तेलांगना सरकार में मंत्री और पूर्व भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद अजहरुद्दीन धार्मिक अभिवादन को लेकर चर्चा में आईं मुस्लिम आईपीएस अधिकारी बुशरा बानो के समर्थन में खुलकर सामने आ गए हैं। इस मामले को लेकर उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर चिंता जाहिर करते हुए तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है और राज्य सरकार के फैसले पर सवाल उठाए हैं।
अजहरुद्दीन ने उठाए गंभीर सवाल
मोहम्मद अजहरुद्दीन ने सोशल मीडिया पर अपने संदेश में लिखा है कि एक आईपीएस अधिकारी को केवल सिविल सेवा के अभ्यर्थियों के साथ बातचीत के दौरान अस्सलामु अलैकुम और इंशाअल्लाह जैसे शब्दों का इस्तेमाल करने की शिकायत मिलने पर स्थानांतरित कर दिया जाना बेहद चिंताजनक स्थिति है। उन्होंने आगे कहा कि जब किसी लोक सेवक को केवल उसके द्वारा किए जाने वाले अभिवादन के आधार पर निशाना बनाया जाने लगे, तो हमें खुद से यह गंभीर सवाल पूछना चाहिए कि हम देश के अल्पसंख्यकों को किस प्रकार का संदेश दे रहे हैं। उनके अनुसार, भारत की असली ताकत उसकी विविधता में निहित है, न कि नागरिकों की पहचानों की पुलिसिंग करने में।
क्या है पूरा वीडियो विवाद
यह पूरा मामला एक वायरल वीडियो से जुड़ा हुआ है। पश्चिम बंगाल के खड़गपुर में एडिशनल एसपी के पद पर तैनात 2021 बैच की आईपीएस अधिकारी बुशरा बानो ने 13 सितंबर 2026 को यूपीएससी उम्मीदवारों के मार्गदर्शन के लिए एक प्रेरणादायक वीडियो जारी किया था। इस वीडियो के माध्यम से वह उन छात्रों का हौसला बढ़ा रही थीं जो सिविल सेवा की तैयारी में जुटे हैं। हालांकि, असली विवाद तब शुरू हुआ जब वीडियो की शुरुआत में उन्होंने अस्सलामु अलैकुम कहा और बीच में बातचीत के दौरान इंशाअल्लाह का जिक्र किया। इसके अलावा उन्होंने अपने संबोधन के अंत में जजाकल्लाह जैसे शब्दों का भी प्रयोग किया था।
हिंदू संगठनों की आपत्ति और तबादला
वीडियो वायरल होने के बाद कुछ हिंदू संगठनों ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए अपनी शिकायत दर्ज कराई। हिंदू लीगल फंड नामक संगठन ने पश्चिम बंगाल के गृह सचिव को लिखित शिकायत दी थी कि उच्च संवैधानिक पद पर आसीन किसी भी सरकारी अधिकारी को सार्वजनिक संवाद के दौरान पूरी तरह से धार्मिक तटस्थता बनाए रखनी चाहिए। संगठन का तर्क था कि आईपीएस बुशरा बानो को ऐसे शब्दों के स्थान पर जय हिंद या वंदे मातरम् जैसे राष्ट्रीय अभिवादन का इस्तेमाल करना चाहिए था। इसी विवाद के बढ़ने के बाद 14 सितंबर 2026 को पश्चिम बंगाल सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बुशरा बानो का खड़गपुर से तबादला कर दिया और उन्हें राज्य सशस्त्र पुलिस की चौथी बटालियन में डिप्टी कमांडेंट के पद पर तैनात कर दिया। इस स्थानांतरण के सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है और तृणमूल कांग्रेस के कई सांसदों तथा विधायकों ने भी इस पूरी कार्रवाई पर अपनी कड़ी प्रतिक्रियाएं दी हैं।














