सफर के लिए शानदार वाई-फाई 7 पॉकेट राउटर: घर पर कमजोर लेकिन यात्रा में बेहद दमदार है टीपी-लिंक रोम 7द ऑफिस की याद सताने पर जरूर देखें ये 6 बेहतरीन ऑफिस कॉमेडी फिल्में, मिलेगा भरपूर मनोरंजनअफगानिस्तान टी20 सीरीज से पहले टीम इंडिया की बढ़ी परेशानी, नेट प्रैक्टिस के दौरान चोटिल हुए ईशान किशननई दिल्ली में रूसी राष्ट्रपति का बिना प्रोटोकॉल वाला इशारा, अजित डोभाल से पुतिन की मुलाकात के क्या हैं कूटनीतिक मायने?राजनाथ सिंह ने स्वामी विवेकानंद के साल 1893 के ऐतिहासिक शिकागो भाषण को भारतीय सभ्यता का निर्णायक मोड़ बतायाब्रिक्स शिखर सम्मेलन में व्लादिमीर पुतिन और मसूद पेजेशकियान से मिले पीएम नरेंद्र मोदी, अब शी जिनपिंग के साथ द्विपक्षीय बैठक पर टिकीं नजरेंगंगा के बढ़ते जलस्तर से भोजपुर के घांघर में गहराया चारे का संकट, भुखमरी की कगार पर पहुंचे मवेशीजापान सरकार के विरोध के बीच बैंक ऑफ जापान बढ़ाएगा ब्याज दरें, अप्रैल तक 1.75 प्रतिशत होने का अनुमानपॉलीमार्केट पर बड़ा संकट: अमेरिकी नियामकों ने सीक्रेट तौर पर शुरू की इनसाइडर ट्रेडिंग की तीन नई जांचेंसफर के लिए शानदार लेकिन बड़े मकानों के लिए कमजोर साबित होगा यह बेहद छोटा टीपी-लिंक Wi-Fi 6 ट्रैवल राउटर
नागपुर के दवा बाजार में बड़ी कार्रवाई, बिना डॉक्टरी सलाह गर्भपात की गोलियां बेच रहे दो भाई फंसेभारत
1 अग॰ 2026, 7:40 pm (41 दिन पहले)· 0

नागपुर के दवा बाजार में बड़ी कार्रवाई, बिना डॉक्टरी सलाह गर्भपात की गोलियां बेच रहे दो भाई फंसे

नागपुर में खाद्य एवं औषधि प्रशासन की शिकायत पर दो दवा विक्रेता भाइयों के खिलाफ केस दर्ज हुआ है। छापे में बिना पर्ची बेची जा रहीं गर्भपात की प्रतिबंधित दवाएं मिलीं, जिनका कोई खरीद-बिक्री रिकॉर्ड नहीं था।

नागपुर के दवा बाजार में एक बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। महाराष्ट्र के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) की शिकायत पर गणेश पेठ पुलिस ने शहर के दो सगे भाइयों के खिलाफ मामला दर्ज किया है, जो दवा की दुकान चलाते हैं। इन पर आरोप है कि ये दोनों गर्भपात की ऐसी दवाएं खुलेआम बेच रहे थे, जो असल में सिर्फ डॉक्टर की सलाह और पर्ची पर ही दी जा सकती हैं। जब औषधि विभाग की टीम ने इनकी दुकान पर छापा मारा तो वहां प्रतिबंधित दवाओं का जखीरा बरामद हुआ।

छापे में क्या मिला और कहां चूक हुई

औषधि प्रशासन की टीम और पुलिस ने यह कार्रवाई नागपुर के दवा बाजार में मिलकर की। जांच के दौरान जब अफसरों ने इन दवाओं की खरीद और बिक्री का ब्योरा मांगा, तो दोनों विक्रेता कोई रिकॉर्ड या जरूरी कागजात पेश नहीं कर पाए। यानी न तो यह पता चल पाया कि ये दवाएं कहां से आईं और न ही यह कि किन-किन को बेची गईं। नियम साफ है कि गर्भपात की इस तरह की दवाएं बिना डॉक्टरी पर्ची के नहीं बेची जा सकतीं, लेकिन ये दोनों भाई इसी नियम को ताक पर रखकर धंधा चला रहे थे। दस्तावेज न होने के कारण ही विभाग और पुलिस ने इनके खिलाफ शिकंजा कसा।

ये भी पढ़ें

पूरा नेटवर्क खंगालने में जुटीं एजेंसियां

पूछताछ में जब दोनों दुकानदार अफसरों को संतोषजनक जवाब नहीं दे सके, तभी पुलिस ने केस दर्ज कर लिया। अब असली सवाल यह है कि प्रतिबंधित दवाओं का यह स्टॉक आखिर आया कहां से, इसे किन लोगों को बेचा गया और इस पूरे कारोबार में इन दो भाइयों के अलावा कोई और भी शामिल है या नहीं। इन्हीं सवालों के जवाब ढूंढने के लिए पुलिस और खाद्य औषधि प्रशासन मिलकर संयुक्त जांच कर रहे हैं, ताकि इस चेन की जड़ तक पहुंचा जा सके।

ताबड़तोड़ एक्शन के मूड में विभाग

यह कोई अकेली कार्रवाई नहीं है। इन दिनों देश की तमाम खाद्य सुरक्षा और दूसरी एजेंसियां नियम तोड़ने वालों पर लगातार सख्ती दिखा रही हैं। महाराष्ट्र के खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने कुछ ही समय पहले पांच बेकरियों के लाइसेंस निलंबित किए थे। इनमें मशहूर बिम्बो ब्रिस्टल बेकरी भी शामिल थी। बता दें कि ब्रिस्टल बेकरी, फोर्ट इलाके में करीब सौ साल पुराने पारसी रेस्टोरेंट जिमी बॉय की सहयोगी इकाई है।

जुलाई में राज्यभर में चला बड़ा ऑपरेशन

इससे पहले 28 और 29 जुलाई को पूरे राज्य में एक बड़ा अभियान चलाया गया था। इस दौरान FDA ने महाराष्ट्र की कई डेयरी यूनिट्स पर छापे मारे और करीब 2,90,668 रुपये का मिलावटी दूध और दूसरे डेयरी उत्पाद जब्त किए। इस पूरी कार्रवाई में पालघर, ठाणे, मुंबई, रायगढ़, पुणे और सांगली जैसे इलाकों से कुल 2,862 लीटर दूध और 373.85 किलोग्राम डेयरी उत्पाद, जिनमें पनीर और कुल्फी शामिल हैं, जब्त किए गए। अब इन सभी के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की तैयारी है।

सवाल-जवाब

नागपुर में किसके खिलाफ केस दर्ज हुआ है?
शहर के दवा बाजार में दुकान चलाने वाले दो सगे भाइयों, जो दवा विक्रेता हैं, उनके खिलाफ गणेश पेठ पुलिस ने मामला दर्ज किया है।
इन दवा विक्रेताओं पर क्या आरोप है?
आरोप है कि ये दोनों बिना डॉक्टर की पर्ची के गर्भपात की प्रतिबंधित दवाएं बेच रहे थे, जो सिर्फ डॉक्टरी सलाह पर ही दी जा सकती हैं।
केस किसकी शिकायत पर दर्ज हुआ?
महाराष्ट्र के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) की शिकायत पर पुलिस ने यह मामला दर्ज किया।
छापे में क्या दिक्कत सामने आई?
दोनों विक्रेता इन दवाओं की खरीद-बिक्री का कोई रिकॉर्ड या जरूरी दस्तावेज पेश नहीं कर पाए।
अब आगे क्या जांच हो रही है?
पुलिस और FDA मिलकर पता लगा रहे हैं कि यह स्टॉक कहां से आया, किसे बेचा गया और कारोबार में कोई और भी शामिल है या नहीं।
जुलाई में FDA ने और क्या कार्रवाई की थी?
28 और 29 जुलाई को राज्यभर में चले अभियान में कई डेयरी यूनिट्स पर छापे मारकर करीब 2,90,668 रुपये का मिलावटी दूध और डेयरी उत्पाद जब्त किए गए।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR