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मुजफ्फरनगर में दारुल उलूम रहीमिया मदरसे पर बुलडोजर एक्शन, छह दिन तक चली ध्वस्तीकरण की कार्रवाईउत्तर प्रदेश
29 अग॰ 2026, 10:43 pm (14 दिन पहले)· 2

मुजफ्फरनगर में दारुल उलूम रहीमिया मदरसे पर बुलडोजर एक्शन, छह दिन तक चली ध्वस्तीकरण की कार्रवाई

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के फूलत गांव में अवैध रूप से सरकारी जमीन पर बने दारुल उलूम रहीमिया मदरसे को प्रशासन ने ढहा दिया है। धर्मांतरण के गंभीर आरोपों के बाद यह कार्रवाई छह दिनों तक चली, जिसमें बुलडोजर और पोकलेन मशीनों का इस्तेमाल किया गया।

मुजफ्फरनगर: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के रतनपुरी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले फूलत गांव में स्थित दारुल उलूम रहीमिया मदरसे के खिलाफ प्रशासन की ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शनिवार शाम 4 बजे तक पूरी हो गई। इस संपूर्ण कार्रवाई के दौरान भारी संख्या में रतनपुरी और खतौली थाने की पुलिस बल को सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के साथ तैनात किया गया था। पिछले छह दिनों से चल रही इस ताबड़तोड़ कार्रवाई में बुलडोजर और पोकलेन जैसी भारी मशीनों का उपयोग करके मदरसे की सभी इमारतों और उसकी मीनार को पूरी तरह से जमींदोज कर दिया गया है।

अवैध निर्माण और प्रशासनिक जांच की पूरी प्रक्रिया

जिला प्रशासन के अधिकारियों का इस मामले में कहना है कि यह पूरा ढांचा ग्राम सभा की भूमि पर पूरी तरह से अवैध तरीके से खड़ा किया गया था। राजस्व विभाग की तरफ से जब इस जमीन की पैमाइश और गहराई से जांच की गई, तो यह बात सामने आई कि यह संपत्ति वास्तव में सरकारी भूमि है। इसके पश्चात 17 अगस्त को इस भूखंड को आधिकारिक रूप से सरकारी जमीन घोषित कर दिया गया और यहां किए गए समस्त निर्माण को अवैध करार दिया गया। इसी निष्कर्ष के आधार पर तहसीलदार और अपर जिलाधिकारी स्तर के अधिकारियों ने विस्तृत जांच के बाद इस मदरसे को गिराने का अंतिम आदेश पारित किया था, जिस पर अमल करते हुए यह विध्वंस किया गया है।

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इस मदरसे पर योग साधना आश्रम से जुड़े स्वामी यशवीर जी महाराज ने गंभीर आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई थी कि यहां हिंदू युवक और युवतियों का धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है। मुजफ्फरनगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि प्राप्त शिकायतों और साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने मदरसे के मुख्य संचालक मौलाना हिफजुर्रहमान अंसारी और उनके दो बेटों जुबैर अंसारी तथा जुनैद अंसारी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं और उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन अधिनियम 2021 के प्रावधानों के तहत मुकदमा पंजीकृत किया था। पुलिस कार्रवाई के तहत दोनों बेटों को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। स्थानीय अधिकारियों के निर्देश के बाद पिछले छह दिनों से मदरसा प्रशासन स्वयं भी पुलिस सुरक्षा और निगरानी के बीच अवैध हिस्से को हटाने में जुटा हुआ था।

धर्म परिवर्तन के आरोपों और बयानों का सिलसिला

पूरे प्रकरण में धर्मांतरण के खिलाफ मुखर होकर आवाज उठाने वाले स्वामी यशवीर जी महाराज ने एक वीडियो संदेश सोशल मीडिया पर प्रसारित किया है, जिसमें उन्होंने जिला प्रशासन द्वारा की गई इस सख्त कार्रवाई की जमकर प्रशंसा की है। वीडियो के माध्यम से उन्होंने कहा कि फूलत गांव के इस मदरसे को लेकर हिंदुओं के धर्म परिवर्तन कराए जाने की जो शिकायत उन्होंने उठाई थी, उस पर अब प्रशासन ने ठोस कदम उठाया है। इसके लिए उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और स्थानीय जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया है।

इस बीच, उत्तर प्रदेश सरकार में राज्य मंत्री कपिल अग्रवाल का आधिकारिक बयान भी सामने आया है। उन्होंने मदरसे पर हुई इस कार्रवाई को पूरी तरह से उचित ठहराते हुए कहा कि रतनपुरी थाने के फूलत गांव में स्थित इस इमारत को कायदे से शिक्षा का केंद्र होना चाहिए था, लेकिन यह स्थान लंबे समय से अवैध अतिक्रमण और धर्म परिवर्तन की गतिविधियों का अड्डा बना हुआ था। मंत्री ने आरोप लगाया कि यहां सुनियोजित तरीके से धर्मांतरण का एक नेटवर्क चलाया जा रहा था और इस परिसर से कुछ युवतियों तथा महिलाओं को भी बरामद किया गया था। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन ने तमाम पुख्ता सबूतों के आधार पर दारुल उलूम रहमानिया मदरसे के खिलाफ कानूनी दायरे में रहकर यह बेहतरीन कदम उठाया है, जो सामाजिक दृष्टि से भी बेहद आवश्यक था।

इससे पहले भी उत्तर प्रदेश के अन्य हिस्सों में इस तरह के प्रशासनिक अभियान चलाए जा चुके हैं, जिनमें संभल में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 10.5 बीघा सरकारी जमीन से अवैध कब्जा हटाया था और वहां अवैध रूप से बनी ईदगाह तथा मस्जिद को ध्वस्त किया था। इसके अलावा संभल में एक अवैध इमामबाड़े पर भी बुलडोजर चलाया गया था क्योंकि वहां से नोटिस का कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला था।

सवाल-जवाब

मुजफ्फरनगर में किस मदरसे पर बुलडोजर कार्रवाई की गई है?
रतनपुरी थाना क्षेत्र के फूलत गांव में स्थित दारुल उलूम रहीमिया मदरसे पर यह कार्रवाई की गई है।
यह ध्वस्तीकरण कार्रवाई कितने दिनों तक चली?
प्रशासन की यह ध्वस्तीकरण कार्रवाई कुल छह दिनों तक जारी रही, जो शनिवार शाम को पूरी हुई।
मदरसे के खिलाफ कार्रवाई का मुख्य आधार क्या था?
राजस्व विभाग की जांच में जमीन को सरकारी भूमि पाए जाने और अवैध निर्माण होने के कारण यह कार्रवाई की गई।
इस मामले में किन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है?
मदरसे के संचालक मौलाना हिफजुर्रहमान अंसारी और उनके दो बेटों जुबैर अंसारी तथा जुनैद अंसारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है।
इस मामले में सबसे पहले किसने शिकायत दर्ज कराई थी?
योग साधना आश्रम के महंत स्वामी यशवीर जी महाराज ने धर्मांतरण को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 1

Rohan Verma@rohan-verma·13 दिन पहले

मुजफ्फरनगर के फूलत गांव में दारुल उलूम रहीमिया मदरसे पर हुई यह ध्वस्तीकरण कार्रवाई सिर्फ एक भूमि अतिक्रमण का मामला नहीं है, बल्कि इसके साथ जुड़े धर्मांतरण के गंभीर कानूनी आरोप इस प्रकरण को क्षेत्रीय राजनीति और प्रशासनिक सख्ती का एक बड़ा केंद्र बनाते हैं। प्रशासन द्वारा छह दिनों तक चली इस लंबी कार्रवाई और ग्राम सभा की भूमि पर अवैध निर्माण के दावों ने एक बार फिर उत्तर प्रदेश में सार्वजनिक संपत्तियों पर बुलडोजर एक्शन और धार्मिक संस्थाओं की जांच के तौर-तरीकों पर तीखी बहस छेड़ दी है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि इस मामले में दर्ज मुकदमों की न्यायिक प्रक्रिया क्या मोड़ लेती है और इसका असर मुजफ्फरनगर तथा आसपास के जिलों के सामाजिक ताने-बाने पर क्या पड़ता है।

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