नई दिल्ली में आयोजित BRICS सम्मेलन के दौरान कूटनीतिक बैठकों का सिलसिला देर रात तक चलता रहा, जहां मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच हुई एक द्विपक्षीय मुलाकात ने सबका ध्यान अपनी तरफ खींच लिया। दोनों नेताओं की यह आधिकारिक चर्चा सामान्य कामकाजी घंटों के काफी बाद, लगभग रात 11 बजे शुरू हुई थी। वैश्विक मंचों पर आमतौर पर दिखने वाली सख्त औपचारिकता और तनावपूर्ण माहौल के उलट, इस बैठक के दौरान एक बेहद सहज और हल्का-फुल्का क्षण देखने को मिला जब मलेशियाई प्रधानमंत्री ने बातचीत शुरू होते ही हंसते हुए समय का जिक्र कर दिया।
देर रात की बैठक और घड़ी की सुइयों पर नजर
मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम शुक्रवार की देर रात ही नई दिल्ली पहुंचे थे। शहर में कदम रखने के तुरंत बाद, बिना किसी लंबे विश्राम के, उन्होंने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ पूर्व निर्धारित द्विपक्षीय वार्ता का रुख किया। जिस वक्त दोनों शीर्ष नेता आमने-सामने बातचीत की मेज पर बैठे, उस समय घड़ी में रात के लगभग 11:15 बज रहे थे। आम तौर पर इस समय दिनभर की राजनीतिक व्यस्तताओं के बाद नेता आराम की तैयारी कर रहे होते हैं, लेकिन यहां दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल भविष्य की साझीदारियों का खाका खींच रहे थे।
बैठक की शुरुआत में अनवर इब्राहिम का यह कहना कि आधी रात होने को आई है, कमरे में मौजूद दोनों देशों के अधिकारियों के चेहरों पर मुस्कान ले आया। आमतौर पर अंतरराष्ट्रीय शिखर सम्मेलनों में हर कदम प्रोटोकॉल और लिखित एजेंडे के तहत कड़े नियमों में बंधा होता है। ऐसे में समय की ओर इशारा करता यह सहज संवाद दोनों नेताओं के बीच आपसी गर्मजोशी और सहज कामकाजी रिश्ते को उजागर कर गया। सोशल मीडिया पर भी इस देर रात की मुलाकात का वीडियो खूब साझा किया जा रहा है, जहां लोग गंभीर वैश्विक कूटनीति के बीच इस मानवीय और अनौपचारिक पहलू की सराहना कर रहे हैं।
सीधी उड़ानों और वीजा फ्री यात्रा पर जोर
समय के हल्के-फुल्के जिक्र के तुरंत बाद दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों के अहम पहलुओं पर गहन विचार-विमर्श शुरू किया। अनवर इब्राहिम ने बताया कि इस बैठक में मलेशिया और रूस के आपसी रिश्तों में अब तक हुई प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। चर्चा का एक प्रमुख बिंदु दोनों देशों के बीच संपर्क और आवागमन को सुगम बनाना रहा।
मलेशियाई प्रधानमंत्री ने इस बात पर विशेष बल दिया कि रूस और मलेशिया के बीच सीधी हवाई उड़ानों को शुरू करने की प्रक्रिया में तेजी लाई जानी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने दोनों मुल्कों के नागरिकों के लिए वीजा-मुक्त यात्रा सुविधा लागू करने की जरूरत रेखांकित की। उनका मानना था कि यदि सीधी उड़ानों और आसान प्रवेश की व्यवस्था जमीन पर उतरती है, तो इससे न केवल दोनों देशों के बीच पर्यटन को नई गति मिलेगी, बल्कि व्यापारियों और निवेशकों का आवागमन भी कई गुना आसान हो जाएगा। इसके अलावा, मलेशिया ने ऊर्जा क्षेत्र में रूस के साथ जारी सहयोग को लेकर आभार व्यक्त किया और इसे भविष्य में भी मजबूत बनाए रखने की इच्छा जताई।
पाम ऑयल का निर्यात और व्यापार दोगुना करने का लक्ष्य
आर्थिक मोर्चे पर इस बैठक का सबसे बड़ा केंद्र बिंदु व्यापारिक संतुलन और नए बाजारों की तलाश रहा। बातचीत के दौरान रूस को मलेशियाई पाम ऑयल के निर्यात में बड़ी बढ़ोतरी करने पर सहमति बनी। मलेशिया दुनिया के प्रमुख पाम ऑयल उत्पादक देशों में शामिल है, और रूसी बाजार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर वह अपने कृषि और व्यापारिक क्षेत्र को मजबूत करना चाहता है।
दोनों नेताओं ने इस बात की संभावनाओं पर भी विस्तार से चर्चा की कि किस तरह रूस और मलेशिया के बीच कुल द्विपक्षीय व्यापार के मूल्य को दोगुना किया जा सकता है। अनवर इब्राहिम ने स्पष्ट किया कि केवल उच्च स्तरीय समझौतों पर हस्ताक्षर करना ही काफी नहीं है, बल्कि उन्हें समयबद्ध तरीके से धरातल पर उतारना सबसे जरूरी काम है। इस दिशा में तेजी लाने के लिए उन्होंने दोनों देशों के बीच एक विशेष संस्थागत तंत्र बनाने का प्रस्ताव रखा। यह विशेष व्यवस्था समझौतों के क्रियान्वयन की निगरानी करेगी और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय साधने का काम करेगी। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इस व्यवहारिक प्रस्ताव पर पूरी तरह सहमति जताई।
पुतिन को मलेशिया आने का न्योता
बैठक के समापन चरण में अनवर इब्राहिम ने कूटनीतिक संबंधों को और प्रगाढ़ करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया। उन्होंने मलेशिया के राजा की ओर से रूसी राष्ट्रपति को मलेशिया की आधिकारिक राजकीय यात्रा पर आने का औपचारिक निमंत्रण सौंपा।
मलेशियाई प्रधानमंत्री ने उम्मीद जताई कि राष्ट्रपति पुतिन की प्रस्तावित भविष्य की यात्रा दोनों देशों के द्विपक्षीय रिश्तों में एक नया अध्याय शुरू करेगी। नई दिल्ली में संपन्न हुआ BRICS सम्मेलन जहां एक तरफ बहुपक्षीय सहयोग और वैश्विक आर्थिक संतुलन के गंभीर एजेंडे को लेकर चर्चा में रहा, वहीं इस सम्मेलन के पार्श्व में आधी रात के वक्त पुतिन और अनवर के बीच हुई इस बैठक ने यह दिखा दिया कि उच्च स्तरीय कूटनीति में समय की पाबंदियों के बीच भी गर्मजोशी और व्यावहारिक फैसलों के लिए जगह हमेशा बनी रहती है।



















