नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में सजा काट रहे आसाराम को शीर्ष अदालत से बड़ा झटका लगा है. सुप्रीम कोर्ट ने स्वास्थ्य आधार पर दाखिल की गई उनकी अंतरिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया है. अदालत ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) की मेडिकल रिपोर्ट की समीक्षा करने के बाद यह फैसला सुनाया.
एम्स की मेडिकल रिपोर्ट बनी फैसले का आधार
अदालत ने सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया कि वर्तमान स्थिति में आसाराम को अंतरिम जमानत नहीं दी जा सकती. पीठ ने एम्स की ओर से पेश की गई स्वास्थ्य रिपोर्ट का गहन अध्ययन किया. रिपोर्ट में दी गई चिकित्सीय सलाह और स्वास्थ्य स्थिति के आंकलन के आधार पर ही न्यायमूर्ति की पीठ ने याचिका को स्वीकार करने से इनकार कर दिया.
नाबालिग से दुष्कर्म मामले में काट रहे हैं सजा
आसाराम को एक नाबालिग लड़की से यौन उत्पीड़न और दुष्कर्म के गंभीर मामले में अदालत द्वारा दोषी ठहराया गया था. इसके बाद से वह जेल में सजा भुगत रहे हैं. पूर्व में भी उनकी ओर से स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों का हवाला देते हुए अंतरिम राहत और नियमित जमानत की याचिकाएं दाखिल की गई थीं, जिन्हें विभिन्न अदालतों द्वारा खारिज किया जा चुका है.
कानूनी लड़ाई में सुप्रीम कोर्ट का सख्त रुख
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई करते हुए साफ संदेश दिया कि आरोपी को दी जा रही चिकित्सीय सुविधाएं पर्याप्त हैं और केवल स्वास्थ्य का आधार बनाकर हिरासत से रिहाई नहीं दी जा सकती. अदालत के इस फैसले के बाद आसाराम को फिलहाल जेल में ही रहकर इलाज और अपनी सजा पूरी करनी होगी.



















