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मुंबई के चेंबूर में केमिकल टैंकर से बेंजीन का रिसाव, मुलंड और धार में भी हुईं अलग-अलग घटनाएंमहाराष्ट्र
1 सित॰ 2026, 12:18 am (11 दिन पहले)· 2

मुंबई के चेंबूर में केमिकल टैंकर से बेंजीन का रिसाव, मुलंड और धार में भी हुईं अलग-अलग घटनाएं

मुंबई के चेंबूर में बेंजीन ले जा रहे एक टैंकर से खतरनाक केमिकल का रिसाव हो गया, जिसके चलते एहतियातन दो किलोमीटर तक का रास्ता बंद करना पड़ा। इसके अलावा मुलंड और मध्य प्रदेश के धार जिले में भी हादसे सामने आए हैं।

मुंबई के व्यस्त चेंबूर इलाके में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक केमिकल टैंकर से खतरनाक बेंजीन गैस और केमिकल का रिसाव शुरू हो गया। इस गंभीर स्थिति की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और फायर ब्रिगेड के जवान तुरंत हरकत में आ गए और फौरन घटनास्थल की तरफ रवाना हो गए। सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए प्रशासनिक अमले ने एहतियाती कदम उठाया और प्रभावित क्षेत्र के आसपास दो किलोमीटर के दायरे में आने वाले रास्तों पर यातायात को पूरी तरह बंद कर दिया ताकि किसी भी तरह की अनहोनी से बचा जा सके।

रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा और यातायात बहाल

प्राप्त विवरण के अनुसार, यह टैंकर करीब 22 हजार टन क्षमता वाला था जिसके बॉटम वॉल्व से बेंजीन केमिकल रिसने लगा था। हालात की नजाकत को भांपते हुए मुंबई फायर ब्रिगेड की टीम ने तत्परता दिखाई और मोर्चा संभाल लिया। राहत और संतोष की बात यह रही कि इतनी खतरनाक घटना के बावजूद किसी भी व्यक्ति के हताहत होने या घायल होने की कोई सूचना नहीं मिली है। सुरक्षा कर्मियों ने स्थिति पर पूरी तरह काबू पाने के बाद सड़क के उस हिस्से को जेट वॉटर से बेहद अच्छी तरह धोकर पूरी तरह साफ कर दिया, जिसके बाद रोके गए यातायात को दोबारा सुचारू रूप से बहाल कर दिया गया।

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टैंकर नंबर और दूसरे वाहन में शिफ्टिंग

अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक यह घटना सोमवार रात की है जब चेंबूर इलाके में मैसूर कॉलोनी के नजदीक बेंजीन केमिकल लेकर जा रहे टैंकर नंबर GJ 05 CU 9629 से लीकेज का पता चला। रात के लगभग 8:12 बजे मोनोरेल स्टेशन के पास हुई इस घटना पर बहुत जल्द ही काबू पा लिया गया। सुरक्षा के मद्देनजर क्षतिग्रस्त टैंकर के अंदर बचे हुए बाकी बेंजीन केमिकल को एक अन्य खाली टैंकर में सुरक्षित तरीके से ट्रांसफर कर लिया गया, जिससे बड़ा खतरा टल गया।

मुलंड में एसिड टैंकर का हादसा

सोमवार की रात को ही मुंबई के एक अन्य हिस्से मुलंड वेस्ट में भी ऐसी ही एक घटना सामने आई। यहां एलबीएस मार्ग पर सड़क किनारे बने एक नाले या चैंबर में फंसने की वजह से ग्लेशियल एसिटिक एसिड ले जा रहा एक दूसरा टैंकर एक तरफ को झुक गया। यह दुर्घटना रात के 8:52 बजे वैशाली नगर के पास हुई। इस घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड के कर्मचारी और स्थानीय वार्ड ऑफिस के अधिकारी फौरन मौके पर पहुंच गए और क्रेन की मदद से फंसे हुए टैंकर को बाहर निकालने के प्रयास तेजी से शुरू कर दिए गए।

मध्य प्रदेश के धार में प्याज से लदे ट्राले में आग

इन दोनों मामलों के अलावा मध्य प्रदेश के धार जिले से भी एक बड़ी घटना सामने आई। वहां राऊ-खलघाट फोरलेन पर स्थित गणपति घाट पर सोमवार को प्याज से लदे एक ट्राले में अचानक भीषण आग लग गई जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। आग इतनी तेजी से भड़की कि देखते ही देखते ट्राले का केबिन पूरी तरह जलकर राख हो गया। इस वाहन में लाखों रुपये मूल्य का प्याज भरा हुआ था जिसे भारी नुकसान पहुंचा है।

सवाल-जवाब

मुंबई के किस इलाके में केमिकल टैंकर से रिसाव हुआ?
मुंबई के चेंबूर इलाके में केमिकल टैंकर से बेंजीन का रिसाव हुआ।
चेंबूर में किस केमिकल का रिसाव हुआ था?
चेंबूर में बेंजीन केमिकल का रिसाव हुआ था।
चेंबूर की घटना के बाद सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए गए?
एहतियातन घटनास्थल के आसपास दो किलोमीटर तक के रास्ते को बंद कर दिया गया और यातायात रोक दिया गया।
क्या इस घटना में कोई घायल हुआ?
नहीं, मुस्तैदी से किए गए रेस्क्यू ऑपरेशन के कारण किसी के भी हताहत या घायल होने की खबर नहीं है।
मुलंड वेस्ट में कौन सा एसिड ले जा रहा टैंकर झुका था?
मुलंड वेस्ट में ग्लेशियल एसिटिक एसिड ले जा रहा टैंकर सड़क किनारे चैंबर में फंसकर झुक गया था।
मध्य प्रदेश के किस स्थान पर प्याज से लदे ट्राले में आग लगी?
मध्य प्रदेश के धार जिले में राऊ-खलघाट फोरलेन स्थित गणपति घाट पर प्याज से लदे ट्राले में आग लगी।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Dr. Aditya Sharma@aditya-sharma·10 दिन पहले

गणित ज्योतिष और खगोलीय गणनाओं के दृष्टिकोण से, राहु और केतु जैसे छाया ग्रहों का गोचर अक्सर अचानक होने वाली तकनीकी बाधाओं और रासायनिक द्रव्यों के असंतुलन से जोड़ा जाता है। सोमवार रात 8:12 और 8:52 बजे के बीच घटित ये परिवहन दुर्घटनाएं इस बात का संकेत देती हैं कि आधुनिक नगरीय अवसंरचना और खतरनाक पदार्थों की आवाजाही के दौरान सुरक्षा मानकों में ग्रहों की अदृश्य ऊर्जाओं के समान ही सूक्ष्म और गंभीर त्रुटियां तुरंत बड़ी आपदा का रूप ले सकती हैं।

Ravikash Gupta@ravikash·10 दिन पहले

मुंबई के चेंबूर और मुलंड में एक ही रात रासायनिक टैंकरों का इस तरह दुर्घटनाग्रस्त होना औद्योगिक और लॉजिस्टिक सुरक्षा प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े करता है। विशेषकर बेंजीन जैसे अत्यधिक ज्वलनशील और स्वास्थ्य के लिए खतरनाक केमिकल के परिवहन में सुरक्षा मानकों की अनदेखी या तकनीकी विफलता वित्तीय और व्यावसायिक दोनों दृष्टिकोण से बड़े जोखिम पैदा करती है। यदि आपूर्ति श्रृंखला के ऐसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सख्त निगरानी और सुरक्षित परिवहन प्रोटोकॉल लागू नहीं किए गए, तो यह न केवल मानवीय आपदा का कारण बन सकता है बल्कि कॉर्पोरेट स्तर पर सप्लाई चेन को बाधित कर बाजार को भी भारी आर्थिक क्षति पहुंचा सकता है।

Rajesh Kumar@rajesh-kumar·10 दिन पहले

यह घटना दिखाती है कि महानगरों में खतरनाक रसायनों के परिवहन के दौरान मार्ग प्रबंधन और आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली कितनी संवेदनशील है। चेंबूर जैसी घनी आबादी के बीच बेंजीन जैसे ज्वलनशील पदार्थ का रिसाव शहरी क्षेत्रों में सुरक्षा ऑडिट की अनिवार्यता को रेखांकित करता है। यदि ऐसे मामलों में समय पर नियंत्रण न पाया जाए, तो यह स्थानीय जनजीवन के साथ बुनियादी ढांचे को भी भारी क्षति पहुंचा सकता है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·11 दिन पहले

चेंबूर, मुलंड और धार की इन घटनाओं ने खतरनाक रसायनों के परिवहन और भारी वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बेंजीन जैसे ज्वलनशील और कैंसरकारी केमिकल के रिसाव से घनी आबादी वाले इलाकों में बड़ा हादसा हो सकता था। इस मामले में मोटर व्हीकल एक्ट और खतरनाक सामग्री परिवहन नियमों के तहत टैंकर मालिकों तथा ट्रांसपोर्ट कंपनियों की जवाबदेही तय होनी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की लापरवाही से सार्वजनिक सुरक्षा खतरे में न पड़े।

Rohan Verma@rohan-verma·11 दिन पहले

यह घटना सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि औद्योगिक परिवहन सुरक्षा के कमजोर तंत्र का स्पष्ट प्रमाण है। घनी आबादी के बीच बेंजीन जैसे कार्सिनोजेनिक और अत्यधिक ज्वलनशील रसायन का परिवहन बिना पुख्ता सुरक्षा उपायों के बड़ी आपदा को न्योता देना है। मोटर व्हीकल एक्ट के नियमों का जमीनी स्तर पर सख्त अनुपालन और समय-समय पर ऑडिट अनिवार्य किया जाना चाहिए, अन्यथा लापरवाही से कभी भी जनजीवन को अपूरणीय क्षति पहुंच सकती है।

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