ओडिशा के पावन तीर्थ क्षेत्र पुरी में भगवान जगन्नाथ की पवित्र जन्मवेदी के रूप में विख्यात श्री गुंडिचा मंदिर के कपाट छह साल के लंबे अंतराल के बाद सोमवार को आम श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए पुनः खोल दिए गए। वर्ष 2020 में कोरोना महामारी के प्रसार के समय एहतियात के तौर पर इस मंदिर में आम जन के प्रवेश पर रोक लगाई गई थी। इतने वर्षों तक इस पावन स्थल के फिर से खुलने की राह देख रहे भक्तों के लिए सोमवार का दिन अत्यधिक आध्यात्मिक महत्व और श्रद्धा से परिपूर्ण रहा। मंदिर के पट खुलते ही सुबह से ही दर्शनार्थियों का तांता लग गया, जिससे समूचा परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर नजर आया।
वैदिक अनुष्ठानों के साथ सुबह 7:45 बजे हुआ प्रवेश
मंदिर के द्वार आम जनता के लिए खोलने से पहले पुजारियों और सेवायतों द्वारा पारंपरिक विधि-विधान से विशेष पूजा-अर्चना एवं धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए गए। समस्त धार्मिक प्रक्रियाओं के विधिवत पूरा होने के उपरांत सुबह करीब 7:45 बजे भक्तों को मंदिर के भीतर जाने की अनुमति दी गई। इस ऐतिहासिक और भावुक अवसर पर श्रीमंदिर के मुख्य प्रशासक भी श्रद्धालुओं के साथ मंदिर परिसर में उपस्थित रहे। कपाट खुलते ही पहले दिन हजारों भक्तों ने कतारबद्ध होकर महाप्रभु जगन्नाथ की जन्मवेदी के सामने शीश नवाया और दर्शन लाभ प्राप्त किया।
शुरुआती तीन दिनों तक निशुल्क दर्शन, बाद में लगेगा 10 रुपये का टिकट
प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रवेश नियमों का स्पष्ट निर्धारण किया गया है। मंदिर खुलने के शुरुआती 3 दिनों तक सभी श्रद्धालुओं को पूरी तरह निशुल्क प्रवेश दिया जा रहा है। इन तीन दिनों की अवधि समाप्त होने के पश्चात मंदिर में प्रवेश करने वाले प्रत्येक व्यक्ति के लिए 10 रुपये का एक सामान्य टिकट अनिवार्य रूप से लागू किया जाएगा। प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह मामूली शुल्क व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखने के उद्देश्य से तय किया गया है ताकि किसी भी दर्शनार्थी को परिसर के अंदर असुविधा का सामना न करना पड़े।
श्रीमंदिर के मुख्य प्रशासक अरविंद कुमार पाढ़ी ने इस अवसर पर कहा कि श्री गुंडिचा मंदिर भगवान जगन्नाथ की परंपरा और आस्था से जुड़ा अत्यंत पावन स्थल है, जिसे श्रद्धालु उनकी जन्मवेदी के रूप में पूजते हैं। उन्होंने बताया कि लंबे व्यवधान के बाद मंदिर को आम जनता के लिए पुनः खोला गया है, जिससे अब पुरी की पावन धरती पर आने वाले सभी तीर्थयात्रियों को यहां दर्शन का सौभाग्य प्राप्त हो सकेगा। प्रशासन ने परिसर में दर्शनार्थियों को एक व्यवस्थित, शांत और सुखद अनुभव प्रदान करने के लिए व्यापक प्रबंध किए हैं।
सिंहद्वार पर सुरक्षा के कड़े प्रबंध
तीर्थयात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन, मंदिर प्रबंधन और पुलिस महकमे ने मिलकर सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम आवागमन को लेकर पुरी के पुलिस अधीक्षक (SP) प्रतीक सिंह ने कहा, “पवित्र गुंडिचा मंदिर को अब श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया है और सुरक्षा के सभी आवश्यक प्रबंध चाक-चौबंद किए गए हैं। श्रद्धालु टिकट लेकर सिंहद्वार से मंदिर के अंदर प्रवेश करेंगे और सिंहद्वार पर निगरानी के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।”
लंबे समय से बंद रहने के बाद मंदिर के कपाट दोबारा खुलने से मंदिर के सेवायतों और स्थानीय निवासियों सहित देश भर से आए श्रद्धालुओं में भारी हर्ष और उत्साह का संचार हुआ है। आगामी त्योहारों के समय से ठीक पहले गुंडिचा मंदिर का पुनः खुलना पुरी के धार्मिक परिवेश और पर्यटन दोनों के लिहाज से एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।













