राजस्थान के कोटा जिले में परिजनों के दबाव और रिश्ते को स्वीकार न किए जाने से आहत दो युवतियों द्वारा एक साथ जहरीला पदार्थ निगलने की गंभीर घटना सामने आई है। हालत बिगड़ने पर दोनों को तुरंत कोटा के एमबीएस अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज चल रहा है। शुरुआती विवरण के मुताबिक, दोनों युवतियों के बीच लंबे समय से संबंध हैं और वे हमेशा एक-दूसरे के साथ जिंदगी बिताना चाहती हैं। हालांकि, उनके परिवारों को यह फैसला कतई मंजूर नहीं था और उन पर एक-दूसरे से पूरी तरह अलग होने का लगातार दबाव डाला जा रहा था।
घर छोड़कर दूसरे शहर में बिताए कई महीने
युवतियों का आरोप है कि परिजन किसी भी सूरत में उन्हें साथ रहने की इजाजत देने को तैयार नहीं थे। परिवारों की ओर से बनाए जा रहे भारी मानसिक दबाव और अलग करने की कोशिशों से तंग आकर दोनों कई महीने पहले अपने घरों से निकल गई थीं। वे अपने परिवार से दूर किसी दूसरे शहर में जाकर साथ रहने लगी थीं। महीनों तक बाहर रहकर साथ वक्त गुजारने के बाद वे दोनों कोटा पहुंची थीं। कोटा आने के बाद दोनों ने कथित रूप से यह खतरनाक आत्मघाती कदम उठाने का फैसला कर लिया।
कोटा पहुंचते ही बिगड़ी तबीयत, तुरंत अस्पताल में भर्ती
कोटा पहुंचने के बाद दोनों ने किसी समय जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया। जहर का असर शुरू होते ही दोनों की शारीरिक स्थिति तेजी से बिगड़ने लगी। जैसे ही आसपास के लोगों या संबंधित लोगों को इस बात की खबर लगी, तुरंत उन्हें नजदीकी एमबीएस अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल के आपातकालीन वार्ड में चिकित्सकों की टीम दोनों की सेहत पर लगातार नजर बनाए हुए है। फिलहाल अस्पताल प्रशासन की ओर से दोनों की ताजा शारीरिक स्थिति और मेडिकल जांच रिपोर्ट को लेकर कोई विस्तृत बुलेटिन जारी नहीं किया गया है।
सिमलिया थाना पुलिस ने शुरू की गहन जांच
घटना की सूचना मिलते ही सिमलिया थाने की पुलिस टीम हरकत में आई और एमबीएस अस्पताल पहुंचकर मामले का जायजा लिया। पुलिस अधिकारियों ने युवतियों के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, ताकि घटना के असल कारणों की तह तक पहुंचा जा सके। जांच दल यह समझने की कोशिश कर रहा है कि कोटा पहुंचने के बाद आखिर किन हालात में दोनों को इतना बड़ा कदम उठाने पर मजबूर होना पड़ा।
पुलिस अधिकारी दोनों युवतियों के पिछले कई महीनों के संपर्कों, उनके ठहरने के ठिकानों और यात्रा के विवरण की भी पड़ताल कर रहे हैं। जांच प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए पुलिस दोनों परिवारों से भी संपर्क साधने की तैयारी में है ताकि पारिवारिक तनाव और विवाद के पहलुओं को समझा जा सके। अधिकारियों का कहना है कि युवतियों के औपचारिक बयानों और मौके से मिलने वाले सभी साक्ष्यों के आधार पर ही कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।
























