राजस्थान के झालावाड़ जिले में स्थानीय निकाय चुनाव के परिणाम सामने आने के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के राजनीतिक प्रभाव वाले क्षेत्र के रूप में पहचाने जाने वाले झालावाड़ में मुख्य नगर परिषद के सभापति पद पर कांग्रेस ने अपनी जीत दर्ज की है। इस महत्वपूर्ण मुकाबले में कांग्रेस के राजेश गुर्जर ने विजय हासिल कर नगर परिषद की कमान अपने हाथ में ले ली है। मतदान के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक राजेश गुर्जर के पक्ष में कुल 30 वोट पड़े, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी और भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार राजकुमार सोनी को महज 15 मतों से ही संतोष करना पड़ा। इस तरह कांग्रेस प्रत्याशी ने 15 मतों के स्पष्ट अंतर से इस प्रतिष्ठित सीट पर कब्जा जमा लिया।
नगर परिषद के कुल 45 सदस्यों वाले सदन में हुए इस मतदान में जैसे ही कांग्रेस प्रत्याशी की भारी बढ़त और जीत की अधिकृत घोषणा हुई, कांग्रेस खेमे में जश्न का माहौल बन गया। परिषद भवन के बाहर भारी तादाद में एकत्र हुए पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने नारेबाजी कर अपनी खुशी का इजहार किया। जीत के तुरंत बाद कांग्रेस के जिला अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह गुर्जर, वरिष्ठ नेता देवकीनंदन वर्मा और महेंद्र प्रताप सिंह सहित कई प्रमुख पदाधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर नवनिर्वाचित सभापति राजेश गुर्जर को फूल-मालाएं पहनाईं और उन्हें इस सफलता की बधाई दी।
शहर के विकास और स्वच्छता पर रहेगा विशेष ध्यान
निर्वाचन प्रक्रिया संपन्न होने और जीत का प्रमाण पत्र मिलने के बाद राजेश गुर्जर ने अपनी आगामी प्राथमिकताओं का ब्यौरा साझा किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि झालावाड़ शहर को साफ-सुथरा और हरा-भरा बनाना उनकी कार्ययोजना में सबसे ऊपर रहेगा। शहर के समग्र बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और रुके हुए विकास कार्यों को तेज गति प्रदान करने का भरोसा उन्होंने दिलाया। इसके साथ ही आम नागरिकों की दैनिक समस्याओं को ध्यान में रखते हुए नगर परिषद से संबंधित आवश्यक प्रमाण पत्र और आवासीय पट्टों को बिना किसी अनावश्यक देरी के जल्द से जल्द जारी करने को भी उन्होंने अपनी प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल बताया।
प्रशासनिक सतर्कता और कड़े सुरक्षा इंतजाम
सभापति पद के लिए हुए इस संवेदनशील चुनाव के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए नगर परिषद कार्यालय और उसके आसपास के पूरे इलाके में व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। किसी भी अप्रिय स्थिति या हंगामे की आशंका को टालने के लिए पुलिस बल की बड़ी टुकड़ी तैनात की गई थी और परिषद भवन की ओर जाने वाले रास्तों पर मजबूत बैरिकेडिंग लगाई गई थी। शांतिपूर्ण मतदान और निष्पक्ष मतगणना सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक स्वयं पूरी चुनावी प्रक्रिया पर पल-पल नजर बनाए हुए थे।
जिले की 8 नगर निकायों में दोनों दलों के बीच बराबरी
झालावाड़ जिले की कुल आठ नगर निकायों में अध्यक्ष पद के लिए हुए चुनावों के संपूर्ण नतीजों ने स्थानीय राजनीति का दिलचस्प खाका पेश किया है। पूरे जिले के स्तर पर किसी एक दल का एकतरफा दबदबा देखने को नहीं मिला, बल्कि कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी दोनों ही दलों ने बराबर-बराबर यानी चार-चार निकायों में अपने बोर्ड गठित करने में कामयाबी पाई है। जहां झालावाड़ नगर परिषद जैसी बड़ी सीट पर कांग्रेस ने एकतरफा अंतर से परचम लहराया, वहीं अन्य कस्बों में क्रॉस वोटिंग और नए राजनीतिक समीकरणों ने नतीजों को रोमांचक बना दिया।
भवानीमंडी, खानपुर और डग में कांग्रेस का परचम
झालावाड़ नगर परिषद के अलावा जिले की तीन अन्य नगरपालिकाओं में भी कांग्रेस प्रत्याशियों ने शानदार जीत हासिल कर अपना बोर्ड बनाया। भवानीमंडी नगरपालिका में कांग्रेस की पिंकी गुर्जर ने अध्यक्ष पद के चुनाव में जीत दर्ज की। उन्होंने कुल 26 वोट हासिल किए और भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी सुनीश कुमार दीक्षित को 12 मतों के अंतर से शिकस्त दी। इसी प्रकार खानपुर नगरपालिका में अध्यक्ष पद पर कांग्रेस की कांता साहू निर्वाचित हुईं। कांता साहू को 18 मत प्राप्त हुए, जबकि भाजपा की प्रिया सुमन को 11 वोटों पर ही रुकना पड़ा।
उधर डग नगरपालिका के चुनावी मुकाबले में कांग्रेस प्रत्याशी टीना ने बाजी मार ली। डग में अध्यक्ष पद के लिए हुए मतदान में टीना को 14 वोट मिले, जबकि भारतीय जनता पार्टी की उम्मीदवार भगवती बाई को केवल 8 मत हासिल हो सके। इस तरह 6 वोटों के अंतर से जीत दर्ज करते हुए टीना ने डग नगरपालिका में कांग्रेस का बोर्ड बनवा दिया।
अकलेरा और मनोहरथाना में भाजपा का दबदबा
भारतीय जनता पार्टी ने भी जिले के महत्वपूर्ण कस्बों में जीत दर्ज करते हुए अपने चार बोर्ड बनाए। अकलेरा नगरपालिका में भाजपा की प्रत्याशी यांशिका मेवाड़ा अध्यक्ष पद पर निर्वाचित हुईं। उन्होंने कुल 25 मत प्राप्त किए और कांग्रेस की हिमानी पारेता को 17 वोटों के अंतर से पराजित किया, जबकि इस सीट पर निर्दलीय चुनाव लड़ रहीं आमिला मंसूरी को सिर्फ 2 वोट मिले। मनोहरथाना नगरपालिका में भी भाजपा ने अपनी जीत का सिलसिला कायम रखा। यहां पार्टी प्रत्याशी देवेंद्र शर्मा अध्यक्ष चुने गए, जिन्हें 13 वोट मिले। उनके सामने कांग्रेस के राहुल साहू केवल 6 वोट ही जुटा सके और भाजपा ने यहां अपना स्पष्ट बोर्ड गठित कर लिया।
झालरापाटन में क्रॉस वोटिंग और पीड़ावा में गठबंधन का खेल
जिले के झालरापाटन और पीड़ावा में सामने आए परिणामों ने राजनीतिक विश्लेषकों को चौंका दिया। झालरापाटन नगरपालिका में भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी अंशु गुप्ता ने अध्यक्ष पद पर जीत हासिल की। अंशु गुप्ता को कुल 24 वोट मिले, जबकि कांग्रेस के उम्मीदवार रिजवान अहमद 18 वोटों तक पहुंच सके और आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी मोहम्मद नदीम को 5 वोट मिले। इस चुनाव में कांग्रेस के दो पार्षदों द्वारा भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में क्रॉस वोटिंग किए जाने का मामला सामने आया, जिसने मुकाबले का रुख भाजपा की ओर मोड़ दिया।
वहीं जिले का सबसे चर्चित और अप्रत्याशित उलटफेर पीड़ावा नगरपालिका में देखने को मिला। यहां पूरे समीकरण अचानक बदल गए और भारतीय जनता पार्टी के राजू माली अध्यक्ष पद पर काबिज होने में सफल रहे। राजू माली को 12 वोट मिले, जबकि कांग्रेस के उम्मीदवार रणजीत सिंह चौहान को 8 मतों पर ही संतोष करना पड़ा। पीड़ावा में भाजपा ने आम आदमी पार्टी के पार्षदों के सीधे समर्थन के दम पर अपना बोर्ड बना लिया। इस अनूठे स्थानीय गठबंधन और शक्ति संतुलन के कारण पीड़ावा का परिणाम पूरे जिले के चुनावी परिदृश्य में चर्चा का मुख्य केंद्र बना रहा।



















