पारादीप: अधिकारियों ने इस बात की जानकारी दी है कि शनिवार के दिन ओडिशा के पारादीप तट से लगभग 240 नॉटिकल मील की दूरी पर बंगाल की खाड़ी के भीतर पनामा के झंडे वाला एक कार्गो शिप डूब गया। इस पोत के ऊपर कुल 24 क्रू मेंबर सवार थे और यह जलयान ओडिशा से लौह अयस्क लेकर सिंगापुर की तरफ रवाना हुआ था। इस दुर्घटना के सामने आने के बाद भारतीय तटरक्षक बल और भारतीय नौसेना ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए बड़े पैमाने पर बचाव अभियान शुरू कर दिया है।
मामले की जानकारी देते हुए एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी ने बताया कि अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि कितने नाविकों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सका है। उन्होंने साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि इस पोत पर मौजूद क्रू मेंबर में से ज़्यादातर लोग चीनी मूल के थे। संकट की इस घड़ी में राहत और बचाव कार्यों को गति देने के उद्देश्य से इस समुद्री क्षेत्र के आसपास आवाजाही कर रहे अन्य जहाजों को भी पूरी तरह से सतर्क कर दिया गया है। अधिकारी ने बताया कि यह दुर्घटनाग्रस्त जहाज शुक्रवार को ही ओडिशा के तट से अपनी यात्रा पर निकला था।
सोमालिया के पास छह भारतीयों के अपहरण का मामला
समुद्र में घटित हुई एक अन्य बड़ी घटना के तहत, सोमालिया के पास एक अलग कार्गो पोत से छह भारतीय नागरिकों के अपहरण का मामला भी सामने आया है। स्थानीय सोमाली अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, इस हफ्ते की शुरुआत में सोमालिया के पुंटलैंड तट के करीब समुद्री लुटेरों ने कैमरून के झंडे वाले एक मालवाहक जहाज को अपने कब्जे में ले लिया, जिसके 10 सदस्यीय दल में छह भारतीय भी शामिल थे। पोलर मूवमेंट शिपिंग के स्वामित्व वाले इस जहाज M/V LUTUF को सोमवार के दिन पुंटलैंड के इयल जिले के मर्राया से लगभग 3.5 नॉटिकल मील की दूरी पर जबरन रोक लिया गया और इसके बाद इसे नुगाल तट की तरफ ले जाया गया।
इस जहाज पर भारी मात्रा में तुर्की के हथियार, कम्युनिकेशन और सैटेलाइट उपकरण लादे गए थे, जिन्हें कथित तौर पर मोगादिशू में स्थित तुर्की के मिलिट्री ट्रेनिंग सेंटर तक पहुंचाया जाना था। एपी की रिपोर्ट के हवाले से अधिकारियों ने बताया कि इस क्रू के भीतर छह भारतीय नागरिकों के अलावा एक तुर्की नागरिक, एक जॉर्जियाई नागरिक और दो सर्बियाई सुरक्षा गार्ड भी अपनी सेवाएं दे रहे थे।
समुद्री लुटेरों की गतिविधियां और सैन्य निगरानी
जांच में यह बात भी सामने आई है कि इस घटना को अंजाम देने वाले आठ समुद्री लुटेरे 26 अप्रैल को हुए M/V Sward के अपहरण मामले में सक्रिय रहे गिरोह से ही जुड़े हुए थे। मिली जानकारी के अनुसार, ये लुटेरे अपहृत जहाज को पुंटलैंड के डंगोरोयो जिले में गरमाल के करीब समुद्र तट की तरफ खींच ले गए थे। इस गंभीर स्थिति से निपटने के लिए तुर्की के दो युद्धपोत अपहृत जहाज के पास पहुंच गए, जबकि तुर्की के लड़ाकू हेलीकॉप्टरों और ड्रोनों ने पूरे इलाके की कड़ी निगरानी जारी रखी।





















