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नागालैंड में प्रीमियम कॉफी का दायरा बढ़ाने की तैयारी, राज्यपाल नंद किशोर यादव ने कोहिमा में ली समीक्षा बैठकनागालैंड
2 सित॰ 2026, 4:47 pm (29 दिन पहले)· 2

नागालैंड में प्रीमियम कॉफी का दायरा बढ़ाने की तैयारी, राज्यपाल नंद किशोर यादव ने कोहिमा में ली समीक्षा बैठक

नागालैंड के राज्यपाल नंद किशोर यादव ने कोहिमा स्थित लोक भवन में कॉफी बोर्ड ऑफ इंडिया और भू-संसाधन विभाग के अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। इस बैठक में राज्य में अरेबिका और रोबस्टा किस्मों के उत्पादन, बुनियादी ढांचे और मूल्य संवर्धन को बढ़ावा देने पर विस्तृत चर्चा हुई।

नागालैंड में कृषि आधारित अर्थव्यवस्था और किसानों की आय को मजबूती देने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम उठाया गया है। कोहिमा स्थित लोक भवन में मंगलवार को आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान नागालैंड के राज्यपाल नंद किशोर यादव ने राज्य में कॉफी की खेती की वर्तमान स्थिति और इसकी भावी संभावनाओं की व्यापक समीक्षा की। इस दौरान कॉफी बोर्ड ऑफ इंडिया तथा राज्य सरकार के भू-संसाधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

पूर्वोत्तर और नागालैंड में कॉफी उत्पादन का खाका

बैठक के दौरान कॉफी बोर्ड ऑफ इंडिया के अधिकारियों ने एक विस्तृत प्रस्तुति पेश की, जिसमें पूर्वोत्तर क्षेत्र और विशेष रूप से नागालैंड में कॉफी उत्पादन के रुझानों का विवरण दिया गया। चर्चा में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि कॉफी की खेती स्थानीय किसानों के लिए एक टिकाऊ और लाभदायक जीविका का साधन बन सकती है। इसके अलावा, विशेषज्ञों ने यह भी रेखांकित किया कि प्रीमियम और स्पेशलिटी श्रेणी की कॉफी के उत्पादन में नागालैंड के पास बेहतरीन प्राकृतिक अवसर मौजूद हैं।

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अरेबिका और रोबस्टा किस्मों का बढ़ता दायरा

समीक्षा में जानकारी दी गई कि भू-संसाधन विभाग और कॉफी बोर्ड के संयुक्त प्रयासों से नागालैंड के कई जिलों में कॉफी की खेती लगातार बढ़ रही है। राज्य में अरेबिका और रोबस्टा दोनों ही मुख्य किस्मों को उगाया जा रहा है। उत्पादकों को सहायता प्रदान करने के लिए बोर्ड की ओर से वित्तीय अनुदान, फसल सुखाने के लिए ड्राइंग यार्ड, आधुनिक कृषि उपकरण और क्षमता निर्माण प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।

क्षेत्रीय चुनौतियां और बुनियादी ढांचे की बाधाएं

प्रशासनिक अधिकारियों ने कॉफी क्षेत्र के विकास के मार्ग में आने वाली प्रमुख बाधाओं का भी विश्लेषण किया। इनमें खराब सड़क नेटवर्क, परिवहन में कठिनाइयां, प्रसंस्करण सुविधाओं की कमी, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव, छोटे खेत, कुशल श्रमिकों की कमी और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक सीधी पहुंच का अभाव शामिल हैं। इन मुद्दों को हल करने के लिए दीर्घकालिक रणनीतियों की जरूरत पर बल दिया गया।

मूल्य संवर्धन और युवाओं के लिए अवसर

राज्यपाल नंद किशोर यादव ने पूरे मूल्य नेटवर्क को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि पौधरोपण से लेकर प्रसंस्करण, ब्रांडिंग और विपणन तक एक समन्वित दृष्टिकोण अपनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण उत्पादन और वैल्यू एडिशन के माध्यम से किसानों की कमाई बढ़ाई जा सकती है, जिससे स्थानीय युवाओं और नए उद्यमियों के लिए भी रोजगार के नए अवसर खुलेंगे। संस्थागत सहयोग, वैज्ञानिक तकनीकों और बेहतर बाजार संपर्कों के बल पर नागालैंड देश में प्रीमियम कॉफी का एक प्रमुख उत्पादक केंद्र बन सकता है।

सवाल-जवाब

नागालैंड में कॉफी समीक्षा बैठक कहाँ और किसकी अध्यक्षता में आयोजित की गई?
यह बैठक कोहिमा स्थित लोक भवन में राज्यपाल नंद किशोर यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को आयोजित की गई।
बैठक में किन सरकारी विभागों के अधिकारी शामिल हुए?
बैठक में कॉफी बोर्ड ऑफ इंडिया और नागालैंड सरकार के भू-संसाधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
नागालैंड में मुख्य रूप से कॉफी की कौन सी किस्में उगाई जाती हैं?
नागालैंड के विभिन्न जिलों में अरेबिका और रोबस्टा दोनों प्रमुख किस्मों की कॉफी उगाई जा रही है।
कॉफी बोर्ड ऑफ इंडिया की ओर से किसानों को क्या सहायता दी जा रही है?
कॉफी बोर्ड किसानों को वित्तीय सहायता, ड्राइंग यार्ड, आधुनिक कृषि उपकरण और क्षमता निर्माण प्रशिक्षण प्रदान कर रहा है।
नागालैंड में कॉफी उद्योग के सामने मुख्य चुनौतियां क्या हैं?
सड़कों की खराब कनेक्टिविटी, परिवहन समस्याएं, प्रसंस्करण सुविधाओं की कमी, छोटे खेत, कुशल श्रम की कमी और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक सीमित पहुंच मुख्य चुनौतियां हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·28 दिन पहले

नागालैंड में प्रीमियम कॉफी उत्पादन को बढ़ावा देने का यह प्रशासनिक प्रयास आर्थिक मजबूती की दिशा में एक कदम है, लेकिन पहाड़ी क्षेत्रों में परिवहन और प्रसंस्करण जैसी बुनियादी बाधाओं को दूर किए बिना तस्करी या अवैध व्यापार जैसी व्यवस्थागत समस्याओं पर भी नजर रखनी होगी।

Ravikash Gupta@ravikash·28 दिन पहले

नागालैंड में अरेबिका और रोबस्टा कॉफी के दायरे को बढ़ाने की यह पहल कृषि आधारित अर्थव्यवस्था और किसानों की आय में सुधार के लिहाज से एक दूरदर्शी कदम है। हालांकि, पर्वतीय क्षेत्रों में खराब सड़क नेटवर्क, परिवहन की कठिनाइयों और प्रसंस्करण सुविधाओं की कमी जैसी संरचनात्मक बाधाएं इसके वैश्विक व्यापार और मूल्य संवर्धन के मार्ग में मुख्य रोड़ा बनी हुई हैं। यदि सरकार वित्तीय अनुदान और तकनीकी प्रशिक्षण के साथ-साथ मजबूत लॉजिस्टिक्स और वैश्विक बाजारों तक सीधी पहुंच सुनिश्चित कर सके, तो यह पहल पूर्वोत्तर क्षेत्र को देश के प्रीमियम कॉफी मानचित्र पर एक मजबूत निर्यातक के रूप में स्थापित कर सकती है।

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