पंजाब के फाजिल्का में तैनात भारतीय सेना के हवलदार महेंद्र कुमार का राजस्थान स्थित उनके पैतृक गांव पहुंचने के बाद अचानक निधन हो गया। 41 वर्षीय जवान री-सेटलमेंट ट्रेनिंग के सिलसिले में जयपुर आए थे और शुक्रवार को ही अपने परिजनों से मिलने बाड़मेर पहुंचे थे। रात को भोजन करने के कुछ ही देर बाद उनके सीने में अचानक तेज दर्द उठा, जिसके बाद उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
खाना खाने के बाद बिगड़ी तबीयत
बाड़मेर जिले के रामसर कुआं क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बेरीवाला सागणा गांव निवासी महेंद्र कुमार, रामाराम के पुत्र थे। वे जनवरी 2003 में सेना की जाट रेजिमेंट में भर्ती हुए थे और इन दिनों पंजाब के फाजिल्का में अपनी सेवाएं दे रहे थे। ट्रेनिंग पूरी करने के बाद वह शुक्रवार को अपने माता-पिता और परिजनों से मिलने अपने घर आए थे। परिजनों के अनुसार, शुक्रवार रात करीब साढ़े नौ बजे खाना खाने के कुछ ही देर बाद उनके सीने में अचानक तेज दर्द हुआ। देखते ही देखते उनकी हालत बिगड़ने लगी। घबराए परिजन उन्हें तत्काल निकटतम अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने स्वास्थ्य जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। प्राथमिक जांच में मौत का कारण दिल का दौरा पड़ना माना जा रहा है।
सैन्य सम्मान के साथ दी जाएगी अंतिम विदाई
जवान के अचानक चले जाने से उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। घटना की जानकारी मिलते ही सेना की जाट रेजिमेंट के सैन्य अधिकारी और जवान मोर्चरी पहुंचे तथा पूरे मामले की जानकारी ली। पुलिस ने परिजनों की दी गई रिपोर्ट के आधार पर मर्ग दर्ज कर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी करवाई। इसके बाद हवलदार महेंद्र कुमार का पार्थिव शरीर उनके परिजनों को सौंप दिया गया। उनके पार्थिव शरीर को सेना के विशेष वाहन से उनके पैतृक गांव पहुंचाया गया है, जहां उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर देकर पूर्ण सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी जाएगी। महेंद्र कुमार का जनवरी 2027 में सेवानिवृत्त होने का कार्यक्रम निर्धारित था, लेकिन उससे पहले ही इस दुखद हादसे ने सभी को हतप्रभ कर दिया है।



















