पश्चिम त्रिपुरा जिले में स्थानीय स्वायत्तशासी परिषद टीटीएएडीसी के तहत आने वाली ग्राम समितियों के आगामी चुनाव को देखते हुए प्रशासन ने कानून व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त रखने के लिए सख्त निषेधाज्ञा लागू कर दी है। चुनाव प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार की अशांति, अव्यवस्था अथवा चुनावी माहौल को प्रभावित करने वाली गतिविधियों की रोकथाम के लिए यह कदम उठाया गया है।
प्रतिबंधों की समय सीमा और प्रभावी दायरा
जिला दंडाधिकारी एवं समाहर्ता डॉ. विशाल कुमार द्वारा जारी किए गए आधिकारिक निर्देश के अनुसार, यह निषेधाज्ञा 26 सितंबर की शाम 4 बजे से लागू होगी और 29 सितंबर की सुबह 6 बजे तक पूरे पश्चिम त्रिपुरा जिले में प्रभावी रहेगी। इस पूरी अवधि के दौरान जिले के किसी भी हिस्से में पांच या उससे अधिक व्यक्तियों के एक साथ एकत्र होने पर पूरी तरह पाबंदी रहेगी।
रैलियों, सभाओं और ध्वनि विस्तारक यंत्रों पर पूर्ण रोक
प्रशासनिक आदेश में स्पष्ट किया गया है कि किसी भी सार्वजनिक स्थान पर आम सभा, रैली, पदयात्रा अथवा भाषण का आयोजन नहीं किया जा सकेगा। लाउडस्पीकर अथवा बिना लाउडस्पीकर के भी किसी तरह के सार्वजनिक संबोधन की अनुमति नहीं दी जाएगी। मतदान केंद्रों की सुरक्षा के मद्देनजर यह नियम मतदान स्थल के 200 मीटर के दायरे में विशेष रूप से और अधिक सख्ती से लागू रहेगा ताकि मतदाताओं को किसी दबाव या बाधा का सामना न करना पड़े।
वाहनों के काफिले और हथियारों पर प्रतिबंध
आदेश में हथियार अथवा हथियार के रूप में इस्तेमाल की जा सकने वाली वस्तुओं जैसे लाठी, डंडे, लोहे की रॉड, बांस और पत्थरों के साथ या उनके बिना भी लोगों के एकत्र होने पर पूर्ण पाबंदी लगाई गई है। इसके अलावा, यदि दो या दो से अधिक मोटरसाइकिलें या गाड़ियां एक साथ इस तरह चलती हैं जिससे गैरकानूनी जमावड़े की स्थिति बनती हो, तो ऐसे वाहनों के आवागमन पर भी रोक लगाई गई है। प्रशासन ने साफ किया है कि सुरक्षा और शांति व्यवस्था भंग करने के किसी भी प्रयास को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मतदान केंद्र में प्रवेश के कड़े नियम
मतदान वाले दिन मतदान केंद्रों के भीतर केवल वास्तविक मतदाताओं और अधिकृत चुनाव अधिकारियों द्वारा जारी वैध प्रवेश पत्र धारक व्यक्तियों को ही जाने की अनुमति मिलेगी। किसी भी अन्य अनधिकृत व्यक्ति का मतदान केंद्र परिसर में प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।
उल्लंघन करने पर भारतीय न्याय संहिता के तहत कार्रवाई
जिला दंडाधिकारी ने आदेश में रेखांकित किया कि इस निषेधाज्ञा का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों के दैनिक जीवन में अड़चन डालना नहीं है, बल्कि समग्र शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखना है ताकि निष्पक्ष चुनाव संपन्न कराए जा सकें। यदि कोई व्यक्ति इन प्रतिबंधों का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 के तहत दंडात्मक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विलेज कमेटी चुनाव के लिए मतदान 28 सितंबर को सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक संपन्न होगा।


















