पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में बीजेपी कार्यकर्ता सुजीत मंडल हत्याकांड के मुख्य आरोपी का एनकाउंटर, अस्पताल में मौतपश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना में नाबालिग से दुष्कर्म और ब्लैकमेल का मामला, बागुईआटी थाने में शिकायत दर्जराशिफल 29 अक्टूबर: उच्च के चंद्रमा के प्रभाव से 8 राशियों की बदलेगी किस्मत, हर तरफ से मिलेंगे लाभ के संकेतबिक्रम सिंह मजीठिया की कानूनी मुश्किलें गहरी, आय से अधिक संपत्ति मामले में दाखिल हुई सप्लीमेंट्री चार्जशीटसीवर और सेप्टिक टैंक सफाई के दौरान जान गंवाने वालों के परिजनों को मिलेगा 30 लाख मुआवजा, सुप्रीम कोर्ट का सख्त निर्देशमूलांक 4 दैनिक अंकज्योतिष 29 अक्टूबर: डिजिटल लेन-देन में बरतें सावधानी, जल्दबाजी से बचेंमुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के लिए धारा 18 बनी ढाल, सुप्रीम कोर्ट में चुनाव आयोग ने रखा अपना पक्षचार राज्यों के विधान परिषद चुनाव में कांग्रेस को करारा झटका, बीजेपी और सपा का दबदबाअमेरिकी मध्यावधि चुनावों में एलन मस्क का बड़ा दांव, झोंके 7.6 करोड़ डॉलरमूलांक 2 राशिफल 29 अक्टूबर 2026: दिल की बातों और पैसों के लेन-देन में बरतें सावधानी
नोएडा में शुरू हुआ दिल्ली-NCR का पहला AC स्काईवॉक, अब सेक्टर-51 से 52 मेट्रो स्टेशन की दूरी तय करने में लगेंगे सिर्फ 5 मिनटउत्तर प्रदेश
29 अग॰ 2026, 10:09 am (61 दिन पहले)· 2

नोएडा में शुरू हुआ दिल्ली-NCR का पहला AC स्काईवॉक, अब सेक्टर-51 से 52 मेट्रो स्टेशन की दूरी तय करने में लगेंगे सिर्फ 5 मिनट

दिल्ली-एनसीआर का पहला एयर कंडीशंड स्काईवॉक नोएडा में शुरू हो गया है। इसके जरिए सेक्टर-51 और सेक्टर-52 मेट्रो स्टेशन के बीच की दूरी महज पांच मिनट में तय की जा सकेगी।

दिल्ली-एनसीआर का पहला एसी स्काईवॉक जनता के लिए शुरू कर दिया गया है। नोएडा अथॉरिटी ने रक्षाबंधन के मौके पर शुक्रवार को बिना किसी औपचारिक उद्घाटन के इस स्काईवॉक को यात्रियों के वास्ते खोल दिया। कई बार डेडलाइन चूकने के बाद आखिरकार यह परियोजना पूरी हो चुकी है। यह नया स्काईवॉक एक्वा लाइन के सेक्टर-51 मेट्रो स्टेशन और ब्लू लाइन के सेक्टर-52 मेट्रो स्टेशन को आपस में जोड़ता है, जिससे रोजाना सफर करने वाले लाखों यात्रियों को बड़ी राहत मिली है। रक्षाबंधन के दिन जब इसे पहली बार खोला गया, तो ब्लू लाइन के सेक्टर-52 से एक्वा लाइन के सेक्टर-51 तक जाने के लिए इस स्काईवॉक का 45 हजार से अधिक यात्रियों ने उपयोग किया।

यात्रियों को मिलेगी भारी राहत और बारिश से बचाव

नोएडा अथॉरिटी की एसीईओ वंदना त्रिपाठी ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि स्काईवॉक के सभी जरूरी काम पूरे होने के बाद इसे फिलहाल ट्रायल बेस पर शुरू करने के निर्देश दिए गए थे। अभी इसका कोई औपचारिक उद्घाटन नहीं किया गया है ताकि लोगों को तुरंत इसकी सुविधा मिल सके। इस वातानुकूलित रास्ते के शुरू होने से खासतौर पर बारिश के मौसम में मेट्रो यात्रियों को बहुत मदद मिलेगी। अब सेक्टर-51 और सेक्टर-52 के बीच का यह पूरा सफर केवल पांच मिनट के भीतर सुरक्षित तरीके से पूरा हो जाएगा।

ये भी पढ़ें

संरचना, लंबाई और निर्माण लागत की खास बातें

इस आधुनिक एसी स्काईवॉक के निर्माण पर कुल लगभग 33 करोड़ रुपये की लागत आई है। इसकी कुल लंबाई लगभग 460 मीटर और चौड़ाई करीब छह मीटर है। यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इसमें हर 50 मीटर की दूरी पर कुल 10 ट्रैवलेटर यानी स्वचालित सीढ़ियां और रैंप लगाए गए हैं। इस स्काईवॉक के बनने से पहले मेट्रो यात्रियों को दोनों स्टेशनों के बीच आने-जाने के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। उन्हें संकरे और भीड़भाड़ वाले पैदल रास्तों के अलावा ऑटो, ई-रिक्शा और सामान बेचने वाले वेंडरों से भरे तंग रास्तों से गुजरना पड़ता था। इस महत्वपूर्ण स्काईवॉक परियोजना का निर्माण कार्य मार्च 2023 में शुरू किया गया था।

कई अड़चनों और बढ़ी हुई लागत का सफर

नोएडा अथॉरिटी की एसीईओ ने आगे बताया कि ट्रायल के दौरान सफर करने वाले मुसाफिरों और तकनीकी टीम से मिलने वाले फीडबैक के आधार पर जरूरी सुधार किए जाएंगे, जिसके बाद इसका आधिकारिक उद्घाटन भी किया जा सकता है। मूल रूप से इस पूरे प्रोजेक्ट को महज छह महीने के भीतर पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया था। हालांकि, इसके डिजाइन में लगातार बदलाव किए जाने, मेट्रो की केबल्स, भारी भरकम बीम की समस्याओं, एनजीटी के प्रतिबंधों और अन्य तकनीकी बाधाओं के चलते इस प्रोजेक्ट की एक के बाद एक कुल दस डेडलाइन निकल चुकी थीं। हालात यह रहे कि तीन साल पहले इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत 25 करोड़ रुपये थी, जो विभिन्न कारणों से बढ़कर अंततः 33 करोड़ रुपये तक पहुंच गई।

सवाल-जवाब

दिल्ली-एनसीआर का पहला एसी स्काईवॉक कहां शुरू हुआ है?
यह एसी स्काईवॉक नोएडा में शुरू किया गया है जो सेक्टर-51 और सेक्टर-52 मेट्रो स्टेशनों को जोड़ता है।
इस स्काईवॉक को किस मौके पर जनता के लिए खोला गया?
इस स्काईवॉक को नोएडा अथॉरिटी द्वारा रक्षाबंधन के अवसर पर शुक्रवार को जनता के लिए खोल दिया गया।
इस स्काईवॉक की लंबाई और चौड़ाई कितनी है?
इस स्काईवॉक की लंबाई लगभग 460 मीटर और चौड़ाई करीब छह मीटर है।
इस परियोजना के निर्माण पर कुल कितनी लागत आई है?
इस एसी स्काईवॉक के निर्माण पर लगभग 33 करोड़ रुपये की लागत आई है।
दोनों स्टेशनों के बीच सफर करने में अब कितना समय लगेगा?
इस स्काईवॉक के शुरू होने से सेक्टर-51 और सेक्टर-52 के बीच का रास्ता करीब पांच मिनट में पूरा हो जाएगा।
यात्रियों की सुविधा के लिए स्काईवॉक में क्या लगाया गया है?
यात्रियों की आवाजाही को आसान बनाने के लिए इसमें हर 50 मीटर पर कुल 10 ट्रैवलेटर यानी स्वचालित सीढ़ियां और रैंप लगाए गए हैं।
इस प्रोजेक्ट की कुल कितनी डेडलाइन मिस हुई थीं?
विभिन्न तकनीकी और प्रशासनिक कारणों से इस प्रोजेक्ट की एक के बाद एक कुल दस डेडलाइन निकल चुकी थीं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Rohan Verma@rohan-verma·60 दिन पहले

यह परियोजना दर्शाती है कि कैसे प्रशासनिक विलंब और डिजाइन में बार-बार बदलाव से जनता के पैसे और समय का नुकसान होता है। तीन साल में दस डेडलाइन चूकने और लागत 25 करोड़ से बढ़कर 33 करोड़ रुपये होने के बाद ट्रायल बेस पर शुरुआत यह साबित करती है कि बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में जवाबदेही तय करना कितना जरूरी है। हालांकि, पहले ही दिन 45 हजार से अधिक यात्रियों का इसका उपयोग करना यह भी बताता है कि इस कनेक्टिविटी की मांग जमीनी स्तर पर कितनी तीव्र थी।

Karan Malhotra@karan-malhotra·60 दिन पहले

इस परियोजना के क्रियान्वयन में हुई देरी और लागत वृद्धि केवल प्रशासनिक सुस्ती नहीं, बल्कि सार्वजनिक धन के प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े करती है। जब तक ऐसी अवसंरचनात्मक प्राथमिकताओं में वैधानिक और संविदात्मक जवाबदेही तय नहीं होगी, तब तक विलंब और बजट वृद्धि की पुनरावृत्ति रुकना कठिन होगा।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp