गुवाहाटी के बोरा सर्विस इलाके में स्थित होटल बिलास इन में पांच लोगों की गोली मारकर हत्या करने के मामले में मुख्य आरोपी घनकांत गोगोई को अदालत ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। सात दिनों की पुलिस कस्टडी की अवधि समाप्त होने के बाद 34 वर्षीय कारोबारी गोगोई को 3 नवंबर को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया था। जांच अधिकारियों ने पूछताछ के लिए उसकी रिमांड बढ़ाने की मांग नहीं की, जिसके बाद अदालत ने उसे जेल भेजने का आदेश दिया।
लीज विवाद और खूनी संघर्ष की पृष्ठभूमि
जांच में सामने आया है कि इस घातक गोलीबारी की जड़ें होटल के लीज अनुबंध और उसके संचालन को लेकर उपजे गंभीर विवाद से जुड़ी हैं। भराली परिवार ने 10 सितंबर 2025 को अपने होटल परिसर को पांच वर्षों की अवधि के लिए गोगोई को पट्टे पर दिया था। इस सौदे के तहत करीब 1.8 लाख रुपये का मासिक किराया तय किया गया था। हालांकि, संपत्ति में गोगोई द्वारा नवीनीकरण कार्य कराए जाने के बाद दोनों पक्षों के बीच खींचतान शुरू हो गई। यह तनातनी मुख्य रूप से होटल के उपयोग के तरीके और वहां उपलब्ध सुविधाओं को लेकर थी।
इसी गतिरोध को सुलझाने के उद्देश्य से 26 अक्टूबर को होटल परिसर के भीतर दोनों पक्षों की एक साझा बैठक रखी गई थी। औपचारिक बातचीत शुरू होने से पहले ही दोनों पक्षों में तीखी बहस छिड़ गई। कुछ ही देर में यह विवाद हाथापाई में बदल गया और देखते ही देखते गोगोई पर छह लोगों पर अंधाधुंध गोलियां चलाने का आरोप लगा।
मृतकों की पहचान और घायल की स्थिति
इस गोलीबारी में जान गंवाने वालों में होटल के सह-मालिक भराली परिवार के चार सदस्य और उनका एक कर्मचारी शामिल था। मृतकों की पहचान 58 वर्षीय सह-मालिक हेलेना भराली, उनके 65 वर्षीय भाई भूदेव भराली, हेलेना के 39 वर्षीय बेटे देबर्षि कश्यप, उनकी 30 वर्षीय बहू रिनिका कश्यप और परिवार के 48 वर्षीय कर्मचारी नारायण दास के रूप में हुई है।
हमले के समय वहां मौजूद परिवार के निजी चालक सत्येंद्र पाठक को भी गोली लगी थी, लेकिन वह इस जानलेवा हमले में बचने में सफल रहे और उनका उपचार किया गया।
एसआईटी का गठन और क्राइम सीन का पुनर्निर्माण
गोलीबारी की घटना के एक घंटे के भीतर ही पुलिस ने आरोपी गोगोई को हिरासत में ले लिया था। तलाशी के दौरान वारदात में कथित तौर पर इस्तेमाल की गई एक लाइसेंसी.32-बोर पिस्तौल भी बरामद कर ली गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए संयुक्त पुलिस आयुक्त अंकुर जैन की अगुवाई में छह सदस्यीय विशेष जांच दल यानी एसआईटी गठित किया गया। यह विशेष टीम फॉरेंसिक सुबूतों, प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों और घटना से जुड़ी तमाम कड़ियों की पड़ताल कर रही है।
जांच प्रक्रिया के तहत 2 नवंबर को पुलिस दल गोगोई को लेकर कड़ी सुरक्षा के बीच होटल बिलास इन पहुंचा, जहां अपराध स्थल का पुनर्निर्माण कराया गया। पूरे घटनाक्रम का हूबहू क्रम समझने के लिए डमी शवों और एक डमी हथियार का सहारा लिया गया। इसके अतिरिक्त जांचकर्ताओं ने इस्तेमाल की गई पिस्तौल का आर्म्स लाइसेंस भी जब्त कर लिया है और गोगोई की पत्नी जुनमोनी गोगोई से भी विस्तृत पूछताछ की गई है। एक ही परिवार के चार सदस्यों समेत पांच लोगों की जान जाने से शहर भर में गहरा रोष और चिंता देखी जा रही है।























