मणिपुर में सुरक्षा अभियानों को मजबूती देने और तैनात जवानों की आवाजाही को सुगम बनाने के उद्देश्य से सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (CRPF) ने दो नए हवाई मार्गों पर एयर कूरियर सर्विस (ACS) शुरू करने की योजना बनाई है. इसके तहत दिल्ली से इंफाल और दिल्ली से सिलचर के बीच सीधी उड़ानों का प्रस्ताव तैयार किया गया है. जम्मू-कश्मीर में तैनात सुरक्षा बलों को मिलने वाली हवाई परिवहन सुविधा की तर्ज पर इस व्यवस्था को लागू करने की तैयारी है. यदि इस योजना को अंतिम मंजूरी मिल जाती है, तो जवानों की आवाजाही के साथ जरूरी सरकारी रसद और प्रशासनिक दस्तावेजों का परिवहन भी अधिक तेज और सुरक्षित हो जाएगा.
मणिपुर के लिए दो नए हवाई मार्गों का प्रस्ताव
पूर्वोत्तर क्षेत्र में हाल के महीनों के दौरान सुरक्षा प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए CRPF ने मणिपुर में अपनी उपस्थिति को व्यापक रूप से बढ़ाया है. अभियान की प्रभावशीलता बढ़ाने के उद्देश्य से वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ विशेष एंटी-नक्सल यूनिट कोबरा (CoBRA) के जवानों को भी राज्य में तैनात किया गया है. सुरक्षा टुकड़ियों और उपकरणों की समय पर पहुंच सुनिश्चित करने के लिए क्षेत्रीय हवाई संपर्क को सुदृढ़ करना बेहद जरूरी माना जा रहा है. इसी सिलसिले में CRPF के महानिदेशालय की ओर से मार्च 2026 में गृह मंत्रालय के समक्ष दिल्ली-इंफाल-दिल्ली और दिल्ली-सिलचर-दिल्ली रूट पर समर्पित एयर कूरियर सुविधा उपलब्ध कराने की औपचारिक सिफारिश भेजी गई थी.
गृह मंत्रालय की समीक्षा और 'गैप एनालिसिस' पर सवाल
CRPF से प्रस्ताव मिलने के बाद गृह मंत्रालय ने इस दिशा में समीक्षा प्रक्रिया शुरू की है. मंत्रालय ने बल से यह स्पष्ट करने को कहा है कि इन नए वायु मार्गों की तात्कालिक आवश्यकता क्यों महसूस की जा रही है. इसके साथ ही गृह मंत्रालय ने यह भी जानने का प्रयास किया है कि क्या इस मांग के पीछे कोई विस्तृत गैप एनालिसिस यानी आवश्यकता और संसाधनों की खाई से जुड़ा कोई अध्ययन कराया गया है. मंत्रालय का मानना है कि नई सेवा शुरू करने से पहले जमीनी जरूरतों का पूर्ण मूल्यांकन होना आवश्यक है ताकि मौजूदा संसाधनों का बेहतर उपयोग किया जा सके.
कोलकाता रूट पर निर्भरता और संभावित बदलाव
वर्तमान में पूर्वोत्तर जाने वाले सुरक्षाकर्मियों के लिए हवाई परिवहन की मुख्य व्यवस्था कोलकाता केंद्र पर आधारित है. गृह मंत्रालय ने संकेत दिया है कि दिल्ली से इंफाल और सिलचर की सीधी उड़ानों की शुरुआत के बाद जवानों के यात्रा पैटर्न में बदलाव आ सकता है. बड़ी संख्या में सैनिक कोलकाता के बजाय दिल्ली से सीधे यात्रा करने का विकल्प चुन सकते हैं. इसी संभावना को देखते हुए मंत्रालय ने बीएसएफ (BSF) और संबंधित सुरक्षा एजेंसियों को निर्देश दिया है कि वे कोलकाता-इंफाल-कोलकाता और कोलकाता-आइजोल-सिलचर-कोलकाता जैसे मौजूदा रूटों की प्रासंगिकता का पुनर्मूल्यांकन करें. फिलहाल CRPF गृह मंत्रालय द्वारा उठाए गए इन सभी बिंदुओं और सुझावों पर मंथन कर रही है.
एयर कूरियर सर्विस (ACS) क्या है और इसके लाभ
एयर कूरियर सर्विस (ACS) केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) के कर्मियों के कल्याण और त्वरित आवाजाही के लिए गृह मंत्रालय द्वारा संचालित एक विशेष हवाई सेवा है. इसका मुख्य उद्देश्य दूरदराज, संवेदनशील तथा कठिन भौगोलिक परिस्थितियों वाले इलाकों में तैनात जवानों को ड्यूटी संभालने या अवकाश पर जाने के दौरान सुरक्षित और समयबद्ध हवाई यात्रा उपलब्ध कराना है. यह सुविधा सभी रैंकों के अधिकारियों और जवानों के लिए समान रूप से उपलब्ध रहती है. CRPF के अलावा BSF, CISF, ITBP, SSB, असम राइफल्स, इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) और NDRF के कर्मी भी इस कल्याणकारी योजना के दायरे में आते हैं.



















