शिलांग स्थित मेघालय लोक भवन में मंगलवार को एक विशेष समारोह आयोजित किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य देश के विभिन्न हिस्सों की ऐतिहासिक यात्रा और विविधता का उत्सव मनाना था। इस आयोजन के दौरान 16 अलग-अलग राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों के स्थापना दिवस को एक साझा मंच पर सम्मानित किया गया। समारोह में राष्ट्र निर्माण के भीतर सभी क्षेत्रों की विशिष्ट भूमिका और साझी सांस्कृतिक विरासत पर विशेष प्रकाश डाला गया।
राष्ट्रीय यात्रा और जन आकांक्षाओं का सम्मान
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मेघालय के राज्यपाल सी एच विजयशंकर ने प्रत्येक प्रांत के अस्तित्व में आने के ऐतिहासिक महत्व की चर्चा की। उन्होंने कहा कि हर राज्य और केंद्र शासित प्रदेश का गठन देश की प्रगतिशील यात्रा में एक बेहद महत्वपूर्ण पड़ाव को दर्शाता है, जिसे वहां के नागरिकों की उम्मीदों और पीढ़ियों की मेहनत ने आकार दिया है।
राज्यपाल ने इस बात पर खास बल दिया कि विकास की रफ्तार ऐसी होनी चाहिए जिसका सीधा फायदा समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने रेखांकित किया कि बुनियादी ढांचे के विस्तार, ग्रामीण जनता के कल्याण, बेहतर रोजगार निर्माण, सुलभ चिकित्सा सुविधाओं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर लगातार ध्यान केंद्रित किया जाना जरूरी है। उनके अनुसार जब तक प्रत्येक क्षेत्र आगे नहीं बढ़ेगा, तब तक पूरे देश का समग्र विकास संभव नहीं हो सकता। उन्होंने विकसित राष्ट्र के लक्ष्य को हासिल करने के लिए सभी क्षेत्रों के बीच मजबूत सहयोग और साझा जिम्मेदारी की आवश्यकता बताई।
आर्थिक योगदान और समृद्ध परंपराओं की झलक
समारोह के दौरान तमिलनाडु के राज्यपाल का एक विशेष वीडियो संदेश भी प्रस्तुत किया गया। अपने वक्तव्य में उन्होंने राज्य की आर्थिक स्थिति का उल्लेख करते हुए बताया कि राष्ट्रीय जीडीपी में तमिलनाडु का योगदान लगभग 9.4 प्रतिशत है। इसके साथ ही उन्होंने रेखांकित किया कि बीते वर्ष जीएसटी संग्रह के मामले में तमिलनाडु देश का दूसरा सबसे बड़ा योगदानकर्ता राज्य रहा।
इस अवसर पर रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी हुईं, जिन्होंने उपस्थित जनसमूह को देश की विविध कला शैलियों से परिचित कराया। मंच पर मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, जम्मू-कश्मीर और तमिलनाडु की समृद्ध लोक परंपराओं, नृत्यों और संगीत की शानदार प्रस्तुतियां दी गईं।
समारोह में शामिल सभी क्षेत्र
इस बड़े आयोजन में जिन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के स्थापना दिवस को शामिल किया गया, उनमें कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, केरल, मध्य प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, छत्तीसगढ़ और तमिलनाडु शामिल रहे। इसके अलावा केंद्र शासित क्षेत्रों के तौर पर दिल्ली, चंडीगढ़, पुडुचेरी, लक्षद्वीप, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, लद्दाख तथा जम्मू और कश्मीर के स्थापना दिवस का भी इस साझा उत्सव में औपचारिक रूप से सम्मान किया गया।



















