रायपुर में बीमारी ठीक करने के बहाने महिला से 15 तोला सोना और नकदी ऐंठी, 3 फर्जी साधु फरारदिल्ली के झारखंड भवन में लिफ्ट अटकने से पूर्व सांसद घूरन राम के परिवार के 6 सदस्य हुए अचेत, परिसर में फूटा गुस्सावृश्चिक राशिफल 1 अक्टूबर: आर्थिक फैसलों में बरतें संयम, रिश्तों में धैर्य और सुनने की आदत से बनेगी बातअक्टूबर की शुरुआत में 19 किलो वाला कमर्शियल गैस सिलेंडर हुआ महंगा, जानिए प्रमुख शहरों में नए दामअजय देवगन की दृश्यम 3 के कलाकारों का मेहनताना आया सामने, मुख्य अभिनेता से तब्बू को मिली सात गुना कम रकमसर्दियों में रंग-बिरंगे फूलों से महकेगा घर, अक्टूबर के महीने में गमलों में लगाएं ये सात खास किस्मेंकम सामग्री में घर पर बनाएं छत्तीसगढ़ की पारंपरिक लाल भाजी और आलू की सूखी सब्जीप्रशांत महासागर में अल नीनो के उभार से कमजोर पड़ा मानसून, 2001 के बाद दर्ज हुई चौथी सबसे सूखी स्थितिबिना फ्राई किए ओवन में बनाएं सुपर क्रिस्पी चिकन श्नाइटल, रसदार स्वाद और कम तेल का आसान तरीकाकिसान के बेटे डॉ. भागचंद बधाल का RAS से IAS कैडर में हुआ प्रमोशन, सरकारी स्कूल से शुरू हुआ था सफर
मणिपुर के तामेंगलोंग और नोनी में भीषण हमला, कुकी-जो काउंसिल का दावा वर्ष 2026 में अब तक 22 से अधिक नागरिक गँवा चुके हैं जानमणिपुर
14 सित॰ 2026, 4:17 pm (17 दिन पहले)· 1

मणिपुर के तामेंगलोंग और नोनी में भीषण हमला, कुकी-जो काउंसिल का दावा वर्ष 2026 में अब तक 22 से अधिक नागरिक गँवा चुके हैं जान

मणिपुर के तामेंगलोंग और नोनी जिलों में संदिग्ध उग्रवादियों के हमले में दो महिलाओं समेत चार लोगों की मौत हो गई। घटना के बाद कुकी-जो काउंसिल और स्थानीय विधायकों ने कड़ा आक्रोश जताया है।

मणिपुर में जारी तनाव के बीच रविवार को सुरक्षा व्यवस्था को बड़ा झटका लगा, जब तामेंगलोंग और नोनी जिलों में स्थित बस्तियों को निशाना बनाकर किए गए हमलों में दो महिलाओं समेत चार लोगों की मौत हो गई। टोलेन तथा लोंगपी गांवों में घटी इस खूनी वारदात के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया है। इस घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए कुकी-जो काउंसिल ने चेतावनी दी है कि उग्रवादी गुटों की ये मनमानी हरकतें पूरे राज्य को एक बार फिर भीषण गृहयुद्ध जैसी स्थिति में धकेल सकती हैं।

साल 2026 में लगातार बढ़ रहा मौतों का आंकड़ा

काउंसिल द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2026 के शुरुआती महीनों से लेकर अब तक नगा सशस्त्र गिरोहों के हाथों कुकी-जो समुदाय के 22 से ज्यादा बेकसूर लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। इनमें कई मासूम बच्चे और महिलाएं भी शामिल हैं। संगठन का आरोप है कि हिंसा की इस लहर को रोकने के लिए राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर जिम्मेदार लोग ठोस बातचीत करने में झिझक दिखा रहे हैं। इसके साथ ही, काउंसिल ने केंद्र सरकार से तत्काल कड़े कदम उठाने की मांग करते हुए कहा है कि सशस्त्र गिरोहों को कानून से खिलवाड़ करने की खुली छूट कतई नहीं दी जानी चाहिए।

ये भी पढ़ें

जनप्रतिनिधियों ने जताया कड़ा विरोध

ताज़ा हिंसा पर कुकी समुदाय का प्रतिनिधित्व करने वाले विधायकों ने भी गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। सैटू क्षेत्र से विधायक हाओखोलेट किपगेन ने नागरिकों की सुरक्षा पर जोर देते हुए कहा, "हर नागरिक को गरिमा के साथ और आतंक से मुक्त होकर जीने का अधिकार है।" वहीं विधायक लेतजामांग हाओकिप ने सुरक्षा तंत्र से मांग की है कि इस जघन्य अपराध में शामिल दोषियों को अविलंब गिरफ्तार किया जाए ताकि निर्दोष लोगों की जान बचाई जा सके। एक अन्य जनप्रतिनिधि किमनियो हैंगशिंग ने असहाय ग्रामीणों पर किए गए इस हमले को निंदनीय और कायरतापूर्ण कृत्य करार दिया।

मई 2023 से जल रहा है मणिपुर

पूर्वोत्तर के इस राज्य में मई 2023 से मैतेई और कुकी समुदायों के बीच शुरू हुआ जातीय संघर्ष बेहद गंभीर मोड़ ले चुका है। घाटी इलाके में रहने वाले बहुसंख्यक मैतेई और पहाड़ी क्षेत्रों में बसे कुकी समुदाय के बीच भड़की इस हिंसा में अब तक कम से कम 306 नागरिकों की मौत दर्ज की जा चुकी है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 49 नागरिक अब भी लापता हैं, जबकि हजारों परिवार अपना घर-बार छोड़कर राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं। टोलेन और लोंगपी की ताजा घटनाओं ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि क्षेत्र में शांति बहाल करने के लिए व्यापक और कठोर प्रशासनिक प्रयासों की सख्त जरूरत है।

सवाल-जवाब

मणिपुर में रविवार को क्या घटना हुई?
तामेंगलोंग और नोनी जिलों के टोलेन और लोंगपी गांवों में संदिग्ध उग्रवादियों ने हमला किया, जिसमें दो महिलाओं समेत चार लोगों की जान चली गई।
कुकी-जो काउंसिल ने वर्ष 2026 की हिंसा को लेकर क्या दावा किया है?
काउंसिल ने दावा किया है कि 2026 की शुरुआत से अब तक नगा सशस्त्र समूहों द्वारा 22 से अधिक कुकी-जो नागरिकों की हत्या की जा चुकी है।
मणिपुर में मई 2023 से शुरू हुई हिंसा में अब तक कितना नुकसान हुआ है?
मई 2023 से मैतेई और कुकी समुदायों के बीच जारी जातीय संघर्ष में कम से कम 306 लोग मारे गए हैं, 49 लोग लापता हैं और हजारों लोग बेघर हो चुके हैं।
हिंसा पर कुकी विधायकों की क्या प्रतिक्रिया रही?
विधायकों ने हमलों की निंदा की, हाओखोलेट किपगेन ने हर नागरिक के गरिमापूर्ण जीवन के अधिकार पर जोर दिया और लेतजामांग हाओकिप ने दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp