झारखंड के जमशेदपुर में बुधवार को एक बड़ी औद्योगिक और सड़क दुर्घटना होते-होते टल गई। सोनारी दुमुहानी के पास मुख्य सड़क पर एलपीजी गैस से भरा एक भारी टैंकर तेजी से गुजर रहा था, तभी उसमें अचानक गैस का रिसाव होने लगा। अत्यंत ज्वलनशील एलपीजी गैस के हवा में फैलते ही आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया। हालांकि, टैंकर चालक की सजगता, स्थानीय पुलिस प्रशासन की त्वरित नाकेबंदी और कंपनी की तकनीकी टीम के समय पर उठाए गए कदमों से एक भयंकर विस्फ़ोट की आशंका समाप्त हो गई।
सड़क पर अचानक रिसाव की स्थिति और चालक की त्वरित समझदारी
घटना की शुरुआत उस समय हुई जब लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस से लदा हुआ टैंकर सोनारी दुमुहानी क्षेत्र से गुजर रहा था। वाहन के चलते समय अचानक उसके रिसाव वाल्व या कंटेनर लाइन से गैस बाहर निकलने लगी। टैंकर चला रहे चालक की नजर तुरंत शीशे और आवाज के जरिए गैस के रिसाव पर पड़ गई। खतरे की गंभीरता को भाँपते हुए चालक ने बिना एक पल गंवाए वाहन को घनी आवाजाही वाली सड़क से दूर किनारे पर रोक दिया। इसके पश्चात उसने तुरंत वाहन से बाहर निकलकर अपनी कंपनी के उच्च अधिकारियों और स्थानीय पुलिस नियंत्रण कक्ष को घटना की सूचना दी।
सोनारी पुलिस की कार्रवाई और यातायात की पाबंदी
गैस रिसाव की भयावह सूचना मिलते ही सोनारी थाना पुलिस की टीम बिना देरी किए घटनास्थल पर पहुँची। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सोनारी थाना प्रभारी मधुसूदन डे ने स्वयं मौके पर पहुंचकर सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया। पुलिस ने एहतियात के तौर पर सोनारी दुमुहानी मार्ग के दोनों ओर वाहनों की आवाजाही को पूरी तरह रोक दिया। सड़क पर व्यापक घेराबंदी कर दी गई ताकि कोई भी राहगीर, दुपहिया या चार पहिया वाहन टैंकर के निकट न आ सके। रिसाव के कारण इलाके में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का वातावरण बन गया था, जिसे पुलिस ने अपनी मुस्तैदी से नियंत्रित किया।
तकनीकी टीम द्वारा रिसाव पर नियंत्रण और राहत की सांस
सूचना प्राप्त होने के तुरंत बाद एलपीजी कंपनी की आपातकालीन तकनीकी टीम भी मौके पर पहुँची। कंपनी के कर्मचारियों और तकनीशियनों ने तुरंत टैंकर का निरीक्षण शुरू किया और रिसाव वाले स्थान की पहचान करके उसे सुरक्षित रूप से सील कर दिया। कंपनी के मैनेजर शिवकुमार ने जानकारी दी कि रिसाव को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है और अब स्थिति पूरी तरह सुरक्षित है। इस घटना में सबसे राहत की बात यह रही कि कोई भी व्यक्ति हताहत नहीं हुआ। सोनारी दुमुहानी मार्ग पर निरंतर वाहनों का प्रवाह बना रहता है, ऐसे में यदि लीक हो रही एलपीजी गैस किसी छोटी सी चिंगारी या गर्म इंजन के संपर्क में आ जाती, तो एक भयंकर धमाका हो सकता था।



















