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मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे पर अड़ी सीजेपी, मांग न मानने पर 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर कूच का ऐलानदिल्ली
3 अक्तू॰ 2026, 7:01 am (27 दिन पहले)· 2

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे पर अड़ी सीजेपी, मांग न मानने पर 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर कूच का ऐलान

कॉकरोच जनता पार्टी के नेता अभिजीत दिपके ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग तेज करते हुए 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है।

मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के पद छोड़ने की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने अपना आंदोलन तेज करने का फैसला किया है। संगठन के नेता अभिजीत दिपके ने शुक्रवार को कड़े तेवर दिखाते हुए साफ किया कि यदि मुख्य चुनाव आयुक्त ने अपने पद से त्यागपत्र नहीं दिया, तो 10 अक्टूबर को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर बड़ा विरोध प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। इससे पहले महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर मुंबई के शिवाजी पार्क में आयोजित एक सभा को संबोधित करते हुए भी उन्होंने दिल्ली में जंतर-मंतर 2.0 आंदोलन शुरू करने का खुला ऐलान किया था।

दिल्ली कूच और शांतिपूर्ण सत्याग्रह की रणनीति

अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर देर रात एक संदेश साझा करते हुए अपने रुख को और स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि अगर ज्ञानेश कुमार पद नहीं छोड़ते हैं तो पूरे देश से कार्यकर्ता दिल्ली की ओर कूच करेंगे और तय तारीख पर जंतर-मंतर पर जुटेंगे। उन्होंने प्रशासन को संदेश देते हुए कहा, X पर लिखा कि अगर दिल्ली पुलिस उन्हें रोकने का प्रयास करेगी, तो प्रदर्शनकारियों को जिस जगह भी रोका जाएगा, वही स्थान उनके लिए नया जंतर-मंतर बन जाएगा। सीजेपी नेतृत्व का कहना है कि यह पूरा जमावड़ा पूरी तरह अहिंसक रहेगा और वे महात्मा गांधी के बताए रास्ते पर चलकर ही अपनी आवाज बुलंद करेंगे।

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प्रशासन और दिल्ली पुलिस को चेतावनी

आगामी घेराव को लेकर दिपके ने सीधे तौर पर केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस के रुख पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि अब यह प्रशासन और पुलिस महकमे को तय करना होगा कि वे नागरिकों के शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक प्रदर्शन के संवैधानिक अधिकार का सम्मान करते हैं या फिर 20 जुलाई जैसे बलप्रयोग को दोहराना चाहते हैं। उल्लेखनीय है कि 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर आयोजित नीट पेपर लीक से जुड़े सीजेपी के पिछले प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग किया था। दिपके ने इस पूरे घटनाक्रम को देश के लोकतांत्रिक ढांचे की रक्षा से जोड़ते हुए स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावी व्यवस्था चाहने वाले सभी नागरिकों से इस मुहिम से जुड़ने की अपील की।

शिवाजी पार्क में नारों के साथ विरोध प्रदर्शन

गांधी जयंती की शाम मुंबई के दादर बीच से महज 10 मिनट की पैदल दूरी पर स्थित ऐतिहासिक शिवाजी पार्क में भारी राजनीतिक गहमागहमी देखी गई। पुलिस की ओर से आधिकारिक अनुमति न मिलने के बावजूद सीजेपी के आह्वान पर हजारों की तादाद में युवा महिला और पुरुष मैदान में एकत्रित हुए। इन प्रदर्शनकारियों के हाथों में विभिन्न रंगों और आकारों की तख्तियां थीं, जिन पर चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कड़े संदेश लिखे थे। मैदान में “ज्ञानू”, “ज्ञानेश, बस हो गया भाई”, “ज्ञानू को जाना होगा” और “लोकतंत्र को साफ़ करो” जैसे नारे गूंजते रहे, जबकि कुछ प्रदर्शनकारियों ने बॉलीवुड की तर्ज पर “मेरा वोट किसने चुराया, ओ सनम? ज्ञानू ने” के पोस्टर लहराकर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया।

सवाल-जवाब

कॉकरोच जनता पार्टी ने 10 अक्टूबर को किस बात का ऐलान किया है?
पार्टी ने घोषणा की है कि यदि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते हैं, तो 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर व्यापक विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
मुंबई में सीजेपी का प्रदर्शन कहां आयोजित किया गया था?
यह प्रदर्शन गांधी जयंती की शाम दादर बीच के पास स्थित ऐतिहासिक शिवाजी पार्क में आयोजित हुआ था।
अभिजीत दिपके ने पुलिस द्वारा रोके जाने पर क्या चेतावनी दी?
उन्होंने कहा कि पुलिस जहां भी प्रदर्शनकारियों को रोकेगी, वे उसी जगह को अपना नया जंतर-मंतर बना देंगे।
20 जुलाई को जंतर-मंतर पर क्या घटना हुई थी?
20 जुलाई को नीट पेपर लीक के विरोध में सीजेपी के प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर सख्ती और बलप्रयोग किया था।
मुंबई के प्रदर्शन में प्रदर्शनकारियों ने किस तरह के नारे लगाए?
प्रदर्शनकारियों ने 'ज्ञानू को जाना होगा', 'लोकतंत्र को साफ़ करो' और बॉलीवुड शैली के नारे 'मेरा वोट किसने चुराया, ओ सनम? ज्ञानू ने' लगाए।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Omar AL Mansoori@omar-mansoori·26 दिन पहले

चुनाव आयोग पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है, 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर भारी भीड़ जुटने की उम्मीद है।

Arjun Mehta@arjun-mehta·26 दिन पहले

चुनाव आयोग पर दबाव बढ़ता जा रहा है, अब देखना होगा कि 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर क्या होता है।

Yuki Tanaka@yuki-tanaka·26 दिन पहले

अर्जुन भाई, जंतर-मंतर पर भीड़ जुटने की बात तो ठीक है, पर मुझे नहीं लगता कि इस दबाव से सीईसी साहब आसानी से इस्तीफा देने वाले हैं।

Rohan Verma@rohan-verma·26 दिन पहले

अभिजीत दिपके और उनकी पार्टी के तेवर तो तगड़े हैं, लेकिन क्या सच में 10 अक्टूबर को दिल्ली पुलिस इन्हें जंतर-मंतर तक पहुँचने देगी या फिर पिछली बार की तरह रास्ते में ही रोक लिया जाएगा?

Karan Malhotra@karan-malhotra·26 दिन पहले

रोहन भाई, दिल्ली पुलिस पिछली बार भी जुलाई में ऐसे ही पेश आई थी, अबकी बार देखना दिलचस्प होगा कि ये जंतर-मंतर पहुँच पाते हैं या नहीं।

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