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मंडला में 108 एंबुलेंस का ऑक्सीजन सिलेंडर खाली होने से 21 वर्षीय अजीत बरया की मौत, मंत्री सम्पतिया उइके ने दिए जांच के निर्देशमध्य प्रदेश
1 अग॰ 2026, 4:26 pm (88 दिन पहले)· 1

मंडला में 108 एंबुलेंस का ऑक्सीजन सिलेंडर खाली होने से 21 वर्षीय अजीत बरया की मौत, मंत्री सम्पतिया उइके ने दिए जांच के निर्देश

मध्य प्रदेश के मंडला जिले में 108 एंबुलेंस में ऑक्सीजन खत्म होने के कारण 21 वर्षीय किडनी मरीज अजीत बरया की जिला अस्पताल पहुंचने से पहले ही मौत हो गई। घटना के बाद राज्य की स्वास्थ्य एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री सम्पतिया उइके ने मामले की जांच के निर्देश दिए हैं।

मध्य प्रदेश के मंडला जिले से सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीर सवाल खड़े करने वाली एक अत्यंत दुखद खबर सामने आई है। प्रदेश की कैबिनेट मंत्री और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री सम्पतिया उइके के गृह जिले में एक 21 वर्षीय युवक की एंबुलेंस में समय पर ऑक्सीजन न मिल पाने और रास्ते में सिलेंडर खाली होने के कारण जान चली गई। मृतक के परिजनों ने आपातकालीन 108 एंबुलेंस सेवा के कर्मचारियों पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं। इस दर्दनाक घटना के बाद जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है, जिसके बाद मंत्री ने जांच के आदेश दिए हैं।

बीमारी से जूझ रहे मरीज को मिला सिस्टम का अनदेखापन

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मंडला जिले के ग्राम सुनहरा माल निवासी 21 वर्षीय अजीत बरया लंबे समय से किडनी की गंभीर बीमारी से पीड़ित था। उसका नियमित रूप से मंडला के जिला अस्पताल में डायलिसिस किया जा रहा था। पीड़ित परिवार का कहना है कि वे काफी समय से अस्पताल प्रबंधन से डायलिसिस की समय सारणी में बदलाव और बेहतर चिकित्सीय देखभाल की गुहार लगा रहे थे। हालांकि, परिजनों का दावा है कि उनकी मांगों पर उचित ध्यान नहीं दिया गया, जिसके कारण मरीज की स्थिति लगातार बिगड़ती चली गई।

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एंबुलेंस की देरी और शुरुआती लापरवाही का घटनाक्रम

अजीत बरया की तबीयत अचानक अत्यधिक बिगड़ने और सांस लेने में भारी तकलीफ होने पर परिजनों ने तत्काल 108 आपातकालीन एंबुलेंस सेवा को फोन किया। परिजनों का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद एंबुलेंस लगभग एक घंटे की देरी से मौके पर पहुंची। इसके बाद जब एंबुलेंस में मरीज को रखा गया, तो वहां मौजूद स्टाफ ने डॉक्टर की लिखित अनुमति न होने की बात कहकर तुरंत ऑक्सीजन लगाने से मना कर दिया। गंभीर हालत के बावजूद प्राथमिक उपचार में हुई इस देरी ने मरीज की स्थिति को और नाजुक बना दिया।

चलती एंबुलेंस में थमीं सांसें, खाली निकला सिलेंडर

मरीज को पहले सीधे जिला अस्पताल ले जाने के बजाय बम्हनी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां तैनात चिकित्सक ने अजीत की गंभीर स्थिति को देखते हुए तुरंत ऑक्सीजन चालू करने के निर्देश दिए और उसे मंडला जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। आरोप है कि एंबुलेंस जब मंडला के रास्ते में थी, तभी उसमें लगा ऑक्सीजन सिलेंडर अचानक खाली हो गया। सिलेंडर से ऑक्सीजन की आपूर्ति बंद होते ही मरीज की सांसें उखड़ने लगीं और जिला अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसने अपने माता-पिता की गोद में दम तोड़ दिया। इस घटना ने एंबुलेंस में बैकअप सिलेंडर और रवानगी से पूर्व उपकरणों की जांच व्यवस्था पर बड़े सवाल उठा दिए हैं।

मंत्री सम्पतिया उइके के गृह जिले में उठे गंभीर सवाल

यह पूरा मामला इसलिए भी अधिक संवेदनशील है क्योंकि मंडला जिला राज्य सरकार की वरिष्ठ मंत्री सम्पतिया उइके का गृह क्षेत्र है। स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों का कहना है कि जब मंत्री के अपने जिले में आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं इस प्रकार की लापरवाही की शिकार हैं, तो दूरदराज के क्षेत्रों की स्थिति सहज ही समझी जा सकती है। इससे पहले भी जिले में एंबुलेंस की देरी, डॉक्टरों की कमी और रेफरल प्रणाली की कमियों को लेकर सवाल उठते रहे हैं। मंत्री सम्पतिया उइके ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है, लेकिन परिजनों का कहना है कि प्रशासनिक जांच से उनका खोया हुआ बेटा वापस नहीं आ पाएगा।

सवाल-जवाब

यह दुखद घटना मध्य प्रदेश के किस जिले में हुई?
यह घटना मध्य प्रदेश के मंडला जिले में हुई, जहां एंबुलेंस में ऑक्सीजन सिलेंडर खत्म होने से 21 वर्षीय युवक की मौत हो गई।
मृतक युवक का नाम क्या था और वह किस बीमारी से पीड़ित था?
मृतक का नाम अजीत बरया था और वह पिछले कई महीनों से गंभीर किडनी रोग से जूझ रहा था तथा नियमित डायलिसिस करा रहा था।
108 एंबुलेंस सेवा को लेकर परिजनों ने क्या गंभीर आरोप लगाए?
परिजनों का आरोप है कि एंबुलेंस लगभग एक घंटे की देरी से पहुंची, स्टाफ ने डॉक्टर की अनुमति का बहाना बनाकर पहले ऑक्सीजन नहीं लगाई और रास्ते में सिलेंडर खाली हो गया।
मंडला जिला किस मंत्री का गृह क्षेत्र है और उन्होंने क्या कार्रवाई की है?
मंडला जिला कैबिनेट और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री सम्पतिया उइके का गृह जिला है, और उन्होंने इस मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
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