शहरी भागदौड़ और किराये की जिंदगी से मुक्ति पाकर अपनी छत तैयार करना हर परिवार की सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में शुमार होता है। नए वैवाहिक जीवन की शुरुआत करने वाले जोड़ों के लिए अपनी बचत से एक आशियाना खड़ा करने का फैसला भावनात्मक होने के साथ-साथ एक बड़ी वित्तीय चुनौती भी पेश करता है। किसी भी शहर में अपनी रिहायश की नींव रखने से पहले सबसे प्राथमिक सवाल यही उठता है कि जमीन किस मोहल्ले या सेक्टर में खरीदी जाए, भूखंड का आकार परिवार की जरूरतों के लिए कितना मुफीद रहेगा और वास्तविक रूप से नींव से लेकर छत तक का कुल खर्च कितना बैठेगा। राजस्थान के प्रमुख शिक्षा केंद्र कोटा में यदि कोई व्यक्ति इस दिशा में कदम बढ़ाने की तैयारी कर रहा है, तो वहां के उभरते रिहायशी गलियारों में जमीन के प्रचलित भाव और मौजूदा निर्माण दरों का ठोस आकलन सामने आया है।
पाटन रोड क्षेत्र में भूखंडों के विकल्प और किफायती सौदे
कोटा शहर की घनी आबादी और भारी यातायात से थोड़ा बाहर निकलते ही पाटन रोड एक पसंदीदा रिहायशी क्षेत्र के रूप में तेजी से उभर रहा है। इस मार्ग पर कई नई कॉलोनियां विकसित हो रही हैं, जहां मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए अनुकूल जमीन के विकल्प सामने आ रहे हैं। इनमें चैतन्य नगर और नीलकंठ एन्क्लेव प्रमुख हैं, जहां विभिन्न आकारों के आवासीय भूखंड उपलब्ध हैं। वर्तमान समय में यहां 40×20 फीट और 30×50 फीट के आकार वाले प्लॉट लगभग 6 से 7 लाख रुपये के दायरे में आसानी से मिल रहे हैं। स्थानीय निवासियों का यह मानना है कि शहर के केंद्रीय क्षेत्रों की तुलना में यह इलाका प्रदूषण मुक्त है, शांत वातावरण प्रदान करता है और चारों तरफ हरियाली मौजूद रहती है। मुख्य बाजार के जाम और कोलाहल से दूर सुकून की तलाश कर रहे लोगों के लिए पाटन रोड एक मजबूत विकल्प बनकर उभर रहा है, जहां किफायती दरों पर जमीन खरीदकर लोग अपने आशियाने का निर्माण करा रहे हैं।
20×40 फीट के भूखंड पर निर्माण क्षेत्र का गणित
जब 20×40 फीट के मानक भूखंड की बात की जाती है, तो कागजों पर इसका कुल सतही क्षेत्रफल 800 वर्गफीट बनता है। हालांकि, निर्माण प्रक्रिया के दौरान वास्तविक बिल्ट-अप एरिया अक्सर जमीनी आकार से थोड़ा अधिक हो जाता है। इस काम से जुड़े पेशेवर ठेकेदार जय किशन ने बताया कि निर्माण कार्य में जब बाहरी हिस्से में बालकनी अथवा अतिरिक्त प्रोजेक्शन को शामिल किया जाता है, तो निर्माण क्षेत्र लगभग 60 वर्गफीट तक बढ़ सकता है। इस प्रकार कुल निर्माण क्षेत्रफल बढ़कर लगभग 860 वर्गफीट के स्तर पर पहुंच जाता है। ठेकेदार का कुल अनुबंध और निर्माण की संपूर्ण लागत इसी बढ़े हुए 860 वर्गफीट के आधार पर तय होती है। इसी कारण किसी भी निर्माणकर्ता को काम शुरू करवाने से पहले ठेकेदार के साथ कुल सुपर एरिया, बिल्ट-अप एरिया और भुगतान के एक-एक चरण की शर्तों को पूरी तरह लिखित रूप में स्पष्ट कर लेना चाहिए ताकि बाद में कोई विवाद न उपजे।
प्रति वर्गफीट निर्माण लागत और आधुनिक सुविधाओं का ढांचा
निर्माण की प्रति इकाई लागत निर्माण सामग्री की गुणवत्ता और घर के भीतर दी जाने वाली सुख-सुविधाओं के अनुसार घट-बढ़ सकती है। ठेकेदार जय किशन के अनुसार, सामान्य तौर पर 1500 से 1700 रुपये प्रति वर्गफीट की दर से निर्माण का अनुमान लगाया जा सकता है। यदि कोई परिवार 1700 रुपये प्रति वर्गफीट का बजट तय करता है, तो इस लागत में एक बेहतरीन और टिकाऊ घर तैयार हो सकता है। इस दर में उच्च श्रेणी का सरिया, आकर्षक मॉड्यूलर किचन, दो सुव्यवस्थित कमरे, एक बड़ा हॉल, अलग डाइनिंग एरिया, बालकनी तथा वाहन के लिए पार्किंग स्पेस जैसी सभी प्राथमिक सुविधाएं शामिल की जा सकती हैं। इसके अतिरिक्त आजकल लकड़ी की खिड़कियों की जगह पीवीसी विंडो का चलन काफी बढ़ा है, जिसे इस लागत में घर के बाहरी व भीतरी डिजाइन में शामिल किया जा सकता है। कमरों को आधुनिक स्वरूप देने के लिए फॉल्स सीलिंग का विकल्प भी लोकप्रिय हो रहा है। बाजार में फॉल्स सीलिंग के ढेरों डिजाइन मौजूद हैं, जिन्हें मकान मालिक अपने व्यक्तिगत बजट और पसंद के अनुसार चयनित कर सकते हैं।
जमीन खरीद और निर्माण अनुबंध से पहले की जरूरी सावधानियां
कोटा में स्वयं का घर बनाने की योजना पर काम शुरू करने से पहले कई तकनीकी और कानूनी पहलुओं की जांच करना आवश्यक है। सर्वप्रथम अपनी कुल वित्तीय क्षमता के आधार पर ही भूखंड का आकार और उसकी दूरी तय की जानी चाहिए। इसके बाद ही निर्माण क्षेत्र, उपयोग में आने वाले सीमेंट, ईंट व सरिए की गुणवत्ता और ठेकेदार द्वारा ली जा रही प्रति वर्गफीट दरों पर विमर्श होना चाहिए। जमीन खरीदने से पूर्व संबंधित कॉलोनी के मालिकाना दस्तावेज, विकास प्राधिकार या पंचायत से मंजूरी, मुख्य सड़क से पहुंच का रास्ता, पानी का कनेक्शन और बिजली की निर्बाध आपूर्ति जैसी अनिवार्य सुविधाओं की मौके पर पड़ताल कर लेनी चाहिए। इसके साथ ही, निर्माण का ठेका देते समय केवल मौखिक वादों पर निर्भर रहने के बजाय ठेकेदार से काम की विस्तृत दरें, सामग्री की गुणवत्ता और उसमें शामिल सभी आंतरिक व बाहरी सुविधाओं का लिखित अनुबंध तैयार करवाना अत्यंत महत्वपूर्ण है।
20 से 21 लाख रुपये में तैयार हो सकता है पूरा आशियाना
यदि जमीन की खरीद और उस पर होने वाले 860 वर्गफीट के निर्माण खर्च को एक साथ जोड़ा जाए, तो कोटा में लगभग 20 से 21 लाख रुपये के कुल बजट में एक शानदार और परिपूर्ण मकान बनकर तैयार हो सकता है। पाटन रोड के अतिरिक्त शहर के अन्य उभरते इलाकों जैसे कैथून, रायपुरा और नता में भी कई कॉलोनियां विकसित हो रही हैं। इन क्षेत्रों में ऐसी कॉलोनियों की तलाश की जा सकती है जहां रजिस्ट्री की पूरी कानूनी सुविधा उपलब्ध हो और बैंकों द्वारा आसानी से ऋण स्वीकृत किया जा रहा हो। घर बनाना जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है, और सुनियोजित योजना व अनुशासित बजट के सहारे इस सपने को वास्तविक धरातल पर उतारा जा सकता है।

















