पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में स्थित बेलडांगा निवासी इकबाल हुसैन के लिए जिंदगी अब सामान्य पटरी पर लौट रही है। एक बेहद कष्टकारी और रहस्यमयी शारीरिक व्याधि के शिकार इकबाल शरीर में होने वाली असहनीय जलन से चौबीसों घंटे बेहाल रहते थे। इस भयानक तपन और जलन को कम करने के लिए उनके पास पानी के अलावा कोई अन्य रास्ता नहीं बचता था। शारीरिक तकलीफ इतनी विकट थी कि वे राहत पाने के लिए अपने गांव के तालाब के ठंडे पानी में लगातार पांच से छह दिनों तक डूबे रहने को विवश हो गए थे। भोजन से लेकर दिन बिताने तक, तालाब का पानी ही उनके बचने का एकमात्र सहारा बन चुका था।
रहस्यमयी बीमारी और गांव के तालाब में कटी जिंदगी
इकबाल हुसैन जिस गंभीर स्वास्थ्य समस्या से जूझ रहे थे, उसने उनकी रोजमर्रा की जिंदगी को पूरी तरह थाम दिया था। शरीर पर उठने वाली आग जैसी जलन के कारण वे बिस्तर, कुर्सी या सामान्य जमीन पर कुछ पल भी नहीं टिक पाते थे। सूखे वातावरण में उनके लिए बैठना या लेटना तक नामुमकिन हो गया था। इस वजह से वे कई दिनों तक लगातार गांव के तालाब के भीतर ही पड़े रहते थे। उनका खाना-पीना भी उसी पानी के बीच ही कराया जाता था। परिवार की खराब आर्थिक स्थिति के चलते परिजन उनका किसी बड़े और सर्वसुविधायुक्त चिकित्सा केंद्र में सही उपचार कराने में पूरी तरह असमर्थ थे। इस बेबसी और मानवीय पीड़ा की जानकारी सामने आने पर मदद की दिशा में कदम बढ़ाए गए।
अनंत अंबानी का दखल और विशेष चिकित्सा टीम का गठन
इस पूरे मामले की जानकारी मिलने पर रिलायंस इंडस्ट्रीज़ के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अनंत अंबानी ने मेडिकल एक्सपर्ट्स की एक टीम को उस किशोर की चिकित्सीय जांच करने का निर्देश दिया था। उन्होंने सुनिश्चित किया कि इकबाल को हर आवश्यक स्वास्थ्य सुविधा मिले, उनका गहन उपचार हो और पूरी तरह ठीक होने के बाद उन्हें बेलडांगा स्थित उनके घर सुरक्षित पहुंचाया जाए। परिवार की माली हालत को देखते हुए अनंत अंबानी ने मामले में संज्ञान लिया और इकबाल के समस्त उपचार, रहने और देखरेख की संपूर्ण जिम्मेदारी उठाई। इसके बाद इकबाल को सुरक्षित रूप से आगे के उपचार के लिए भेजने की तैयारी शुरू की गई।
मुंबई ले जाने की प्रक्रिया और 35 दिनों की गहन चिकित्सा
योजना के मुताबिक 15 अगस्त को इकबाल हुसैन को उनके बेलडांगा स्थित आवास से मुंबई ले जाया गया, जहां उन्हें रिलायंस अस्पताल में दाखिल कराया गया। अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की सीधी निगरानी में उनका सघन उपचार शुरू हुआ। वहां लगातार 35 दिनों तक उनकी जांच और थेरेपी का दौर चला। इस आधुनिक चिकित्सा प्रक्रिया के चलते उनकी सेहत में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला। उनका अनियंत्रित वजन काफी कम हुआ और त्वचा में उठने वाली तेज जलन व खुजली लगभग समाप्त हो गई। चिकित्सकों के अथक प्रयास और समुचित देखभाल ने इकबाल को एक नई ऊर्जा और स्वस्थ जीवन प्रदान किया।
स्वस्थ होकर बेलडांगा वापसी और परिजनों की खुशी
उपचार की पूरी अवधि पूरी होने और स्वास्थ्य स्थिर होने के बाद रविवार रात रिलायंस जियो टीम के सदस्यों ने अपनी प्रत्यक्ष देखरेख में इकबाल को बेलडांगा स्थित उनके घर पहुंचाया। घर की दहलीज लांघते ही भावुक माहौल बन गया, जहां आंखों में आंसू और चेहरे पर मुस्कान लिए इकबाल ने सबसे पहले अपनी मां को गले लगा लिया। ठीक होने की सूचना मिलते ही उसी रात आसपास के ग्रामीण और पड़ोसी इकबाल से मिलने के लिए उनके घर एकत्र हो गए। बेलडांगा के निवासियों ने अनंत अंबानी की इस मानवीय पहल की खुले दिल से सराहना की है।
परिवार के सदस्यों ने बताया कि इकबाल का वजन पहले से काफी कम हो गया है और उनकी त्वचा की पुरानी खुजली भी अत्यधिक घट चुकी है। वे अब धीरे-धीरे पूरी तरह सामान्य हो रहे हैं। परिजनों ने रिलायंस अस्पताल में मिले उच्च स्तरीय उपचार और देखरेख पर संतोष जताते हुए कहा कि इससे इकबाल को वास्तव में एक नया जीवन हासिल हुआ है।

















