जैसलमेर के रामदेवरा में दीपावली पर अनूठी सजावट, 500 किलो फूलों से महका बाबा रामदेव का दरबारसिरमौर के सराहां में धनतेरस पर दर्दनाक हादसा, खाई में बोलेरो गिरने से बड़े भाई की मौत और नौ घायलहिमाचल के सम्मू गांव में दिवाली पर क्यों पसरा रहता है सन्नाटा, जानिए सात पीढ़ियों से चली आ रही अनूठी परंपराबेंगलुरु में दामाद ने सिलबट्टे से की सात लोगों की हत्या, नंदी हिल्स से चिकबल्लापुर तक फेंके गए शवसुप्रीम कोर्ट में हिमाचल प्रदेश की बड़ी जीत, बीबीएमबी विवाद सुलझा, सालाना 1000 करोड़ तक का होगा फायदातकनीकी दबाव में फिसला यूरो, अमेरिकी डॉलर के सामने 1.1200 का अहम स्तर टूटाडायमंड स्टेट समिट 2026: राजस्थान की सियासत में जेनेरेशन जेड की एंट्री, कम उम्र के पार्षदों ने रखा विजनपलामू के किसान संतरे की बागवानी से कमा सकते हैं लाखों रुपये, जानिए एक एकड़ की लागत और कमाई का पूरा गणितमहज 100 रुपये से शुरू किया कारोबार, अब लाखों की कमाई कर रहे हैं मुरादाबाद के मोहम्मद फिरोजओबीसी क्रीमी लेयर मामले में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, केंद्र सरकार की अर्जी खारिज
ओडिशा में हिरासत में आरोपी की खुदकुशी के बाद हांसी के पांच सीआईए पुलिसकर्मी निलंबितहरियाणा
5 नव॰ 2026, 2:24 pm (23 घंटे पहले)· 2

ओडिशा में हिरासत में आरोपी की खुदकुशी के बाद हांसी के पांच सीआईए पुलिसकर्मी निलंबित

ओडिशा में मादक पदार्थ तस्करी मामले के मुख्य आरोपी द्वारा हिरासत में फांसी लगाने के बाद हांसी एसपी ने सीआईए-1 टीम के पांच पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया है। एनएचआरसी दिशा-निर्देशों की लापरवाही के आधार पर यह कार्रवाई की गई है।

ओडिशा में मादक पदार्थों के एक प्रमुख आपूर्तिकर्ता की हिरासत में हुई मौत के मामले में हरियाणा के हांसी पुलिस प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। हांसी के पुलिस अधीक्षक (SP) विनोद कुमार ने सीआईए-1 (CIA-1) टीम के पांच पुलिसकर्मियों को कर्तव्य में गंभीर लापरवाही बरतने के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

ओडिशा गई थी सीआईए-1 की टीम

व्यावसायिक मात्रा में नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़े एक मामले की जांच के दौरान पुलिस को ओडिशा निवासी मुख्य सप्लायर की जानकारी मिली थी। आरोपी की धरपकड़ के लिए हांसी से सीआईए-1 की एक विशेष टीम ओडिशा भेजी गई थी। इस पांच सदस्यीय टीम का नेतृत्व पीएसआई कपिल कर रहे थे, जिसमें एसआई सम्मत, पीएचसी जोगेंद्र, पीएचसी अल्ताफ और कांस्टेबल मुकेश शामिल थे। टीम अपने वाहन से ओडिशा पहुंची और वहां स्थानीय अदालत में आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं पूरी कर आरोपी को हिरासत में लिया तथा उसकी ट्रांजिट रिमांड हासिल की।

ये भी पढ़ें

होटल या ठहरने के स्थान पर हुई घटना

ट्रांजिट रिमांड प्राप्त करने के बाद पुलिस टीम आरोपी को लेकर हरियाणा लौटने की तैयारी में थी। हालांकि, रात काफी अधिक हो जाने और नजदीकी पुलिस थाना काफी दूरी पर स्थित होने के कारण टीम ने आरोपी को थाने के बजाय एक ठहरने के स्थान पर ले जाने का फैसला किया। इसी दौरान आरोपी ने शौचालय जाने का बहाना बनाया और अंदर जाकर फांसी का फंदा लगाकर जान दे दी। अचानक हुई इस घटना के बाद हड़कंप मच गया और पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए।

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के नियमों का उल्लंघन

गुरुवार को आयोजित एक पत्रकार वार्ता में एसपी विनोद कुमार ने पूरे मामले की जानकारी साझा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के दिशा-निर्देशों के अनुसार, किसी भी आरोपी की सुरक्षा और उस पर चौबीसों घंटे निगरानी रखना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी होती है। यदि ट्रांजिट रिमांड के दौरान आरोपी को किसी थाने के बजाय अन्य स्थान पर ठहराया जाता है, तब भी उसकी सुरक्षा में किसी तरह की चूक नहीं होनी चाहिए। इस मामले में सुरक्षा नियमों और निगरानी प्रक्रिया की अनदेखी पाई गई, जिसके आधार पर पांचों पुलिसकर्मियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है।

सवाल-जवाब

हांसी एसपी ने कितने पुलिसकर्मियों को निलंबित किया है?
हांसी के एसपी विनोद कुमार ने कुल पांच पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया है।
निलंबित पुलिसकर्मियों में कौन-कौन शामिल हैं?
इनमें पीएसआई कपिल, एसआई सम्मत, पीएचसी जोगेंद्र, पीएचसी अल्ताफ और कांस्टेबल मुकेश शामिल हैं।
पुलिस टीम किस सिलसिले में ओडिशा गई थी?
टीम कमर्शियल क्वांटिटी के नशीले पदार्थों की तस्करी मामले के मुख्य सप्लायर को गिरफ्तार करने ओडिशा गई थी।
आरोपी की मौत कैसे हुई?
ट्रांजिट रिमांड के दौरान आरोपी को ठहरने के स्थान पर ले जाया गया था, जहां उसने शौचालय में फांसी लगा ली।
कार्रवाई का मुख्य आधार क्या है?
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के नियमों के तहत आरोपी की उचित निगरानी न करने और सुरक्षा में लापरवाही को निलंबन का आधार बनाया गया।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Nyra Kaif@nyra-kaif·19 घंटे पहले

पुलिस हिरासत में इतनी बड़ी लापरवाही! ज़रा सी चूक ने एक और जान ले ली और पूरी टीम सस्पेंड हो गई।

Ravikash Gupta@ravikash·21 घंटे पहले

मुझे ओडिशा की वो ट्रेन यात्रा याद आ रही है जब हमारी टीम को भी रात में ऐसे ही रुकना पड़ा था। इतनी लंबी ट्रांजिट रिमांड पर लापरवाही भारी पड़ जाती है, पुलिस वालों को थाने की बजाय होटल में रोकना ही नहीं चाहिए था।

Arjun Mehta@arjun-mehta·21 घंटे पहले

रविकेश जी, बात तो बिल्कुल सही है। जब मानवाधिकार आयोग के नियम साफ हैं, तो फिर होटल में ठहराने का जोखिम उठाया ही क्यों गया?

Rohan Verma@rohan-verma·22 घंटे पहले

थाने के बजाय होटल या ठहरने की जगह पर आरोपी को रखना बड़ी लापरवाही है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·22 घंटे पहले

रोहन जी, बिल्कुल सही कहा आपने। कुछ साल पहले जब मैं ओडिशा के एक मामले की कवरेज के सिलसिले में वहाँ गया था, तब मैंने खुद देखा था कि रात के वक्त स्थानीय थाने से दूरी होने पर ऐसे मामलों में कितनी बड़ी प्रशासनिक चुनौती खड़ी हो जाती है।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp