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मणिपुर के दो जिलों ने हासिल किया सुरक्षित दर्जा, राष्ट्रीय एचआईवी अभियान में बड़ी सफलतामणिपुर
7 नव॰ 2026, 6:38 pm (5 घंटे पहले)· 0

मणिपुर के दो जिलों ने हासिल किया सुरक्षित दर्जा, राष्ट्रीय एचआईवी अभियान में बड़ी सफलता

मणिपुर के इम्फाल पश्चिम और फेरजावल जिलों ने राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन की पहल के तहत सुरक्षित दर्जा प्राप्त कर लिया है।

मणिपुर के दो प्रमुख जिलों ने स्वास्थ्य क्षेत्र में एक उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए एचआईवी नियंत्रण अभियान के अंतर्गत सुरक्षित दर्जा प्राप्त कर लिया है। मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने इस खास मौके पर इम्फाल पश्चिम और फेरजावल जिलों को सम्मानित किया। यह पूरा कार्यक्रम राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन की मोबिलाइजेशन फॉर एड्स सुरक्षा पहल के तहत आयोजित किया गया था, जिसे राज्य में इस घातक बीमारी के खिलाफ चल रही लड़ाई में एक बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है।

सम्मान समारोह और 95-95-95 लक्ष्य

इस विशेष उपलब्धि का जश्न मनाने के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय में सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य उन जिलों की सराहना करना था जिन्होंने निर्धारित 95-95-95 एचआईवी लक्ष्यों को सफलतापूर्वक पूरा किया है। मणिपुर राज्य एड्स नियंत्रण सोसायटी की तरफ से दी गई जानकारी के अनुसार, राज्य के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है जब किसी जिले ने इस तरह की प्रतिष्ठित मान्यता प्राप्त की है।

लक्ष्यों के मायने और स्वास्थ्य अधिकारियों का पक्ष

इस मील के पत्थर के महत्व को स्पष्ट करते हुए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण आयुक्त और मणिपुर राज्य एड्स नियंत्रण सोसायटी के अध्यक्ष सुमंत सिंह ने बताया कि इन लक्ष्यों के तहत एचआईवी के साथ जी रहे अनुमानित लोगों में से 95 प्रतिशत को अपनी स्थिति की जानकारी होना जरूरी है। इसके अलावा, जिन लोगों में संक्रमण की पुष्टि होती है उनमें से 95 प्रतिशत को एंटीरेट्रोवाइरल थेरेपी मिलना आवश्यक है, और इलाज करवा रहे 95 प्रतिशत लोगों में वायरल सप्रेसिव स्थिति आनी चाहिए। उन्होंने आगे स्पष्ट किया कि वायरल सप्रेशन का सीधा मतलब यह होता है कि जिन लोगों ने इसे प्राप्त कर लिया है, उनमें यह वायरस प्रभावी ढंग से नियंत्रित रहता है।

मुख्यमंत्री का संबोधन और सोशल मीडिया पर संदेश

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य कर्मियों, सरकारी अधिकारियों और जमीनी स्तर पर काम करने वाले सामुदायिक संगठनों के योगदान की खुलकर सराहना की और उन्हें धन्यवाद दिया। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से यह भी आग्रह किया कि वे अपने प्रयासों को और अधिक तेज करें ताकि राज्य के बाकी जिले भी जल्द से जल्द सुरक्षित दर्जा हासिल कर सकें। इस संबंध में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने विचार साझा करते हुए युमनाम खेमचंद सिंह ने लिखा कि यह उल्लेखनीय उपलब्धि जमीनी स्तर पर एचआईवी रोकथाम को मजबूत करने में हमारे स्वास्थ्य कर्मियों के समर्पित प्रयासों को दर्शाती है।

जिला प्रशासन और टीमों की भागीदारी

समारोह के दौरान इम्फाल पश्चिम और फेरजावल जिला प्रशासनों के प्रतिनिधियों के साथ-साथ उनके संबंधित मुख्य चिकित्सा कार्यालयों और जिला इंटीग्रेटेड स्ट्रेटजी ऑफ एचआईवी टीमों को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान एक विशेष प्रस्तुति भी दी गई जिसमें उन सभी प्रयासों और रणनीतियों को विस्तार से समझाया गया जिन्हें दोनों जिलों ने इस मुकाम तक पहुंचने के लिए अपनाया था।

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सवाल-जवाब

मणिपुर के किन जिलों ने सुरक्षित दर्जा हासिल किया है?
इम्फाल पश्चिम और फेरजावल जिलों ने राष्ट्रीय एचआईवी पहल के तहत सुरक्षित दर्जा प्राप्त किया है।
यह सम्मान समारोह कहाँ आयोजित किया गया था?
यह समारोह मुख्यमंत्री कार्यालय में आयोजित किया गया था।
इस पहल के पीछे कौन सा संगठन है?
यह पहल राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन के अंतर्गत संचालित की जाती है।
सुरक्षित दर्जा पाने के लिए कौन से लक्ष्य पूरे करने होते हैं?
इसके लिए 95-95-95 के लक्ष्यों को पूरा करना अनिवार्य होता है।
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