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पहाड़ों पर बारिश का कहर: शिमला में हाइड्रो प्रोजेक्ट क्षतिग्रस्त, कांगड़ा में मकान ढहने से 106 वर्षीय बुजुर्ग की मौत और कुल्लू में एनएच-305 ठपहिमाचल प्रदेश
2 सित॰ 2026, 11:12 am (20 दिन पहले)· 1

पहाड़ों पर बारिश का कहर: शिमला में हाइड्रो प्रोजेक्ट क्षतिग्रस्त, कांगड़ा में मकान ढहने से 106 वर्षीय बुजुर्ग की मौत और कुल्लू में एनएच-305 ठप

हिमाचल प्रदेश में बीते 48 घंटों से जारी मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है, जिसमें कांगड़ा में मकान की छत गिरने से 106 वर्षीय बुजुर्ग महिला की जान चली गई। शिमला के रामपुर में फ्लैश फ्लड के चलते हाइड्रो प्रोजेक्ट क्षतिग्रस्त हो गया है, जबकि कुल्लू और सिरमौर जिलों में प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग एवं सड़कों पर आवाजाही ठप हो गई है।

हिमाचल प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में पिछले 48 घंटों से हो रही अनवरत और भीषण बारिश ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। पहाड़ी ढलानों पर हुए भूस्खलन और नदी-नालों में आए उफान से राज्य के बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है। शिमला जिले के रामपुर क्षेत्र में अचानक आई फ्लैश फ्लड के कारण एक जलविद्युत परियोजना क्षतिग्रस्त हो गई है। वहीं, कांगड़ा जिले में बारिश की वजह से एक कच्चे मकान की छत ढहने से 106 वर्षीय बुजुर्ग महिला की मलबे में दबकर दुखद मौत हो गई। इसके अलावा, कुल्लू और सिरमौर जिलों में प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों पर पत्थरों और मलबे के गिरने से यातायात पूरी तरह बाधित हो गया है। मौसम विज्ञान केंद्र ने आने वाले समय में भी राज्य भर में भारी बारिश की चेतावनी जारी रखी है।

रामपुर में फ्लैश फ्लड से हाइड्रो प्रोजेक्ट को नुकसान

शिमला जिले के रामपुर उपमंडल के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत कूट और सुरू गांव से होकर गुजरने वाली स्थानीय खड्ड में मंगलवार शाम को अचानक जलस्तर अत्यधिक बढ़ गया। भारी बारिश के बाद उफान पर आई इस खड्ड ने भयंकर रूप धारण कर लिया और आसपास के इलाकों में तबाही मचा दी। खड्ड के तेज बहाव की चपेट में आने से स्थानीय पावर प्रोजेक्ट की पाइपलाइन को भारी नुकसान पहुंचा है। प्राथमिक विवरणों के अनुसार, हाइड्रो प्रोजेक्ट की इंटेक संरचना पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है, जिससे परियोजना का संचालन प्रभावित हुआ है। इसके अतिरिक्त, सुरू गांव के निकट निर्मित फुटब्रिज भी पानी के प्रचंड वेग में बहकर क्षतिग्रस्त हो गया है। जलस्तर में इस अप्रत्याशित वृद्धि और तीव्र धाराओं के कारण पूरे क्षेत्र में स्थानीय निवासियों की आवाजाही पर गंभीर संकट पैदा हो गया है।

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कांगड़ा में 106 वर्षीय महिला का दुखद अंत

बारिश के चलते राज्य के कांगड़ा जिले से एक दुखद हादसा सामने आया है। साम्बा ग्राम पंचायत के वार्ड नंबर-2 में सोमवार देर रात को स्लेटपोश छत वाला एक पुराना कच्चा मकान ढह गया। इस हादसे में 106 वर्षीय बुजुर्ग महिला लछि देवी, पत्नी स्वर्गीय मंगत राम, की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के समय लछि देवी अपने पुराने कच्चे मकान में अकेली सो रही थीं। जानकारी के मुताबिक, उनके तीन बेटे थे, जिनमें से एक बेटे का पूर्व में ही निधन हो चुका है। उनके दो अन्य बेटे, चूड़ामणि नाग और राज कुमार नाग, ने कच्चे मकान के ठीक पास अपना अलग पक्का मकान बना रखा है और वे वहीं रहते हैं। अचानक मकान गिरने की इस घटना से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।

कुल्लू और सिरमौर में राजमार्ग और सड़कें बंद

पहाड़ों पर हो रही निरंतर बारिश का असर राज्य के सड़क परिवहन पर भी पड़ा है। कुल्लू जिले के आनी उपमंडल में बारिश के बाद पालीगाड़ कोट के समीप स्थिति बिगड़ गई और फेडल नाला उफान पर आकर सीधे सड़क पर बहने लगा। इसके चलते रामपुर-लूहरी-ऑट राष्ट्रीय राजमार्ग 305 (NH-305) पूरी तरह बंद हो गया है, जिससे इस मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं और यात्रियों तथा स्थानीय लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उधर, सिरमौर जिले में नाहन-श्री रेणुका जी मार्ग पर नेहली के पास पहाड़ियों से भारी चट्टानें गिर जाने के कारण यातायात ठप हो गया। प्रशासनिक टीमों द्वारा मार्ग को खोलने का कार्य जारी है और इसे शाम तक पूरी तरह बहाल किए जाने की संभावना जताई गई है।

बिलासपुर के नैना देवी में दर्ज हुई रिकॉर्ड बारिश

मौसम विज्ञान केंद्र शिमला द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में बीते 12 घंटों के दौरान बिलासपुर जिले के नैना देवी क्षेत्र में सबसे अधिक 186.6 मिमी मूसलाधार बारिश दर्ज की गई है। इसके अलावा मलरौन में 140.0 मिमी, कसौली में 102.0 मिमी, घाघस में 99.0 मिमी, नगरोटा सूरियां में 98.2 मिमी, सलापड़ में 81.2 मिमी और काहू में 77.6 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। शिमला और मंडी जिलों में भी जमकर पानी बरसा है। बुधवार को पूरे राज्य में बादल छाए हुए हैं और मौसम विभाग ने राज्य के कई हिस्सों में भारी वर्षा का अलर्ट जारी रखते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।

सवाल-जवाब

कांगड़ा जिले में हुए मकान ढहने के हादसे में किसकी मृत्यु हुई?
कांगड़ा जिले की साम्बा ग्राम पंचायत में सोमवार देर रात स्लेटपोश कच्चा मकान गिरने से 106 वर्षीय बुजुर्ग महिला लछि देवी की मौत हो गई।
शिमला के रामपुर में किस हाइड्रो प्रोजेक्ट को नुकसान पहुंचा है?
रामपुर की कूट-सुरू खड्ड में आई फ्लैश फ्लड के कारण जलविद्युत परियोजना की इंटेक संरचना और पाइपों को भारी क्षति पहुंची है।
कुल्लू जिले में कौन सा राष्ट्रीय राजमार्ग बंद हो गया है?
कुल्लू के आनी उपमंडल में फेडल नाला सड़क पर बहने के कारण रामपुर-लूहरी-ऑट राष्ट्रीय राजमार्ग 305 (NH-305) बंद हो गया है।
पिछले 12 घंटों में हिमाचल में सबसे अधिक बारिश कहां दर्ज की गई?
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार बिलासपुर जिले के नैना देवी क्षेत्र में सबसे अधिक 186.6 मिमी वर्षा दर्ज की गई।
सिरमौर जिले में कौन सा मार्ग बाधित हुआ है?
सिरमौर जिले में नेहली के पास पहाड़ी से चट्टानें गिरने के कारण नाहन-श्री रेणुका जी मार्ग बंद हो गया है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Rohan Verma@rohan-verma·19 दिन पहले

हिमाचल प्रदेश में लगातार बारिश से उपजी यह आपदा बुनियादी ढांचे और ग्रामीण सुरक्षा की गहरी कमजोरी को उजागर करती है। रामपुर में हाइड्रो प्रोजेक्ट की क्षति और कुल्लू में एनएच-305 का ठप होना पर्वतीय क्षेत्रों में आपदा प्रबंधन की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े करता है। ऐसे संवेदनशील इलाकों में अनियंत्रित जल प्रवाह और पुराने कच्चे मकानों की सुरक्षा के लिए दीर्घकालिक एवं मजबूत प्रशासनिक नीति की तत्काल आवश्यकता है, ताकि भविष्य में इस तरह की जनहानि और आर्थिक नुकसान को रोका जा सके।

Karan Malhotra@karan-malhotra·19 दिन पहले

इस आपदा में बुनियादी ढांचे की कमजोरी के साथ-साथ हमारी प्रशासनिक निवारक प्रणाली की असल परीक्षा होती है। जब प्राकृतिक मार्ग अवरुद्ध होते हैं और परियोजनाओं को क्षति पहुंचती है, तो जांच एजेंसियों को यह परखना होगा कि क्या पर्यावरण कानूनों और सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन हुआ था या नहीं। ऐसे क्षेत्रों में संवेदनशील जोन्स की मैपिंग और त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र को मजबूत करना अब अनिवार्य हो चुका है ताकि हर मानसून में होने वाली इस तबाही को कानूनी और सुरक्षात्मक उपायों के जरिए रोका जा सके।

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