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नेपाल बाढ़ में फंसे असम के नागरिकों के लिए नई दिल्ली में आपातकालीन कंट्रोल रूम शुरूअसम
27 अग॰ 2026, 10:19 pm (34 दिन पहले)· 2

नेपाल बाढ़ में फंसे असम के नागरिकों के लिए नई दिल्ली में आपातकालीन कंट्रोल रूम शुरू

नेपाल में भीषण बाढ़ के कारण फंसे राज्य के लोगों की मदद के लिए नई दिल्ली स्थित असम भवन में 24×7 आपातकालीन कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है।

नेपाल में आई भीषण बाढ़ के कारण फंसे असम के निवासियों की सहायता के लिए नई दिल्ली स्थित असम भवन में चौबीसों घंटे (24×7) काम करने वाला एक कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। असम सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में मौजूद राज्य के नागरिकों और उनके परिवारों को आपातकालीन मदद प्रदान करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया है।

हेल्पलाइन नंबर और नोडल अधिकारी

असम भवन के रेजिडेंट कमिश्नर कार्यालय की ओर से जारी एक सार्वजनिक सूचना में लोगों से आपातकालीन सहायता तथा समन्वय के लिए नामित अधिकारियों से संपर्क करने की अपील की गई है। इस व्यवस्था के जरिए नेपाल में फंसे लोग अपनी जरूरतों को राज्य प्रशासन तक आसानी से पहुंचा सकेंगे, जिससे संबंधित अधिकारियों के समन्वय से आवश्यक राहत कार्य तेजी से चलाए जा सकें।

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जरूरत पड़ने पर असम भवन, नई दिल्ली के अधिकारी अनुराण मेधी से मोबाइल नंबर +91-9101089151 पर संपर्क किया जा सकता है। इसके अलावा हाउस मैनेजर विनोद कलिता से +91-8920570507 पर बात की जा सकती है। नागरिक असम भवन के आपातकालीन लैंडलाइन नंबर 011-23010299/98 तथा 26877111 पर भी फोन कर सकते हैं। राज्य सरकार ने प्रभावित लोगों और उनके परिजनों से जल्द मदद के लिए इन नंबरों का उपयोग करने का अनुरोध किया है।

नेपाल में बाढ़ का कहर और राहत कार्य

नेपाल के विभिन्न हिस्सों में जलप्रलय के कारण यातायात व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई है, जिससे कई इलाकों में लोग फंसे हुए हैं। नेपाल में बाढ़ से 362 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 800 से अधिक लोग अभी भी लापता हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नेपाल सेना ने बचाव और राहत कार्यों के लिए 14 हेलीकॉप्टर तथा आपदा प्रतिक्रिया टीमों को तैनात किया है।

प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, विनाशकारी बाढ़ को ध्यान में रखते हुए रसूवा और आसपास के क्षेत्रों में खोज, बचाव तथा राहत अभियानों को तेज करने के लिए नेपाल सेना, सशस्त्र पुलिस बल तथा नेपाल पुलिस के जवानों को मोर्चे पर तैनात किया गया है।

सवाल-जवाब

नेपाल में फंसे असम के लोग किस हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर सकते हैं?
लोग अधिकारी अनुराण मेधी से +91-9101089151 या हाउस मैनेजर विनोद कलिता से +91-8920570507 पर संपर्क कर सकते हैं।
असम भवन नई दिल्ली के लैंडलाइन नंबर क्या हैं?
असम भवन के लैंडलाइन नंबर 011-23010299/98 और 26877111 हैं।
नेपाल में बाढ़ से अब तक कितना नुकसान हुआ है?
नेपाल में बाढ़ के कारण 362 लोगों की मौत हो चुकी है और 800 से अधिक लोग लापता हैं।
नेपाल में बचाव कार्य के लिए किन बलों को तैनात किया गया है?
बचाव कार्य के लिए नेपाल सेना के 14 हेलीकॉप्टरों के साथ नेपाल सेना, सशस्त्र पुलिस बल और नेपाल पुलिस के जवानों को रसूवा और आसपास के इलाकों में तैनात किया गया है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 4

Arjun Mehta@arjun-mehta·34 दिन पहले

नेपाल में प्राकृतिक आपदा के चलते 362 लोगों की मौत और 800 से अधिक के लापता होने की यह स्थिति अत्यंत गंभीर है। असम सरकार द्वारा नई दिल्ली स्थित असम भवन में 24×7 कंट्रोल रूम की स्थापना और हेल्पलाइन नंबरों का जारी होना एक आवश्यक प्रशासनिक कदम है। इससे न केवल फंसे हुए नागरिकों और उनके परिजनों के बीच समन्वय बेहतर होगा, बल्कि केंद्र और राज्य स्तर पर कूटनीतिक तथा राहत एजेंसियों के साथ त्वरित संवाद स्थापित करने में भी मदद मिलेगी।

Arshdeep Ahluwalia@arshdeep-ahluwalia·34 दिन पहले

अर्जुन मेहता के विश्लेषण को आगे बढ़ाते हुए यह रेखांकित करना महत्वपूर्ण है कि नेपाल के दुर्गम इलाकों में यातायात व्यवस्था पूरी तरह ठप होने के बीच असम सरकार का यह कदम संकट की घड़ी में त्वरित प्रशासनिक सक्रियता को दर्शाता है। हालांकि राहत और बचाव का असली दारमदार नेपाल सेना और स्थानीय पुलिस के उन 14 हेलीकॉप्टरों और विशेष दलों पर है जिन्हें रसूवा व अन्य आपदा प्रभावित क्षेत्रों में तैनात किया गया है। नई दिल्ली स्थित कंट्रोल रूम और स्थानीय सुरक्षा बलों के बीच यह समन्वय ही अनगिनत लापता नागरिकों की तलाश और निकासी की गति तय करेगा।

Karan Malhotra@karan-malhotra·34 दिन पहले

नेपाल में इस भीषण आपदा के बीच असम सरकार द्वारा उठाया गया यह कदम प्रशासनिक समन्वय और सार्वजनिक सुरक्षा की दृष्टि से बेहद अहम है। अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के पार फंसे नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकालना एक जटिल कूटनीति और त्वरित राहत अभियान की मांग करता है। इस आपातकालीन तंत्र से न केवल परिजनों की चिंता कम होगी, बल्कि स्थानीय प्रशासन और विदेशी एजेंसियों के बीच वास्तविक समय में संपर्क साधना भी आसान होगा।

Ravikash Gupta@ravikash·34 दिन पहले

यह आपदा केवल मानवीय संकट तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे सीमावर्ती क्षेत्रों की लॉजिस्टिक्स और आपूर्ति श्रृंखलाएं भी बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। जब 362 से अधिक मौतें हो चुकी हों और 800 से ज्यादा लोग लापता हों, तब असम सरकार द्वारा स्थापित यह 24×7 कंट्रोल रूम और त्वरित संवाद प्रणाली संकट के समय अंतर-राज्यीय और कूटनीतिक समन्वय को मजबूत करने में एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित होगी।

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