पश्चिम बंगाल में दो विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव की सरगर्मी के बीच मुर्शिदाबाद जिले में सुरक्षा एजेंसियों ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। हरिहरपाड़ा थाना क्षेत्र में देर रात चलाए गए औचक जांच अभियान के दौरान पुलिस ने एक सफेद रंग की संदिग्ध बोलेरो गाड़ी को रोककर तलाशी ली। तलाशी के दौरान गाड़ी से ₹500 के 108 नकली नोट बरामद किए गए, जिनका कुल मूल्य 54,000 रुपये है। इसके साथ ही वाहन के भीतर से दो अवैध असलहे और 4 जिंदा कारतूस भी जब्त किए गए हैं। इस मामले में हुमायूं कबीर के नेतृत्व वाली आम जनता उन्नयन पार्टी के प्रदेश सचिव को उनके एक अन्य सहयोगी के साथ मौके से हिरासत में ले लिया गया है।
हरिहरपाड़ा के गरीनामा में नाका चेकिंग के दौरान हुई जब्ती
जिले की पुलिस द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, शुक्रवार की देर रात हरिहरपाड़ा इलाके के गरीनामा में सघन नाका चेकिंग की जा रही थी। आने-जाने वाले सभी वाहनों की कड़ी निगरानी रखी जा रही थी। इसी दौरान सड़क से गुजर रही एक सफेद रंग की बोलेरो गाड़ी को पुलिस टीम ने संदेह के आधार पर रोका। जब पुलिसकर्मियों ने गाड़ी की मुकम्मल तलाशी शुरू की, तब उसमें से ₹500 मूल्य वर्ग के 108 जाली नोट बरामद हुए। गाड़ी के अंदर से 54,000 रुपये की इस नकली मुद्रा के अलावा दो अवैध हथियार और चार जिंदा कारतूस भी छिपाकर रखे मिले, जिसके बाद पुलिस ने तत्काल दोनों सवारों को पकड़ लिया।
हुमायूं कबीर की पार्टी के प्रदेश सचिव से पूछताछ
पुलिस ने वाहन में मौजूद दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर हरिहरपाड़ा थाने पहुंचाया। पकड़े गए मुख्य आरोपी की पहचान आम जनता उन्नयन पार्टी के राज्य सचिव के रूप में हुई है, जो हुमायूं कबीर के राजनीतिक दल के संगठन में प्रदेश स्तर के महत्वपूर्ण पद पर कार्यरत है। पुलिस ने उसके साथ यात्रा कर रहे दूसरे व्यक्ति को भी हिरासत में रखा है। दोनों के खिलाफ मुर्शिदाबाद पुलिस ने संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली है और सुरक्षा अधिकारी उनसे गहन पूछताछ कर रहे हैं। उपचुनाव की तैयारियों के बीच पार्टी के इतने प्रमुख पदाधिकारी की गिरफ्तारी से इलाके के राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई है।
सीमा पार नेटवर्क और हथियारों की डिलीवरी पर जांच तेज
पश्चिम बंगाल में जाली नोटों का अवैध कारोबार काफी समय से एक बड़ी चुनौती रहा है, क्योंकि राज्य की सीमाएं बांग्लादेश और नेपाल से लगती हैं और इन सीमावर्ती इलाकों से जाली नोटों की तस्करी का नेटवर्क सक्रिय रहता है। जांच अधिकारी अब इस बात की पड़ताल में जुटे हैं कि बरामद की गई 54,000 रुपये की यह नकली करेंसी बांग्लादेश सीमा से जुड़े किसी गिरोह के जरिए तो नहीं मंगाई गई थी। इसके साथ ही पुलिस यह भी पता लगा रही है कि पकड़े गए दो असलहे और कारतूस किस मकसद से ले जाए जा रहे थे और उपचुनाव के इस माहौल में इनकी डिलीवरी किसे की जानी थी।
गिरोह के अन्य संपर्कों पर शिकंजा कसने की तैयारी
मुर्शिदाबाद पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक पूछताछ के आधार पर इस पूरे मामले की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि जाली नोटों का मुख्य स्रोत क्या है और हथियारों की खरीद-फरोख्त में कौन-कौन से अन्य लोग शामिल हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जांच में जिन अन्य संदिग्धों के नाम सामने आएंगे, उन सभी पर भी जल्द ही कानूनी शिकंजा कसा जाएगा।

















