?
राजस्थान उच्च न्यायालय ने अगस्त 2026 में पेपर लीक की घटनाओं पर संज्ञान लेकर भविष्य में ऐसी समस्याओं को रोकने के लिए सरकार से स्थिति रिपोर्ट मांगी थी।
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