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नीम करौली बाबा के कैंची धाम में दर्शन के लिए लागू हो सकता है अनिवार्य पंजीकरण, दैनिक सीमा तय करने पर मंथनउत्तराखंड
6 अक्तू॰ 2026, 4:06 pm (32 दिन पहले)· 0

नीम करौली बाबा के कैंची धाम में दर्शन के लिए लागू हो सकता है अनिवार्य पंजीकरण, दैनिक सीमा तय करने पर मंथन

नैनीताल जिला प्रशासन कैंची धाम में भारी भीड़ और ट्रैफिक जाम से निपटने के लिए श्रद्धालुओं के पंजीकरण और रोजाना दर्शनार्थियों की संख्या सीमित करने के प्रस्ताव पर विचार कर रहा है।

उत्तराखंड के नैनीताल जिले में स्थित प्रसिद्ध नीम करौली बाबा आश्रम यानी कैंची धाम में उमड़ रही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को व्यवस्थित करने के लिए प्रशासन बड़े प्रशासनिक फेरबदल की तैयारी कर रहा है। वीकेंड और छुट्टियों के दिनों में जुटने वाली अनियंत्रित भीड़, सीमित पार्किंग और संकरी पहाड़ी सड़कों पर लगने वाले लंबे जाम की समस्या को देखते हुए अब मंदिर में दर्शन के लिए पूर्व पंजीकरण अनिवार्य करने और प्रतिदिन आने वाले दर्शनार्थियों की कुल संख्या तय करने के प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार शुरू हो चुका है।

प्रशासनिक मंथन और स्टेकहोल्डर्स के साथ अहम बैठक

कुमाऊं के मंडलायुक्त दीपक रावत ने कैंची धाम क्षेत्र में क्षमता से अधिक दबाव को नियंत्रित करने के उद्देश्य से एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक बुलाई। इस बैठक में पुलिस और प्रशासन के विभागीय अधिकारियों के अतिरिक्त स्थानीय होटल व्यवसाइयों और पर्यटन से जुड़े अन्य हितधारकों को भी शामिल किया गया। बैठक का मुख्य एजेंडा मंदिर क्षेत्र की भौगोलिक वहन क्षमता के आधार पर व्यवस्थाओं को दोबारा नए सिरे से तैयार करना रहा।

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बैठक के दौरान सभी पक्षों से सुझाव मांगे गए कि क्या चारधाम यात्रा की तर्ज पर कैंची धाम आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु के लिए ऑनलाइन अथवा ऑफलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू की जानी चाहिए। साथ ही इस बात पर भी विस्तार से मंथन हुआ कि एक तय तारीख पर अधिकतम कितने श्रद्धालुओं को दर्शन की अनुमति दी जाए, ताकि व्यवस्थाएं पूरी तरह सुचारू बनी रहें। हालांकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इस बिंदु पर अभी केवल प्राथमिक विचार-विमर्श हुआ है और कोई अंतिम मुहर नहीं लगाई गई है।

नैनीताल डीएम और एसएसपी करेंगे मौके का संयुक्त मुआयना

योजना को धरातल पर उतारने से पहले क्षेत्र की जमीनी हकीकत परखने का निर्णय लिया गया है। कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत के निर्देशों के अनुसार, नैनीताल की जिलाधिकारी और नैनीताल के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मिलकर कैंची धाम का एक विस्तृत संयुक्त निरीक्षण करेंगे। इस ऑन-ग्राउंड मुआयने के दौरान दोनों शीर्ष अधिकारी श्रद्धालुओं के आने-जाने के रास्तों, सड़क की वास्तविक चौड़ाई और वहन क्षमता, उपलब्ध आधिकारिक पार्किंग स्थलों तथा बुनियादी सुविधाओं की गहन पड़ताल करेंगे।

निरीक्षण पूरा होने के पश्चात एक विस्तृत संयुक्त रिपोर्ट तैयार कर मंडलायुक्त कार्यालय को सौंपी जाएगी। आयुक्त कार्यालय को यह रिपोर्ट मिलने के बाद ही रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया की रूपरेखा और रोजाना दर्शनार्थियों की संख्या की अधिकतम सीमा तय करने पर अंतिम प्रशासनिक फैसला लिया जाएगा। प्रशासन का कहना है कि इन कदमों का एकमात्र उद्देश्य भक्तों को सुगम दर्शन कराना और क्षेत्र को भीषण जाम से मुक्त रखना है।

वीकेंड पर बेकाबू ट्रैफिक और पार्किंग का गहराता संकट

कैंची धाम में हाल के दिनों में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के आगमन में कई गुना बढ़ोतरी दर्ज की गई है। खासकर शनिवार, रविवार और त्योहारों की छुट्टियों में हजारों वाहनों के एक साथ पहुंचने से मुख्य हाईवे पर भारी जाम लग जाता है। मंदिर परिसर के आसपास पार्किंग क्षमता बेहद सीमित होने के चलते पुलिस को कई बार निजी वाहनों को काफी पहले ही रोकना पड़ता है, जिससे दूरदराज से आने वाले श्रद्धालुओं को पैदल चलने और घंटों कतारों में खड़े रहने की मजबूरी झेलनी पड़ती है।

प्रशासन का मानना है कि यदि पंजीकरण और संख्या सीमा का नियम लागू होता है, तो यात्रियों का प्रवाह पहले से निर्धारित रहेगा और दर्शन के लिए अनावश्यक इंतजार से मुक्ति मिलेगी।

पर्यटन कारोबार और स्थानीय आजीविका का संतुलन

प्रशासनिक अधिकारियों ने इस बात को भी रेखांकित किया कि नए नियमों को बनाते समय स्थानीय आजीविका को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। बैठक में मौजूद होटल संचालकों और स्थानीय व्यापारियों ने अपनी चिंताएं और सुझाव साझा किए। अधिकारियों का मत है कि तीर्थयात्रियों की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ स्थानीय होटल कारोबार, टैक्सी संचालन और दुकानों के व्यापारिक हितों के बीच एक व्यावहारिक संतुलन बनाना बेहद जरूरी है। संयुक्त निरीक्षण रिपोर्ट में इन सभी आर्थिक और व्यावहारिक पहलुओं को शामिल करने के बाद ही कोई अंतिम नीति लागू की जाएगी।

सवाल-जवाब

कैंची धाम में प्रशासन किस नए नियम पर विचार कर रहा है?
प्रशासन श्रद्धालुओं के लिए अनिवार्य पंजीकरण लागू करने और प्रतिदिन आने वाले दर्शनार्थियों की कुल संख्या सीमित करने के प्रस्ताव पर विचार कर रहा है।
क्या कैंची धाम में पंजीकरण की व्यवस्था अभी लागू हो चुकी है?
नहीं, अभी इस पर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है और यह प्रस्ताव केवल विचाराधीन है।
प्रशासन यह कदम क्यों उठाना चाहता है?
बढ़ती भीड़, पार्किंग की कमी और वीकेंड व छुट्टियों के दौरान लगने वाले भीषण ट्रैफिक जाम को नियंत्रित करने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है।
अंतिम फैसला लेने से पहले क्या प्रक्रिया अपनाई जाएगी?
नैनीताल के डीएम और एसएसपी मौके का संयुक्त निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार करेंगे, जिसके बाद मंडलायुक्त कार्यालय आगे का निर्णय लेगा।
क्या स्थानीय व्यापारियों और होटल कारोबारियों से इस बारे में बात की गई है?
हां, कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत ने बैठक में होटल कारोबारियों और अन्य हितधारकों से सुझाव लिए हैं ताकि पर्यटन व व्यापार का संतुलन बना रहे।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Sneha Kulkarni@sneha-kulkarni·31 दिन पहले

दीपक रावत का नाम आते ही उम्मीद बंध जाती है कि कोई कड़ा फैसला जरूर लिया जाएगा।

Ravikash Gupta@ravikash·31 दिन पहले

पिछली बार वहाँ गया था तो घंटों जाम में फँसा रहना पड़ा था, गाड़ी पार्क करने की जगह ही नहीं मिली। अगर चारधाम की तरह यहाँ भी रजिस्ट्रेशन शुरू हो जाता है, तो कम से कम धक्का-मुक्की और बेमतलब की परेशानी से थोड़ी राहत तो मिलेगी।

Arjun Mehta@arjun-mehta·31 दिन पहले

रविकेश जी, आपकी बात बिल्कुल सही है। चारधाम की तरह यहाँ भी सिस्टम बनना बहुत ज़रूरी हो गया है, वर्ना वीकेंड पर निकलना नामुमकिन सा हो जाता है।

Rohan Verma@rohan-verma·32 दिन पहले

दीपक रावत जी की बैठक से उम्मीद है कि अब वीकेंड के लंबे जाम से थोड़ी राहत मिलेगी।

Karan Malhotra@karan-malhotra·32 दिन पहले

रोहन भाई, सही कह रहे हो। पिछली बार मैं खुद वहाँ चार घंटे जाम में फँसा था, तब से जाने की हिम्मत नहीं हुई।

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